रूसेफ़ पर महाभियोग की वोटिंग 'रद्द'

  • 9 मई 2016
ज़िल्मा रूसेफ़ इमेज कॉपीरइट Reuters

ब्राज़ील की राष्ट्रपति ज़िल्मा रूसेफ़ के ख़िलाफ़ महाभियोग की प्रक्रिया पर संशय खड़ा हो गया है.

ब्राज़ील के निचले सदन के कार्यकारी अध्यक्ष वाल्दिर मारान्याओ ने 17 अप्रैल को महाभियोग का रास्ता साफ़ करने वाली वोटिंग को रद्द कर दिया है.

इस वोटिंग के बाद सिनेट में महाभियोग चलाने के लिए बुधवार को वोटिंग होनी थी.

मारान्याओ ने कहा कि निचले सदन में कुछ गड़बड़ियां हई थीं.

उन्होंने कहा कि सदस्यों का वोटिंग से पहले ही ये बता देना कि वो किस पक्ष में वोट करेंगे ये ग़लत है और पार्टी नेताओं का सदस्यों को वोटिंग के बारे में निर्देश देना भी ग़लत है.

मारान्याओ ने निचले सदन में दोबारा वोटिंग कराने की बात कही है लेकिन ये देखने वाली बात है कि सिनेट क्या अब प्रक्रिया को निचले सदन में वापस भेजने पर राज़ा होगा.

ये मुश्किल ही है कि महाभियोग के पक्ष में वोट डालने वाले 367 सदस्य अपना रुख़ बदलने को राज़ी होंगे.

लेकिन कार्यकारी स्पीकर के फ़ैसले से ब्राज़ील के राजनीतिक माहौल में नया मोड़ आ गया है.

हालांकि ज़िल्मा रूसेफ़ के लिए मुश्किलें अब भी आसान नहीं होंगी क्योंकि कांग्रेस में उनके पास ज़रूरी समर्थन नहीं है.

स्पीकर एदुआर्दो कुन्हा को बर्ख़ास्त किया गया था जिसके बाद मारान्याओ पिछले हफ्ते ही स्पीकर बने.

कुन्हा ज़िल्मा रूसेफ़ के विरोधी रहे हैं और महाभियोग के लिए उन्होंने मोर्चा संभाला था.

इस फ़ैसले पर रूसेफ़ ने कहा कि आगे कड़ी लड़ाई लड़नी है.

ज़िल्मा रूसेफ़ और उनके समर्थक आरोप लगाते रहे हैं कि उनके खिलाफ़ तख़्तापलट की कोशिश की जा रही है.

रूसेफ़ पर 2014 में दूसरी बार राष्ट्रपति चुनाव में सरकारी खाते में हेराफेरी का आरोप है जिससे वो इनकार करती रही हैं.

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