तालिबान ने अफ़ग़ान शांतिवार्ता से मना किया

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तालिबान का कहना है कि जब तक अंतरराष्ट्रीय बलों की वापसी नहीं होगी, वे अफ़ग़ान सरकार के साथ नई शांति वार्ता में शामिल नहीं होंगे.

पाकिस्तान में अगले हफ्ते तालिबान के साथ अफ़ग़ानिस्तान, पाकिस्तान, चीन और अमरीका की सीधी बातचीत शुरू होने की संभावना है.

दोनों पक्षों के बीच शांति वार्ता बीते साल से थमी हुई है.

वर्ष 2001 में सत्ता से अपदस्थ किए जाने के बाद से ही तालिबान ने अफ़ग़ान सरकार की नाक में दम कर रखा है.

इस्लामाबाद में मौजूद बीबीसी संवाददाता शाइमा ख़लील का कहना है कि अफ़ग़ान सेना अमरीकी हवाई मदद के बावजूद तालिबान से जूझती रही है.

अमरीका ने तालिबान के ठिकानों पर हवाई हमले भी किए हैं जिसके बारे में तालिबान का कहना है कि बातचीत के लिए हवाई हमले बंद करना ज़रूरी है.

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