बेल्जियम की राजधानी पर ही हमला क्यों?

  • 23 मार्च 2016
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ब्रसेल्स एयरपोर्ट और सेंट्रल मेट्रो स्टेशन पर मंगलवार को हुए धमाकों में मरने वालों की संख्या 34 हो गई है. इन धमाकों में 250 लोग घायल हुए हैं.

ब्रसेल्स के अधिकारियों के मुताबिक एयरपोर्ट के सीसीटीवी कैमरे में दिखने वाले दो लोगों पर ख़ुद को उड़ाने का शक है.

पुलिस एयरपोर्ट के सीसीटीवी कैमरा में नज़र आए एक हैट पहने व्यक्ति को खोज रही है. चरमपंथी संगठन इस्लामिक स्टेट ने इन हमलों की ज़िम्मेदारी ली है.

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ब्रसेल्स यूरोपीय संघ के साथ ही नैटो और कई अन्य अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं का मुख्यालय है और बेल्जियम की राजधानी तो है ही. ब्रसेल्स धमाकों से जुड़े कई अहम सवालों के जवाब जानिए.

ब्रसेल्स पर ही हमला क्यों हुआ?

बेल्जियम में सरकार इस्लामी गुटों के साथ कई वर्षों से संघर्ष कर रही है. इसके सैंकड़ों नागरिक सीरिया और इराक़ में लड़ाई के लिए आईएस में शामिल हो गए हैं.

बेल्जियम के कई शहर इस्लामी चरमपंथियों के गढ़ माने जाते हैं, जिसमें सबसे ज़्यादा सक्रिय ब्रसेल्स और उसका दक्षिण-पश्चिम का उपनगरीय इलाक़ा मोलेनकीक है. इस इलाक़े में मोरक्को के लोगों की बड़ी आबादी रहती है.

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पुलिस और पेरिस हमलों के जांचकर्ता मानते हैं कि पेरिस के कई हमलावर भी इसी इलाक़े के रहने वाले थे. पेरिस के हमलों में कथित तौर पर शामिल सालेह अब्देसलाम भी बेल्जियम लौट आए थे और उन्हें 18 मार्च को मोलेनबीक से गिरफ़्तार किया गया था. पेरिस हमलों में 130 लोग मारे गए थे.

यह पूर्व नियोजित हमला था या फिर बदले की कार्रवाई?

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जांचकर्ताओं का आरोप है कि सालेह अब्देसलाम पेरिस हमलों की योजना बनाने वाले विशेषज्ञ हैं. उन पर आरोप हैं कि उन्होंने किराये का फ़्लैट लिया, पूरे यूरोप से चरमपंथियों को इकट्ठा किया और बम बनाने वाले उपकरण जमा किए. उनकी गिरफ़्तारी के कुछ ही दिन पहले, पुलिस के मुताबिक उनके साथ छिपकर रह रहे एक सहयोगी मोहम्मद बेल्केड पुलिस के साथ गोलीबारी में मारे गए.

ब्रसेल्स की व्रिजे यूनिवर्सिटी के प्रोफ़ेसर डेव सिनार्डेट का कहना है, "ऐसा लगता है कि इस हमले की योजना पहले ही बनाई गई थी. हाल की गिरफ़्तारियों की वजह से संभवत: चरमपंथियों को लगा कि पुलिस उनका पीछा कर रही है इसलिए उन्होंने इस कार्रवाई को पहले ही अंजाम दे दिया."

क्या ये बेल्जियम के सुरक्षाबलों की नाकामी है?

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भारी हथियारों के साथ लोग ज़ेवेन्टम हवाई अड्डे में प्रवेश कर गए और खुद को उड़ाने में कामयाब रहे. उसके एक घंटे के बाद यूरोपीय संघ के मुख्यालय से महज़ कुछ ही दूरी पर ऐसा ही एक व्यक्ति मेट्रो स्टेशन में प्रवेश कर गया.

बेल्जियम की पुलिस फ़ोर्स साफ़ तौर पर लंबे समय से इस्लामिक चरमपंथ के ख़तरे और उससे पैदा हुए दबाव में काम कर रही है.

अन्य यूरोपीय देशों की राजधानियों के मुक़ाबले ब्रसेल्स काफ़ी छोटा है, फिर भी यहां छह पुलिस ज़ोन हैं. इसका सीसीटीवी सिस्टम लंदन और पेरिस की तुलना में काफ़ी कमज़ोर है.

प्रोफ़ेसर डेव सिनार्डेट का कहना है," साफ़ है कि यहां की सुरक्षा व्यवस्था कारगर नहीं है. कई वर्षों से हमने सुरक्षा और चरमपंथी ख़तरे जैसे मसले पर उचित ध्यान नहीं दिया है."

हालांकि वो ये भी कहते हैं कि मेड्रिड, लंडन और पेरिस जैसे हमलों को रोक पाना बहुत मुश्क़िल है.

क्या और हमले हो सकते हैं?

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पुलिस इन धमाकों के सिलसिले में एयरपोर्ट के सीसीटीवी कैमरे में नज़र आए एक हैट पहने व्यक्ति को खोजने में लगी हुई है. इसके साथ ही पुलिस पहले से ही दो और संदिग्धों को पेरिस हमलों के बाद से ही तलाश रही है, ये दोनों ही अब्देसलाम के सहयोगी बताए जाते हैं.

पेरिस हमलों में शामिल एक संदिग्ध नाजिम लाक्रौई हैं जिनके फ़िगरप्रिंट ब्रेसेल्स के उस फ़्लैट में पाए गए थे जहां पर कथित तौर पर बम बनाए गए. जबकि एक और संदिग्ध मोहम्मद आब्रिनी भी बेल्जियम के ही निवासी हैं.

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अमरीका के आतंक विरोधी विशेषज्ञ क्लाइंट वॉट्स ने लिखा है, "हर एक हमलावर के पीछे कई ऐसे लोग होते हैं जो उसके मददगार होते हैं. लेकिन हम इन घटनाओं का केवल एक छोटा सा हिस्सा देखते हैं.

वाट्स का मानना है कि ब्रसेल्स का हमला पेरिस के हमलों की अगली कड़ी है और यह अब भी स्पष्ट नहीं है कि क्या हमलावर इस तरह के और हमल करने की तैयारी कर रहे हैं.

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