उत्तरी इराक में 'पहली बार' रसायनिक हमला

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इराक़ के अधिकारियों ने कहा है कि चरमपंथी संगठन इस्लामिक स्टेट ने उत्तरी इराक़ के एक गांव में हमला किया जिसमें क्लोरीन और मस्टर्ड गैस का इस्तेमाल किया है.

इस हमले में तीन लोगों की मौत हो गई है और 35 लोग घायल हुए हैं.

इराक़ी सरकार के मुताबिक़ इस तरह का यह पहला हमला है.

मरने वालों में तीन साल की बच्ची फ़ातिमा और 10 साल का मासूमेह शामिल हैं.

फ़ातिमा की मां ज़ेनब ने कहा, "जो रॉकेट फ़ातिमा पर गिरा, उसमें रसायन थे. उसमें बहुत धुआं और बदबू थी. मैंने उसे खींचने की कोशिश की, लेकिन उसके आसपास बहुत धुआं था."

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बीबीसी संवाददाताओं ने बताया है कि तज़ा में केमिकल भरे रॉकेटों के हमले के कुछ दिन बाद भी इलाक़े में बदबू भरी है और अब भी आंखों और नाक में जलन महसूस की जा सकती है.

प्रभावित लोगों का कहना है कि उन्हें बताया गया कि क्लोरीन की वजह से आंखों और नाक में जलन हो रही है.

हमले पास के शिया गांव बशीर से किए जा रहे हैं जो दो साल से चरमपंथी संगठन इस्लामिक स्टेट के क़ब्ज़े में है.

तज़ा में दो साल से आईएस के हमले जारी हैं.

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