लूला को चीफ़ ऑफ़ स्टाफ़ बनाने पर रोक

  • 18 मार्च 2016
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ब्राज़ील के पूर्व राष्ट्रपति लुइज़ इनेशियो लूला डि सिल्वा को राष्ट्रपति दिल्मा रुसेफ़ के नए चीफ़ ऑफ़ स्टाफ़ बनाने का रास्ता अदालत ने रोक दिया है.

लूलो को चीफ़ ऑफ़ स्टाफ़ बनाए जाने के कुछ ही घंटों बाद अदालत ने इस फ़ैसले पर रोक लगा दी.

सरकार ने कहा है कि वह अदालत के फ़ैसले के खिलाफ़ अपील करेगी.

लूला पर ब्राज़ील की सरकारी तेल कंपनी पेट्रोब्रास में भ्रष्टाचार के आरोप हैं.

उनकी नियुक्ति के बाद ब्राज़ील के कुछ शहरों में प्रदर्शन भी हुए.

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इस घोटाले से जुड़ी जांच को ऑपरेशन लावा जाटो (कार वॉश) कहा जाता है, जिसे मार्च 2014 में जज सर्गियो मोरो ने शुरू कराया था.

मगर रुसेफ़ का कहना है कि लूला की नियुक्ति की वजह उन्हें जांच से बचाना नहीं है.

उन्होंने कहा, "मेरी सरकार में लूला के आने से सरकार मज़बूत होगी और कई लोग ऐसे हैं, जो ऐसा नहीं चाहते."

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ब्राज़ील के क़ानून के मुताबिक़ केवल सुप्रीम कोर्ट में ही कैबिनेट सदस्यों से जुड़े मामले पेश किए जा सकते हैं.

क़रीब दो हफ़्ते पहले लूला से ऑपरेशन कार वॉश के सिलसिले में मनी लॉन्डरिंग के आरोपों में पूछताछ की गई थी.

उनका कहना था ये आरोप उन पर इसलिए लगाए जा रहे हैं ताकि उन्हें 2018 में फिर राष्ट्रपति बनने से रोका जा सके.

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रुसेफ़ के मुताबिक़ वह कुशल राजनीतिक मध्यस्थ और अनुभवी नेता हैं, जो अर्थव्यवस्था में सुधार लाने में मदद करेंगे.

उनके कार्यकाल के दौरान ब्राज़ील की अर्थव्यवस्था में अप्रत्याशित आर्थिक वृद्धि और संपत्ति का पुनर्वितरण किया गया था.

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