'इसराइल को देखते हुए ईरान ने मिसाइल परीक्षण किए'

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मंगलवार की रात ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने कई मिसाइल टेस्ट किए. क़द्र-एच और क़द्र-एफ़ नाम की मिसाइल तो दो हज़ार किलोमीटर की मारक क्षमता रखती हैं.

ईरान के उत्तर में स्थित अल्बोर्ज़ पहाड़ियों के दर्रों से प्रक्षेपित इन मिसाइलों पर हिब्रू भाषा में इसराइल के ख़िलाफ़ सन्देश भी लिखा था कि "वक़्त के पन्ने से इसराइल को मिटना ही होगा."

मिसाइल टेस्ट के बाद गार्ड्स कमांडर अमीर अली हाजीज़ादे ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा- "इन मिसाइलों की मारक क्षमता 2,000 किलोमीटर दूर अपने दुश्मनों यानी इसराइल की ख़ातिर रखी गई है ताकि उनका हर कोना हमारी मिसाइलों का लक्ष्य बन सके."

रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के उप प्रमुख हुसैन सलामी ने कहा कि ये मिसाइलें मित्र मुस्लिम राष्ट्रों को सुरक्षा और शक्ति प्रदान करेंगी और इस्लाम के दुश्मनों के लिए ईरानी रक्षा शक्ति का प्रदर्शन करेंगी.

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पश्चिमी देशों के साथ हाल ही में हुए परमाणु समझौते में कहा गया था कि ईरान लम्बी दूरी तक मारक क्षमता वाली ऐसी मिसाइलें न बनाए, जिन्हें परमाणु प्रक्षेपात्र के रूप में इस्तेमाल किया जा सके.

ध्यान देने की बात है कि ईरान के मिसाइल कार्यक्रम पर सरकार का कोई नियंत्रण नहीं है, क्योंकि रेवोल्यूशनरी गार्ड्स की गतिविधियां ईरानी सर्वोच्च धर्मगुरु आयतुल्लाह ख़ामेनई की निगरानी में ही होती हैं.

ईरानी समाचार पत्र जवान ने लिखा कि "यदि दुश्मन इस मुगालते में जी रहे थे कि परमाणु समझौते के बाद, दुश्मन हमारी प्रतिरक्षा क्षमता पर अंकुश लगा देगा तो कल के मिसाइल टेस्ट ने आकाश पर यह सन्देश लिख दिया कि यह आपकी खाम ख़याली है."

हालांकि अमरीका ने ईरानी मिसाइल टेस्ट को ख़तरनाक़ बताया है और कहा कि यदि यह सामरिक गतिविधि परमाणु समझौते का उल्लंघन करती साबित हुई तो इस मसले को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में उठाया जाएगा.

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