रियो में गांधी की आंखों पर पट्टी!

  • 13 मार्च 2016
गांधी की मूर्ति इमेज कॉपीरइट Project Oraculo

ब्राज़ील के रियो द जिनेरो शहर में सैकड़ों मूर्तियों की आंखों पर लाल पट्टी बांध दी गई है.

ऐसा ब्राज़ील में गहराते राजनीतिक संकट के ख़िलाफ़ कलात्मक विरोध दर्ज कराने के किया गया है.

एक अज्ञात कलाकार ने कहा है कि वह नहीं चाहते थे कि ब्राज़ील के इतिहास में महत्व रखने वाली हस्तियां देश की शर्मनाक हालात की गवाह बनें.

महात्मा गांधी की मूर्ति भी रियो द जिनेरो की उन मूर्तियों में शामिल है, जिनकी आंखों पर पट्टी बांधी गई.

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Image caption ब्राज़ील में एविएशन क्षेत्र के पितामह माने जाने वाले अल्बर्तो सैन्टॉस ड्यूमॉन्ड की मूर्ति.

रियो द जिनेरो में सैकड़ों मूर्तियों में से एक ब्राज़ील के पूर्व राष्ट्रपति और पहले तानाशाह गुतेलियो वर्गास की है, जो ब्राज़ील में 1930 से 1945 के बीच सत्ता पर क़ाबिज़ रहे.

'प्रोजेक्ट ओरेक्यूलो' के तहत काम करने वाले कलाकार ने कहा कि वह बताना चाहते हैं कि विरोध प्रदर्शन सिर्फ़ सड़कों पर नहीं किया जाता.

ब्राज़ील में बजट और अर्थव्यवस्था में गड़बड़ी की मांग को लेकर राष्ट्रपति दिल्मा रुएफ़ के इस्तीफ़े की मांग ज़ोर पकड़ रही है.

ब्राज़ील की अर्थव्यवस्था पिछले कई दशकों के सबसे बुरे दौर से गुज़र रही है.

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Image caption इज़ाबेल, प्रिंसेस इंपीरियल ऑफ़ ब्राज़ील की मूर्ति. इज़ाबेल ने स्वर्ण क़ानून पर हस्ताक्षर किए थे जिसके बाद 13 मई 1888 को ब्राज़ील में ग़ुलामों को आज़ादी दे दी गई थी.
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Image caption ब्राज़ील में तख़्तापलट के बाद सैनिक सरकार के पहले राष्ट्रपति हम्बर्तो दे अलेंकर कास्टेलो ब्रांको की मूर्ति.
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Image caption होसे मार्टिनिआनो दे एलेंकर, ब्राज़ील के महत्त्वपूर्ण रोमांटिक उपन्यासकार की मूर्ति.

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