बग़दाद संसद के बाहर प्रदर्शन

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बग़दाद में नई कैबिनेट को मंज़ूरी नहीं दिए जाने के विरोध में शिया मुस्लिम धार्मिक गुरु के सैकड़ों समर्थकों ने संसद के बाहर प्रदर्शन किया.

मौलवी मुक़्तदा अल-सद्र के समर्थक पिछले एक हफ़्ते से चल रहे विरोध प्रदर्शन के दौरान पहली बार ग्रीन ज़ोन, दूतावासों और सरकारी इमारतों में घुस गए. इलाक़े में आपात स्थिति की घोषणा कर दी गई है.

सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों को तितर बितर करने के लिए आंसू गैस भी छोड़े. हालांकि अभी तक किसी बड़ी हिंसा की कोई ख़बर नहीं है.

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प्रदर्शनकारी नए और अधिक पारदर्शी कैबिनेट को सांसदों की ओर से अब तक मंज़ूरी नहीं मिलने की बात पर नाराज़ हैं.

सर्मथक मानते हैं कि यह कैबिनेट पार्टी और धार्मिक प्रतिबद्धताओं वाली मौजूदा टीम से कम भ्रष्ट होगी.

प्रधानमंत्री हैदर अल अबादी ने उनसे नियत प्रदर्शन स्थलों की ओर लौट आने को कहा है.

प्रदर्शनकारी संसद के बाहर जमे हुए हैं. संसद के क़रीब स्थित विदेशी दूतावास इस पूरे मामले को चिंता की नज़र से देख रहे हैं.

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आतंकवाद से मुक़ाबला करने वाले बल के प्रवक्ता सबह अल नुमन ने समाचार एजेंसी एपी को बताया है कि इस प्रदर्शन का आतंकवाद से कोई लेना-देना नहीं है.

सद्र चाहते हैं कि प्रधानमंत्री हैदर अल अबादी मौजूदा मंत्रियों को हटाकर उनकी जगह निष्पक्ष, किसी भी गुट से संबंध न रखने वाले तकनीकविदों को मंत्रिमंडल में शामिल करें. इस मांग को मौजूदा पार्टियों ने मानने से इनकार कर दिया है.

इस सप्ताह के शुरुआत में भी हज़ारों प्रदर्शनकारियों ने ग्रीन ज़ोन में प्रदर्शन किया था.

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यह ज़ोन दूतावासों और सरकारी इमारतों की वजह से बग़दाद का सबसे सुरक्षित क्षेत्र माना जाता है.

इराक़ के राष्ट्रपति फुआद मासूम ने प्रदर्शनकारियों से कैबिनेट में फेरबदल को लेकर संसद और राजनीतिज्ञों का घेराव न करने को कहा है.

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