भाइयोें के 5 जोड़े जिन पर लगे चरमपंथी हमलों के आरोप

ब्रसेल्स हमलावर

ब्रसेल्स के हाल के चरमपंथी हमले के पीछे जांचकर्ता दो भाइयों का हाथ बता रहे हैं. लेकिन ऐसा पहली बार नहीं हुआ जब भाइयों ने चरमपंथी हमले किए हों.

हम आपको बता रहे हैं भाइयों के पांच जोड़ों की कहानी, जिन पर दुनिया में अलग अलग जगह पर चरमपंथी हमले करने का आरोप है.

बेल्जियम में बकरावी भाई-

बेल्जियम के मीडिया ने जांचकर्ताओं के हवाले से लिखा है कि ख़ालिद और ब्राहीम अल-बकरावी नाम के दो भाइयों ने अन्य लोगों के साथ हमले को अंजाम दिया.

आरबीटीएफ़ चैनल ने एक वरिष्ठ पुलिस सूत्र के हवाले से कहा कि ब्राहीम ने ज़ेवेनटम हवाई अड्डे पर आत्मघाती हमला किया, जिसमें 14 लोग मारे गए.

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उनके भाई ख़ालिद ने मेट्रो स्टेशन पर आत्मघाती हमला किया, जिसमें 20 लोग मारे गए. आरबीटीएफ़ के अनुसार दोनों भाईयों का आपराधिक रिकॉर्ड था.

बॉस्टन में सारानेव भाई-

बॉस्टन मैराथन के दौरान 15 अप्रैल 2013 को हुए दो धमाकों में आठ साल के एक लड़के समेत तीन लोगों की मौत हुई थी जबकि 170 से ज़्यादा लोग ज़ख्मी हुए थे.

इसमें दशक भर से अमरीका में रह रहे चेचेन मूल के भाई जोख़र और तमरलान सारनाएफ़ अभियुक्त बनाए गए थे.

इन पर धमाका करने और तीन लोगों के जान से मार देने के अलावा विश्वविद्यालय के एक पुलिस अधिकारी को भी मारने का आरोप लगा था.

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तमरलान सारनाएफ़ की पुलिस मुठभेड़ में मौत हो गई थी और ज़ोएफ़ पर बॉस्टन मैराथन धमाकों समेत कुल 30 मामले चलाए गए और उन्हें मौत की सज़ा सुनाई गई.

शार्ली ऐब्दो में स्वाशी भाई-

7 जनवरी, 2015 को फ्रांस की मशहूर व्यंग्य पत्रिका शार्ली एब्दो पर चरमपंथी हमला हुआ था. इसमें 17 लोग मारे गए थे. इनमें तीन पुलिसकर्मी थे.

हमले की ज़िम्मेदारी चरमपंथी संगठन आईएसआईएस ने ली थी. पत्रिका के कर्मचारियों पर हमला करने वालों में दो भाई सैद और शेरिफ़ क्वाशी शामिल थे.

इनमें से 32 साल के शेरिफ़ को (जिन्हें अबू इसेन भी कहा गया) 2008 में चरमपंथी गतिविधियों में शामिल होने के लिए जेल की सज़ा हुई.

वह 'बट्टेस-शॉमोंट नेटवर्क' के भी सदस्य थे, जो इराक़ में अल-क़ायदा में युवकों की भर्ती करता था.

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सैद स्वाशी का नाम भी बेलकासेम षड्यंत्र में आया था पर तब इन भाइयों पर सबूतों की कमी की वजह से मुक़दमा नहीं चला था.

मुंबई धमाकों में इब्राहीम भाई और मेमन भाई-

12 मार्च, 1993 के मुंबई बम धमाकों में 257 लोगों की मौत हुई थी. एक के बाद एक इन 13 बम धमाकों में क़रीब 27 करोड़ रुपए की संपत्ति को नुक़सान पहुंचा था.

भारत सरकार के मुताबिक इस मामले के मास्टरमाइंड दाऊद इब्राहीम कासकर और टाइगर मेमन थे.

इसमें दाऊद के भाई अनीस इब्राहीम और टाइगर मेमन के भाई याक़ूब मेमन और यूसफ़ मेमन ने उनका साथ दिया था.

याक़ूब के अलावा ये सभी देश से बाहर हैं. याक़ूब को मौत की सज़ा दी गई.

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