दो लाख डॉलर के पुरस्कार के ईमेल को स्पैम समझा..

  • 3 मार्च 2016
हेलन गार्नर इमेज कॉपीरइट TEXT PUBLISHING

ऑस्ट्रेलिया की लेखिका हेलन गार्नर ने येल यूनिवर्सिटी के उस ईमेल को 'स्पैम' (रद्दी) ईमेल समझ लिया था जिसमें उन्हें 207,000 ऑस्ट्रेलियाई डॉलर का साहित्य पुरस्कार दिए जाने की सूचना मिली थी.

ऑस्ट्रेलियन ब्रॉडकास्टिंग कॉर्पोरेशन से हेलन ने कहा, "मैंने सोचा कि ये क्या है, कोई मेरे साथ मज़ाक कर रहा है."

वो इस ईमेल को डिलीट करने वाली थीं लेकिन फिर उन्होंने सोचा की अपने प्रकाशक से बात की जाए. तब उन्हें पता चला कि विंडेम-कैम्पबेल पुरस्कार एक असली अवार्ड है जो बेहतरीन साहित्य के लिए दिया जाता है.

हेलन गार्नर ने कहा कि जब उन्हें पता चला कि ये ईमेल धोखाधड़ी नहीं है तो उन्हें विश्वास ही नहीं हुआ.

73 वर्षीय हेलन गार्नर ने कई उपन्यास, स्क्रीनप्ले और ऑस्ट्रेलियाई साहित्य की क्लासिक समझी जाने वाली 1977 की 'मंकी ग्रिप' लिखी है.

उन्हें साहित्य के क्षेत्र में अब तक के अपने योगदान के लिए ये पुरस्कार दिया गया है.

इस पुरस्कार की चयन प्रक्रिया में शामिल लखकों को इसकी जानकारी नहीं दी जाती है.

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