'बदलेंगे बीबीसी के काम करने के तरीक़े'

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ब्रिटेन की सरकार ने घोषणा की है कि वो ब्रिटिश ब्रॉडकास्टिंग कॉरपोरेशन यानी बीबीसी के काम करने के तौर-तरीक़ों में बड़े उलट-फेर करने वाली है.

संस्कृति मंत्री जॉन विट्टिन्गडेल ने कहा है कि बीबीसी 'विशिष्ट सामग्री' पर अपना ध्यान केंद्रित करे.

संसद के निचले सदन हाउस ऑफ़ कॉमन्स में बीबीसी की भावी योजनाओं के बारे में बताते हुए जॉन विट्टिन्गडेल ने ये घोषणा की.

उन्होंने जानकारी दी कि बीबीसी के लिए पैसे जुटानेवाली लाइसेंस फ़ी की व्यवस्था को अगले 11 सालों तक जारी रखा जाएगा. दर्शकों को बीबीसी आईप्लेयर का इस्तेमाल करने के लिए पैसे देने पड़ेंगे.

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जॉन ने बताया कि बीबीसी कॉरपोरेशन का संचालन करने वाले ट्रस्ट को समाप्त कर दिया जाएगा और उसकी जगह ये काम एक बोर्ड करेगा. बोर्ड के अधिकतर सदस्यों की नियुक्ति बीबीसी ख़ुद करेगी जिसमें सरकार का कोई दख़ल नहीं होगा.

बीबीसी का मौजूदा शाही चार्टर 2016 के दिसंबर में ख़त्म हो रहा है.

बीबीसी चार्टर वो दस्तावेज़ है जिसके तहत बीबीसी की स्थापना हुई है और इसमें संस्थान की संपादकीय स्वतंत्रता और इसकी सामाजिक ज़िम्मेदारियों का विस्तार से ब्यौरा दिया गया है.

इस चार्टर को हर दस साल में दोबारा रिन्यू किया जाता है.

संस्कृति मंत्री ने बताया कि बीबीसी वर्ल्ड सर्विस के लिए धन जुटाने के मौजूदा तरीक़ों को और बेहतर बनाया जाएगा. 2020 तक इस कोष में अतिरिक्त 28 करोड़ 90 लाख पाउंड (क़रीब 2796 करोड़ रुपये) जोड़े जाएंगे.

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विट्टिन्गडेल का कहना है कि उन्हें पता है कि वर्ल्ड सर्विस दुनिया भर के दर्शकों के लिए बेहद मायने रखता है.

बीबीसी को उन कर्मचारियों के वेतन की जानकारी भी देनी होगी जिनका वेतन सालाना 450,000 पाउंड (क़रीब 43,483,659 रुपये) से अधिक है.

श्वेत पत्र पर संसद में चर्चा होगी. इसके बाद अगले 11 सालों के लिए नये चार्टर का ड्राफ़्ट तैयार किया जाएगा और उस पर हस्ताक्षर होंगे.

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