पाकिस्तान ने मांगे मुंबई हमले के गवाह

मुंबई हमला

समाचार एजेंसी पीटीआई ने ख़बर दी है कि पाकिस्तान ने भारत से कहा है कि वह मुंबई हमलों के सभी 24 गवाहों को आतंकवाद निरोधी अदालत के सामने पेश होने के लिए पाकिस्तान भेजे.

मुंबई के कई जगहों पर 26 नवंबर 2008 को हुए चरमपंथी हमलों में 166 लोग मारे गए थे. इसके अलावा नौ चरमपंथी भी मारे गए थे. एक चरमपंथी अजमल कसाब पकड़ा गया था, जिसे कोर्ट ने मौत की सज़ा दी.

प्रमुख अभियोजनकर्ता चौधरी अज़हर ने पीटीआई से कहा, "विदेश मंत्रालय ने भारत को ख़त लिख कर कहा है कि वह मुंबई हमला मामले में बयान रिकॉर्ड कराने के लिए गवाहों को भेजे."

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Image caption ज़कीउर रहमान लखवी, कमांडर, लश्कर-ए-तैयबा

उन्होंने कहा कि आंतकवाद निरोधी अदालत ने इस्लामाबाद में पहले ही पाकिस्तानी गवाहों के बयान दर्ज कर लिए हैं. इस मामले में पाकिस्तान में छह साल से मुक़दमा चल रहा है.

चौधरी ने कहा, "अब गेंद भारत के पाले में है. भारत सरकार को चाहिए कि वह गवाहों को पाकिस्तान भेजे ताकि मुक़दमे की सुनवाई आगे बढाई जा सके."

यह अदालत मुंबई हमलों के मामले में लश्कर-ए-तैयबा कमांडर ज़कीउर रहमान लखवी समेत सात अभियुक्तों की सुनवाई कर रही है. इसने बीते महीने संघीय जांच एजेंसी से कहा कि वह सभी भारतीय गवाहों को अदालत में पेश करे.

अदालत ने यह भी कहा कि अजमल कसाब और दूसरे चरमपंथियों ने जिस नाव का इस्तेमाल किया था, उसे पाकिस्तान लाया जाए और उसकी जांच की जाए.

इसके पहले पाकिस्तानी न्यायिक आयोग के आठ सदस्यों ने भारत का दौरा किया था.

लखवी दिसंबर 2014 में ज़मानत पर छूट गए. दूसरे छह अभियुक्त अडियाला जेल में बीते छह महीनों से बंद हैं.

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