झील की सफ़ाई 'जादुई दवा' से, निकला पानी

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Image caption पूर्व उप राष्ट्रपति रोक्साना बालदेत्ती

ग्वाटेमाला की पूर्व उप राष्ट्रपति रोक्साना बालदेत्ती को फ़र्जीवाड़े के एक मामले में सज़ा सुनाई गई है.

जज ने अमातीत्लान झील को साफ़ करने के लिए हुए फ़र्ज़ीवाड़े में बालदेत्ती को दोषी क़रार दिया है.

बालदेत्ती पर आरोप है कि उन्होंने झील साफ़ करने की जो योजना बनाई थी, उस पर लाखों ख़र्च तो हुए पर कोई नतीजा नहीं निकला.

उन्होंने जिस चीज़ का इस्तेमाल कर झील का पानी साफ़ करने का दावा किया था, वह दरअसल समुद्र का पानी था.

जज ने रोक्साना के भाई मारियो बालदेत्ती समेत 15 लोगों को सज़ा सुनाई है.

अमातीत्लान झील ग्वाटेमाला सिटी से 30 किलोमीटर दूर है. यह एक ज़माने में अमीर लोगों के लिए छुट्टियां मनाने की मशहूर जगह हुआ करती थी.

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गुज़रते वक़्त के साथ इसमें सीवर का गंदा पानी लगातार मिलता गया और झील प्रदूषित होती चली गई.

पिछले साल मार्च में बालदेत्ती ने कहा था कि उनके पास 'जादुई दवा' है जिसका इस्तेमाल कर वे झील की खोई हुई ख्याति उसे लौटा देंगी.

अभियोजन पक्ष का आरोप था कि बालदेत्ती ने इस फर्ज़ी योजना के बदले घूस ली थी. उन पर यह आरोप भी है कि उन्होंने अपने भाई मारियो को झील की सफ़ाई का ज़िम्मा सौंपा था.

बालदेत्ती ने सभी आरोप ख़ारिज कर दिए.

पर्यावरणविदों और अन्य नागरिक समूहों के दबाव के बाद उनकी योजना रद्द कर दी गई. लिहाज़ा, उनकी 'जादुई दवा' का कभी इस्तेमाल ही नहीं हुआ.

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इसके बाद सरकार पर भी दबाव बढ़ा और उसने पूरे मामले की जांच के आदेश दे दिए.

जांच के बाद पता चला कि जिस 'जादुई दवा' का दावा किया गया था, वह दरअसल समुद्री पानी था.

बालदेत्ती फ़िलहाल पूर्व राष्ट्रपति ओटो पेरेज़ मोलीना के साथ भ्रष्टाचार के आरोप में जेल में हैं.

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