झूठी रईसी दिखाएंगे तो क्या होगा?

इमेज कॉपीरइट ALAMY

बहुत से लोगों को रईसी दिखाने का शौक़ होता है. लोग शानदार कपड़ों में, महंगी गाड़ियों के साथ, ब्रांडेड चश्मे-घड़ी पहने हुए तस्वीरें खिंचाते हैं. फिर उनकी नुमाइश करते फिरते हैं.

कई बार इस चमक-दमक भरी ज़िंदगी के पीछे का सच बेहद कड़वा होता है. लोग अपनी सच्चाई छुपाते हैं. रईसी की खोखली नुमाइश करते हैं. और जब तल्ख़ सच्चाई सामने आती है तो लोग हैरान रह जाते हैं.

अमरीकी रैपर '50 सेंट' की ही मिसाल ले लीजिए. फिफ्टी सेंट का असल नाम है कर्टिस जेम्स जैक्सन थर्ड. वो रैप की दुनिया के नामी सितारे हैं. तस्वीरें और वीडियो शेयर करने वाली सोशल नेटवर्किंग साइट इंस्टाग्राम पर उनकी तस्वीरें और वीडियो देखकर आंखें चुंधिया जाएंगी.

एक तस्वीर में वो नोटों से इस कदर घिरे हैं कि उन्हें अपना पांव तक नहीं मिल रहा. वहीं एक और तस्वीर में उनके फ्रिज को नोटों से ठुंसा हुआ देखा जा सकता है. उनकी दूसरी तस्वीरों में कभी फिफ्टी सेंट किसी प्राइवेट विमान के पास खड़े दिखते हैं तो कभी करोड़ों की लग्ज़री गाड़ियों में लहराते फिरते दिखाई देते हैं.

मगर, ये तो तस्वीर का एक ही पहलू है. अब आपको दूसरे पहलू से भी रूबरू कराते हैं.

इमेज कॉपीरइट Instagram 50 Cent

पिछले साल जुलाई में फिफ्टी सेंट ने अमरीका की एक अदालत में अर्ज़ी दाखिल की कि उन्हें दिवालिया घोषित कर दिया जाए. इसलिए कि उनके ऊपर इतना कर्ज़ है कि वो चुका नहीं सकते. कोर्ट में दाखिल अर्ज़ी के मुताबिक़ रैपर फिफ्टी सेंट पर एक से पांच करोड़ डॉलर तक का कर्ज़ है.

मगर, जब फिफ्टी सेंट अमरीका के कनेक्टिकट में कोर्ट में पेश हुए तो जज को भी उनके कर्ज़ में डूबे होने के दावे पर यक़ीन नहीं हुआ. उन्हें कर्ज़ देने वालों ने पहले ही कोर्ट को बता दिया था कि इंस्टाग्राम पर उनकी रईसी के सबूत देने वाली तस्वीरें हैं.

उन्हीं तस्वीरों के हवाले से अदालत ने फिफ्टी सेंट से पूछा कि अगर आप कर्ज़ में डूबे हैं तो इतनी महंगी गाड़ियां और इतना पैसा कहां से आया?

इसके जवाब में कर्टिस जेम्स जैक्सन उर्फ़ फिफ्टी सेंट ने जो जवाब दिया वो चौंकाने वाला था. जैक्सन ने बताया कि वो सब तो सिर्फ़ दिखावे का पैसा था, उनका नहीं.

फिफ्टी सेंट ने कहा कि नोटों, गाड़ियों और सूट बूट के साथ उनकी तस्वीरों का ये मतलब नहीं कि सारा पैसा या सामान उन्हीं का है. कुछ किराए का था, कुछ उधार का और कुछ तो उनके प्रमोटर्स का पैसा था.

इमेज कॉपीरइट iStock

ये कहानी फिफ्टी सेंट की ही नहीं. हॉलीवुड में बहुत से ऐसे सितारे हैं जो उधार की रईसी की ज़िंदगी जीते हैं. उनके पास जो शानदार गाड़ियां होती हैं वो या तो किराए पर या फिर उधार ली गई होती हैं. कपड़े और गहने तो अक्सर उधार के होते हैं.

