मन है कि कुछ समय के लिए नौकरी छोड़ दें !

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क्या आपने कभी अपनी नौकरी से ब्रेक लेने के बारे में सोचा है? महीने-दो महीने या फिर साल दो साल के लिए? हमारे सवाल से भले ही आप हैरान हो गए होंगे और यह सुनने में अजीब भले ही लगे, लेकिन आज कॉरपोरेट जगत में नौकरी से कुछ वक़्त का ब्रेक लेने का चलन बढ़ रहा है.

अमरीका के बोस्टन के विंस्टन चेन को ही लीजिए. आईटी सेक्टर में अपने अच्छे भले करियर से उन्होंने पूरे एक साल का ब्रेक लिया और परिवार के साथ नार्वे चले गए. वहां उनकी पत्नी को टीचर की नौकरी मिल गई थी, इसलिए चेन भी अपनी नौकरी से ब्रेक लेकर उनके साथ चले गए. वैसे चेन के इस फ़ैसले को जिसने भी सुना, इसे पागलपन ही कहा.

जानकार बताते हैं कि आजकल कॉरपोरेट जगत में नौकरी से ब्रेक लेने का चलन अब बढ़ रहा है और बहुत सी कंपनियां भी इसे बढ़ावा दे रही हैं. इसके अलावा लोग बड़ी तेज़ी से नौकरी भी बदल रहे हैं.

ऐसे में दो नौकरियों के बीच एक लंबा ब्रेक लेने में ज़्यादा रिस्क भी नहीं होता है. मज़े कि बात यह है कि अक्सर लोग इस ब्रेक के बाद बेहतर नौकरी हासिल करने में कामयाब रहे.

विंस्टन चेन ने 2011 में नौकरी से एक साल का ब्रेक लिया था. वो उस वक़्त एक कंपनी में चीफ़ टेक्निकल ऑफ़िसर थे और नौकरी बदलने के बारे में सोच रहे थे. हालांकि उन्हें इस बात की भी फ़िक्र थी कि लंबा ब्रेक उनका करियर न तबाह कर दे.

फिर नौकरी छोड़ने के बाद चेन ने नई नौकरी तलाशी भी. लेकिन नार्वे मूल की पत्नी को जब वहां नौकरी मिल गई, तो चेन ते लिए करियर से ब्रेक का फ़ैसला आसान हो गया.

ब्रिटेन में रेलवे में नौकरियां दिलाने वाली कंपनी 'वनवे' के निदेशक पॉल पेन बताते हैं कि उनके बहुत से ग्राहक करियर से ब्रेक ले रहे हैं. उनके मुताबिक़ यह एक बेहद दिलचस्प आइडिया है. हालांकि पॉल ये भी कहते हैं कि ऐसा हर तरह की नौकरी पर लागू नहीं होता.

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मगर नई पीढ़ी के क़ाबिल लोगों को अपने साथ रखने के लिए कंपनियां इस तरह की 'मिड करियर ब्रेक' को बढ़ावा दे रही हैं.

कई बार तो कंपनियां छुट्टी के दौरान अपने कर्मचारियों को तनख़्वाह भी देती रहती हैं. ताकि वो रिचार्ज होकर, बेहतर काम करने का मन बनाकर इस ब्रेक से लौटें.

वैसे अपने सीवी में एक साल के ब्रेक की वजह बताना आसान नहीं होता.

पॉल पेन कहते हैं कि आप जब भी ब्रेक लेने की सोचें, तो ठोस विचार के साथ फ़ैसला लें. अपनी कंपनी को भरोसे में लेकर बताएं कि इससे आपको और कंपनी को क्या फ़ायदा होने वाला है.

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इस विषय पर अमरीका में एक क़िताब लिखी गई जिसका नाम है, 'रिबूट योर लाइफ'. इस क़िताब को लिखने वाली जे स्मिथ ने ऐसे पांच सौ लोगों से बात की, जिन्होंने अपनी नौकरी से ब्रेक लिया था. पांच सौ में से किसी एक को भी अपने फ़ैसले पर पछतावा नहीं था. सबने यही बताया कि इस ब्रेक की वजह से उन्हें करियर में बहुत फ़ायदा हुआ.

अगर आप नौकरी से ब्रेक लेने की सोच रहे हैं, तो विदेश जाने का विकल्प आपके लिए बेहतर होगा. वहां कोई भी छोटा-मोटा काम पकड़ लीजिए, जिसमें थोड़े पैसे मिलते हों, या दूसरों की भलाई के लिए मुफ़्त का भी कोई काम कर सकते हैं.इससे आपको ज़िंदगी को लेकर नया नज़रिया मिलेगा.

