सीरियाई शरणार्थी कैंप हमला 'युद्ध अपराध'

  • 6 मई 2016
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संयुक्त राष्ट्र में मानवाधिकार प्रमुख स्टीफ़न ओ ब्रायन ने एक सीरियाई शरणार्थी शिविर पर हुए हमले को युद्ध अपराध क़रार दिया है.

गुरुवार को इदलिब प्रांत के सरमादा के नज़दीक स्थित कामूना शरणार्थी शिविर पर हुए हवाई हमले में क़रीब 30 लोग मारे गए थे.

स्थानीय लोगों ने शरणार्थी शिविर पर हमले के लिए सीरिया सरकार को ज़िम्मेदार ठहराया है लेकिन समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक़ सीरियाई सेना ने इससे इनकार किया है.

वहीं अलप्पो में हिंसा जारी है, सीरियाई कार्यकर्ताओं का कहना है कि अलप्पो के दक्षिण में स्थित सामरिक रूप से महत्वपूर्ण एक गांव में लड़ाई में कम से कम 70 लोगों की मौत हो गई है.

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ब्रिटेन स्थित संस्था सीरियन ऑब्ज़र्वेट्री फ़ॉर ह्यूमन राइट्स ने कहा है कि विद्रोही गुट नूसरा फ्रंट ने ख़ान तौमैन गांव को सरकार के नियंत्रण से छीन लिया है.

उधर, बीबीसी से बात करते हुए स्टीफ़न ओ ब्रायन ने कहा,''इदलिब शरणार्थी शिविर पर हमले में पहला शक़ तो सीरियाई सरकार पर जाता है लेकिन हम ये सुनिश्चित करना चाहेंगे कि जिसने भी ये किया है उसे इस घिनौने हमले के लिए सज़ा मिले.''

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इंदलिब प्रान्त में कामूना कैम्प सीरिया में विस्थापित हुए लोगों के लिए तुर्की की सीमा के पास स्थित एक शरणार्थी शिविर है.

रूस और अमरीका के दवाब के बाद सीरियाई सेना और ग़ैर जेहादी विद्रोही गुट अलेप्पो के इर्द-गिर्द इलाक़े में अस्थाई संघर्ष विराम के लिए तैयार हो गए थे.

सीरिया में फ़रवरी से संघर्ष विराम लागू है, लेकिन हाल के दिनों में हमले बढ़े हैं.

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संयुक्त राष्ट्र ने कहा है कि यदि ये हिंसा नहीं रुकी तो क़रीब चार लाख और लोगों को तुर्की भागने पर मजबूर होना पड़ सकता है.

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