चीन के ख़ुफिया बिटकॉइन ख़दान का रहस्य

  • 13 मई 2016
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चलिए आज आपको ले चलते हैं, डिजिटल करेंसी, बिटकॉइन की ख़दान के अंदर. ये खदान चीन में है. एक ख़ुफ़िया ठिकाने पर. इसका पता बताना मना है.

ख़ान के मालिक और यहां काम करने वाले लोग, इस खदान को चीनी सरकार की नज़र से बचाकर चला रहे हैं.

इसीलिए जब उन्होंने हमें इस खदान में आने की इजाज़त दी तो शर्त यही थी कि इसका पता ठिकाना बाक़ी दुनिया को न बताया जाए.

बिटकॉइन की ये चीनी खदान, बहुत ऊंचे पहाड़ी ठिकाने पर है. यहां सांस लेने के लिए ऑक्सीजन लेकर जाना पड़ता है. मोबाइल का नेटवर्क भी यहां बहुत कमज़ोर है.

मगर तेज़ रफ़्तार वाई-फाई की मदद से यहां से वीडियो कॉल और ऑनलाइन चैटिंग हो सकती है.

इस ख़ुफ़िया दौरे में हमारे गाइड हैं शैंडलर गुओ. ये बिटबैंक के मालिक हैं और बिटकॉइन का कारोबार करते हैं. उनका परिवार गोमांस का कारोबार करता था.

परिवार से काफ़ी दौलत उन्हें विरासत में मिली. इसीलिए उन्होंने डिजिटल करेंसी बिटकॉइन में निवेश करने का फ़ैसला किया है.

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Image caption बिटबैंक के मालिक शैंडलर गुओ

गुओ कहते हैं कि पहले चीन की फैक्ट्रियों में सामान्य चीज़ें जैसे कपड़े और जूते बनते थे. मगर अब चीनी लोग तक़नीक़ की मदद से नए-नए प्रोडक्ट बना रहे हैं.

बिटकॉइन की इस खदान के भीतर सैकड़ों कंप्यूटर लगे हैं. इन पर सैकड़ों लोग काम कर रहे हैं. कर्मचारियों में ज़्यादातर मर्द हैं. वो यहीं पर रहते हैं.

यहां काम करने वालों में कुछ पहले किसान थे तो कुछ नए ग्रेजुएट हैं. एक कमरे में छह लोग रहते हैं. उनके कमरों की फ़र्श पर कंप्यूटर के पुर्ज़े बिखरे हुए हैं.

दीवारों पर चीनी बैंड के पोस्टर हैं. ये लोग डॉर्मिटरी जैसी जगह पर अपने अपने बंक बेड में सोते हैं.

बिटकॉइन खदान का एक कर्मचारी है फैंग यॉन्ग. फैंग की उम्र महज़ 21 वर्ष है. उसने हाल ही में अपना ग्रैजुएशन पूरा किया है. वो पिछले एक साल से यहां काम कर रहा है.

वो इस क़स्बे में मोपेड पर घूमता है. फैंग, एक किसान परिवार से ताल्लुक़ रखने के बावजूद, किसी आम चीनी शहरी युवा की तरह रहता है. उसे बिटकॉइन की अहमियत का अच्छे से अंदाज़ा है.

फैंग कहता है कि ये तक़नीक़ आगे चलकर पूरी दुनिया पर गहरा असर डालने वाली है.

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यहां काम करने वालों को कंप्यूटर के मुश्किल सवालों को हल करने के एवज़ में बिटकॉइन दिए जाते हैं.

पूरी दुनिया में बिटकॉइन में होने वाले लेन-देन की मुश्किलें यहां सुलझाई जाती हैं. जैसे ही कोई दिक़्क़त हल होती है, बिटकॉइन की ब्लॉकचेन में एक ब्लॉक जोड़ दिया जाता है.

मतलब ये कि बिटकॉइन के लेनदेन का कोई भी मसला सुलझने पर उसे ऑनलाइन एकाउंट बुक में दर्ज कर लिया जाता है.

आज की तारीख़ में एक बिटकॉइन की क़ीमत 450 डॉलर है. गुओ कहते हैं कि यहां चौबीसों घंटे काम होता है. कंप्यूटर के गुणा-भाग और पहेलियां हल करके, दिन भर में क़रीब 50 बिटकॉइन निकाले जाते हैं.

गुओ ने बिटकॉइन का ये धंधा दो बरस पहले ही शुरू किया था. उस वक़्त पूरी दुनिया में बिटकॉइन के कारोबार में चीन की हिस्सेदारी महज़ चालीस फ़ीसद थी. आज ये हिस्सा बढ़कर 70 फ़ीसद पहुंच गया है.

गुओ ने चीन में दो बिटकॉइन खदाने बनाई हैं. अब वो तीसरी और दुनिया की सबसे बड़ी बिटकॉइन खदान बना रहे हैं. पूरी होने के बाद वहां दुनिया का तीस फ़ीसदी बिटकॉइन कारोबार होगा.

शैंडलर गुओ एक मोबाइल एप भी बना रहे हैं. इससे मोबाइल के ज़रिए बिटकॉइन डिजिटल करेंसी बनाई जा सकेगी. उन्हें यक़ीन है कि आगे चलकर चीन, बिटकॉइन करेंसी का केंद्र बनने वाला है.

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बिटकॉइन के मुक़ाबले में दूसरी चीनी ऑनलाइन करेंसी भी बाज़ार में हैं. बहुत से चीनी लोग अलीबाबा की अलीपे या वीचैट वॉलेट नाम की ऑनलाइन करेंसी इस्तेमाल करते हैं.

हाल ही में चीन की सरकार ने भी ऑनलाइन करेंसी की शुरुआत करने का इरादा जताया है.

ये भी आशंका है कि गुओ जैसे लोगों की डिजिटल करेंसी बिटकॉइन, आगे चलकर देश की सरकारी करेंसी के लिए चुनौती बन सकती है.

बिटकॉइन के जानकार माइक हियर्न ये आशंका जताते हैं. जबकि अभी हाल ही में उन्होंने ये एलान किया था कि दुनिया भर में बिटकॉइन का प्रयोग नाकाम रहा है.

माइक कहते हैं कि आज बिटकॉइन के कारोबार में चीन नंबर एक पर है. बिटकॉइन के ज़रिए होने वाले ज़्यादातर ऑनलाइन लेनदेन की तस्दीक़ चीन में होती है.

मगर चीन में इंटरनेट की रफ़्तार धीमी होने की वजह से इसके मुरीदों को लेन-देन में दिक़्क़त आती है. इसी वजह से आगे चलकर ये प्रयोग नाक़ाम होने का डर है.

वहीं, बिटबैंक के मालिक गुओ, इन आशंकाओं को खारिज़ करते हैं. उन्हें बिटकॉइन को लेकर काफ़ी उम्मीदें हैं. वो मानते हैं कि आगे चलकर बिटकॉइन का लेन-देन ही सब पर भारी पड़ने वाला है.

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ये ऐसी करेंसी है जिसे पूरी दुनिया में कोई भी, कहीं भी इस्तेमाल कर सकता है. ये किसी एक देश की मुद्रा नहीं है. तो ये देशों की सरहदों को लांघ रही है.

बिटकॉइन किसी एक की नहीं, पूरी दुनिया की करेंसी है.

(अंग्रेज़ी में मूल लेख पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें, जो बीबीसी फ़्यूचर पर उपलब्ध है.)

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