इससे आपकी क़ाबिलियत भी बेहतर होगी और आपको एकदम अलग तरह के माहौल में, बिल्कुल नए नज़रिए वाले लोगों के साथ काम करने का मौक़ा मिलेगा. आप नई चीज़ें सीखेंगे. आप लोगों से बात करने का नया तरीक़ा भी सीख सकेंगे.

अगर आप परोपकार के काम में लगेंगे, तो आपको परेशानियों को दूर करने के नई तरीक़ों का पता चलेंगा. क्योंकि, अक्सर स्वयंसेवी लोग बिना किसी संसाधन के जूझते हैं.

ब्रिटेन के पॉल पेन कहते हैं कि वैसे हर कंपनी, अपने कर्मचारियों को 'मिड करियर ब्रेक' देने को राज़ी नहीं होती, ऐसी सूरत में आप कंपनी को इस ब्रेक से होने वाले फ़ायदे के बारे में बताइए.

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अमरीकी एक्सपर्ट हॉली बुल कहती हैं कि आप अपनी कंपनी को अपने इरादों से वाक़िफ़ कराइए और बताइए कि इससे आपको क्या फ़ायदा होने वाला है. ये भी बताइए कि आपका भला होगा तो आप ख़ुश होंगे और आप ख़ुश होंगे तो बेहतर काम करेंगे. इससे आख़िर में कंपनी का ही भला होगा. हां, ब्रेक के बाद नौकरी पर वापस आने का पक्का वादा करना मत भूलिए.

हॉली बुल कहती हैं कि इस वादे के बाद भी अगर कंपनी आपको ब्रेक पर जाने देने के लिए राज़ी नहीं होती, तो आपको नौकरी छोड़ने के लिए भी तैयार रहना चाहिए.

'रिबूट पार्टनर्स' की लेखिका जे स्मिथ कहती हैं कि अगर कंपनी, आपको ब्रेक देने को राज़ी नहीं होती, तो आपको उसे समझाने की कोशिश करनी चाहिए कि आप किस तरह से अपनी ग़ैरमौजूदगी से होने वाले नुक़सान की भरपाई कर सकते हैं. ये भी बता सकते हैं कि छुट्टी के दौरान कंपनी को आपको सैलरी नहीं देनी पड़ेगी और पैसे की बचत का ये सीधा-सीधा फ़ायदा कंपनी को होगा.

करियर के बीच में लंबी छुट्टी आपकी अगली नौकरी की बुनियाद भी बन सकती है. आप छुट्टी के दौरान ख़ुद से सवाल कर सकते हैं कि मौजूदा नौकरी में आप ख़ुश हैं कि नहीं या बदलाव की ज़रूरत है.

अमरीकी एक्सपर्ट हॉली बुल कहती हैं कि अगर आप मौजूदा नौकरी से उब चुके हैं तो आपको किसी एक्साइटिंग काम के बारे में सोचना चाहिए. आप नए करियर के बारे में भी सोच सकते हैं.

वैसे, नौकरी के बीच से छुट्टी कितनी लंबी हो, ये हर इंसान के लिए अलग होगी. किसी के लिए हफ़्ते दो हफ़्ते काफ़ी हैं, तो किसी के लिए कुछ महीने. कई लोगों ने तो साल-दो साल का ब्रेक भी लिया है. ख़ुद हॉली बुल ने एक महीने के ब्रेक के दौरान मछलियों में करियर तलाशने की कोशिश की, लेकिन नाकाम रहने के बाद पुराने करियर में वापस आ गईं.

वहीं विंस्टन चेन ने अपने साल भर के ब्रेक में सिर्फ़ मौज मस्ती के लिए एक एप बना डाला. इससे उन्हें नए करियर का आइडिया आ गया. छुट्टी से लौटकर उन्होंने आवाज़ पर आधारित मोबाइल एप कंपनी ''वॉयस ड्रीम'' बनाकर नया ही करियर तलाश लिया.

वैसे ख़ुद चेन कहते हैं कि नौकरी से ब्रेक का मतलब ये नहीं कि आप नई नौकरी या नया करियर ही तलाशें. इसको इस तरह से देखें कि जब आपके पास वक़्त है, तो आप पैसे कमाने के सिवा और क्या कर सकते हैं.

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