फ़्रांस के 'जंगल' में प्रवासी और पुलिस भिड़े

काले कैंप इमेज कॉपीरइट Getty

फ़्रांस के काले क्षेत्र में प्रवासियों के लिए बने अस्थायी शिविरों को तोड़े जाने पर पुलिस और प्रवासियों में संघर्ष शुरू हो गया.

इसके बाद दंगा नियंत्रण पुलिस ने आंसू गैस छोड़ना शुरू किया तो प्रवासियों ने शिविर के अंदर से पत्थरबाज़ी शुरू कर दी.

'जंगल' के नाम से मशहूर इस इलाक़े में संघर्ष में क़रीब 12 झोपड़ियों में आग लगा दी गई. फ्रांस सरकार प्रवासियों को स्वागत केंद्रों में स्थानांतरित करने की योजना बना रही है.

इमेज कॉपीरइट Getty

प्रवासी कैंप में मुख्य रूप से मध्य पूर्व, अफगानिस्तान और अफ़्रीका से आए प्रवासी रह रहे हैं. ये लोग यूरोटनल के ज़रिए इंग्लिश चैनल पार कर ग़ैरक़ानूनी ढंग से ब्रिटेन में घुसने की कोशिश करते हैं.

इमेज कॉपीरइट AFP

सरकार इन लोगों को आधिकारिक आवास में जाने के लिए प्रोत्साहित कर रही है. इन्हें शिपिंग कंटेनरों में थोड़ा बदलाव कर तैयार किया गया है. लेकिन ज़्यादातर लोगों ने सरकार की इस पेशकश को ठुकरा दिया है.

इमेज कॉपीरइट AP

उन्हें इस बात का डर है कि उन्हें फ़्रांस में शरण लेने का दावा करने और अपना फिंगरप्रिंट देने के लिए मज़बूर किया जाएगा. इस वजह से उनका ब्रिटेन जाने का सपना टूट सकता है, हालांकि अब भी यह साफ़ नहीं है कि बेदख़ल किए गए सैंकड़ों लोग अब कहां जाएंगे.

अधिकारियों का कहना है कि अस्थायी कैंपों को खाली कराने से क़रीब एक हज़ार प्रवासियों पर असर पड़ेगा, हालांकि सहायता एजेंसियों का मानना है कि यह तादाद ज़्यादा हो सकती है.

इमेज कॉपीरइट AP

फ़्रांसीसी अधिकारियों ने इन जगहों को खाली कराने की प्रक्रिया को एक 'मानवीय अभियान' बताया.

फ़्रांस और ब्रिटेन में प्रवासी शिविरों का विस्तार एक विवादास्पद मुद्दा बन गया है.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

संबंधित समाचार