वैसे, उधार की चीज़ों से शानो-शौक़त दिखाने में सिर्फ़ सेलेब्रिटी ही आगे नहीं. आज आम लोग भी ये काम कर रहे हैं. वो किराए पर सामान लेकर अपने रईस होने का दिखावा करते हैं. उन्हें ये लगता है कि दौलत की नुमाइश करके वो अपनी इमेज बेहतर कर सकेंगे. दूसरों पर रौब गांठ सकेंगे.

उधार की इस रईसी के कुछ फ़ायदे भी हैं. चलिए उनके बारे में बात करते हैं. इमेज चमकाने की सलाह देने वाली अमरीकी एक्सपर्ट मरियन रोथ्सचाइल्ड ने इस बारे में एक किताब लिख डाली है. किताब का नाम है, ' लुक गुड नाऊ एंड आलवेज़'.

मरियन सलाह देती हैं कि अपनी रोज़मर्रा की ज़िंदगी में कुछ बदलाव करके, कुछ रईसी की नुमाइश करके आप कामयाबी हासिल कर सकते हैं. मरियन के मुताबिक़ जैसे कंपनियां अपने ब्रांड की छवि चमकाने के लिए पैसे ख़र्च करती हैं. वैसे ही प्रोफ़ेशनल्स को भी रईसी की नुमाइश करके अपना ब्रांड चमकाने की कोशिश करनी चाहिए.

इमेज कॉपीरइट Getty

मरियन कहती हैं कि लोग आज अपनी इमेज को लेकर काफ़ी होशमंद हो गए हैं. वो महंगे ब्रांडेड कपड़े, चश्मे और घड़ियां पहनकर अपने बारे में लोगों की राय बदलने की कोशिश करते हैं. दूसरों पर अपना रौब गांठते हैं.

इसकी मदद से वो कामयाबी की सीढ़ियां चढ़ना चाहते हैं. जैसे कोई मोर, अपने पंख फैलाकर अपनी ख़ूबसूरती का एलान करता है. ठीक वैसे ही करियर में कामयाबी चाहने वाले, सूटेड-बूटेड होकर अपने ऊंचे दर्जे का एलान करते हैं, ताकि सामने वाला इम्प्रेस हो जाए.

बड़ी कंपनियों को कर्मचारी मुहैया कराने वाली कंपनी, 'ऑफ़िस टीम' ने इस बारे में सर्वे कराया तो चौंकाने वाले नतीजे सामने आए. कंपनियों के अस्सी फ़ीसदी से ज़्यादा सीनियर अधिकारी प्रमोशन देते वक़्त अपने मातहतों के रहन-सहन और पहनावे पर भी ग़ौर करते हैं.

कोरिया की योनसाई यूनिवर्सिटी ने एक सर्वे में पाया कि जो लोग इंटरव्यू में ब्रांडेड कपड़े और महंगी घड़ियां और चश्मे पहनकर जाते हैं, उन्हें नौकरी मिलने की उम्मीद ज़्यादा होती है. ऐसे लोग ज़्यादा वेतन पाने में भी कामयाब हो जाते हैं. क्योंकि उनके बारे में इंटरव्यू लेने वाले ये राय बनाते हैं कि वो खाते-पीते ख़ानदान से ताल्लुक़ रखते हैं. समाज में उनका दर्जा ऊंचा है.

अमरीका की कोस्टल कैरोलिना यूनिवर्सिटी की प्रोफ़ेसर कैरोल मेगेही की राय भी इस मामले में अहम है. वो कहती हैं कि आप कब और किस तरह के ब्रांड के कपड़े पहनते हैं ये बात बहुत अहम है. ख़ास तौर पर करियर में आगे बढ़ने के लिए. नौकरी में तरक़्क़ी के लिए.

इमेज कॉपीरइट Thinkstock

हालांकि हर बार ऐसा हो ये ज़रूरी नहीं. ख़ास तौर से अगर को महिला, महंगे ब्रांडेड कपड़े पहनकर, महंगा इत्र इस्तेमाल करके किसी इंटरव्यू में जाती है. और वहां उसका इंटरव्यू कोई महिला लेती है तो दांव उल्टा भी पड़ सकता है. इंटरव्यू लेने वाली महिला, नौकरी मांगने वाली से जलन महसूस करेगी, ये बात कमोबेश तय होती है.

वैसे, महंगे, ब्रांडेड कपड़े आपके करियर को आगे बढ़ाने में आम तौर पर मदद ही करते हैं.

अमरीका की रहने वाली जूली फिस्क को ही लीजिए. वो 25 साल तक एक रेडियो होस्ट की नौकरी करती रहीं. मगर 2014 में उनकी नौकरी चली गई.

इसके बाद उन्होंने फ़िल्म समीक्षक के तौर पर नया करियर शुरू करने का फ़ैसला किया. इसके लिए उन्हें कई टीवी शोज़ में आना था. बड़े सितारों से बात भी करनी थी. जूली के पास ऐसे शोज़ के लायक़ कपड़े नहीं थे. तो उन्होंने, किराए पर महंगे, डिज़ाइनर कपड़े लेकर, उन्हें पहनकर ये शो किए.

जूली बताती हैं कि जो डिज़ाइनर कपड़े उन्होंने किराए पर लेकर काम चलाया. उन्हें ख़रीदने की वो सोच भी नहीं सकती थीं. मगर किराए के कपड़ों से उनका नया करियर चल निकला.

जूली कहती हैं कि अगर सामने वाला आपके डिज़ाइनर कपड़ों को नोटिस नहीं भी करता है, तो भी उन्हें पहनकर आप बेहतर महसूस करते हैं. आपको अपने अंदर नई ताक़त का एहसास होता है. आप ख़ुद को बेशकीमती लगते हैं. ये एहसास आपको कॉन्फिडेंस देता है.

किसी ख़ास मौक़े पर हम ख़ास कपड़े पहनते हैं तो उसके लिए हमें तैयारी करने में मदद मिलती है. जैसे शादी या पार्टी के लिए हम सजते-धजते हैं. वैसे ही नौकरी के लिए इंटरव्यू या किसी कारोबारी मीटिंग के लिए भी हमारी तैयारी ज़ोरदार होनी चाहिए.

इमेज कॉपीरइट Alamy

आज आप किराए के सामान से अपने दौलतमंद होने का भ्रमजाल बुन सकते हैं. अमरीका मे तो कई कंपनियां किराए पर ब्रांडेड कपड़े, घड़ियां, गाड़ियां और चश्मे तक दे रही हैं. यही हाल यूरोप के कई देशों और यहां तक कि हांगकांग और सिंगापुर जैसे देशों का भी है.

महंगी ब्रांडेड चीज़ें किराए पर देने वाली कुछ कंपनियां तो महीने के महीने किराया वसूलकर उसके बदले में आपकी पसंदीदा चीज़ें देने का ऑफर भी चला रही हैं. आप हर महीने एक तय रकम देकर ब्रांडेड सूट या ड्रेस, महंगी घ़ड़ियां, जूलरी और बैग तक किराए पर ले सकते हैं. यहां तक कि प्राइवेट जेट और रॉल्स रॉयस जैसी महंगी कारें भी मंथली सब्सक्रिप्शन पर मिल जाएंगी.

वैसे, उधार की रईसी कभी कभी सही निवेश के बजाय नुक़सान का सौदा भी हो सकता है. दिखावा करते करते हम कई बार अपनी औकात से ज़्यादा, इतना ज़्यादा ख़र्च करने लगते हैं कि कर्ज़ का बोझ बढ़ता जाता है.

ऐसे हालात से आप बचे रहें, इसके लिए ज़रूरी है कि दुनिया से दिखावा भले कीजिए, मगर ख़ुद से ईमानदार रहिए. दिखावे से अपना करियर आगे बढ़ाइए. तरक़्क़ी हासिल कीजिए. मगर उसके आदी मत बनिए. वरना, आख़िर में हालत फिफ्टी सेंट जैसी होने का डर है.

(अंग्रेजी में मूल लेख पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें, जो बीबीसी कैपिटल पर उपलब्ध है.)

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

संबंधित समाचार