'चीन में पश्चिमी विचारधारा का कितना दखल'

  • 14 मई 2016
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चीन की मीडिया में चीनी भाषा में छपने वाले लेखों में उसके अंग्रेजी अनुवाद वाले संस्करण से कहीं ज्यादा कुछ छपा होता है.

इसका का एक उदाहरण 11 अप्रैल को हुआंकी शीबाओ की वेबसाइट में चीन के 'ग्रेट फायरवाल' के बारे में छपे संपादकीय में मिलता है.

ग्रेट फायरवाल चीन में इंटरनेट पर सेंसरशिप रखने का एक तरीका है. इसके तहत दसियों हज़ारों वेबसाइट को यूआरएल के कीवर्ड के आधार पर ब्लॉक किया गया है और साइबर पुलिस वेबसाइट पर नज़र रखती है.

हुआंकी शीबाओ चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के अख़बार रेनमीन रीबाओ का दैनिक संस्करण है.

इस संपादकीय का शीर्षक है, "यह गौर करने लायक बात है कि पश्चिमी मीडिया क्यों फायरवाल से नफरत करता है."

साथ ही साथ अख़बार के अंग्रेजी संस्करण ग्लोबल टाइम्स में इसका अंग्रेजी अनुवाद भी आया.

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ग्लोबल टाइम्स का यह पूरा संपादकीय http://bit.ly/1RNDmqn लिंक पर देखा जा सकता है लेकिन इसमें लेख के चीनी संस्करण में मौजूद कई सारी टिप्पणियां आपको नहीं दिखेंगी.

संपादकीय के अंग्रेजी संस्करण में लिखा गया है कि ग्रेट फायरवाल "विचारधारात्मक रूप से चीन में दखल देने की पश्चिमी नीयत को रोकता है. "

लेकिन ऐसा कैसे होता है इसके बारे में कुछ नहीं लिखा गया है.

इसके विपरीत चीनी संस्करण में एक पूरा पैराग्राफ इसके बारे में विस्तार से बताता है.

इसमें कहा गया है, "ग्रेट फायरवाल चीन की संप्रभुता को फिर से मज़बूत बनाता है जो इंटरनेट के दौर में कम हो गई थी. यह चीन में पश्चिमी विचारधारा की निरंकुश घुसपैठ को रोकता है साथ ही साथ हमारी राजनीति पर लोगों का ध्यान केंद्रित करता है. यह चीन में इंटरनेट तकनीक के इस्तेमाल को सहज बनाता है और कभी-कभी यह इससे जुड़ी समस्याओं का भी समाधान करता है."

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इसी तरह से अंग्रेजी संस्करण में कहा गया है कि "पश्चिमी विचारधारा के दखल का मकसद चीन में पश्चिमी क़ायदे-क़ानून को प्रभावी बनाना है", लेकिन चीनी संस्करण संपादकीय में इससे भी कहीं ज्यादा कहा गया है.

इसमें कहा गया है, "चीनी समाज के अंदर पश्चिम विचार की ताकत सीधे तौर पर घुसपैठ करना चाहती है और इसे आधुनिक दुनिया के प्राथमिक सिद्धांत के तौर पर बढ़ावा देने की कोशिश करती है. वे चीनी शासन के राजनीतिक और वैचारिक पहलू को खत्म करना चाहते हैं और पश्चिम के क़ायदे-क़ानून को पूरे चीन भर में लागू करना चाहते हैं."

चीनी संस्करण में अंग्रेजी संस्करण के मुकाबले कहीं ज्यादा विस्तार से इसके बारे में बात करते हुए एक बड़ी तस्वीर खींची गई हैं.

अंग्रेजी लेख में सलाह दी गई है, "ग्रेट फायरवाल को ऐसे डिजाइन करना चाहिए कि वो चीन को कमजोर और अलग-थलग करने के बजाए उसे ज्यादा मजबूत बनाए."

वहीं चीनी लेख में इसमें जोड़ते हुए यह भी कहा गया है कि, "दुनिया को फायरवाल के बारे में कम पता है इसलिए चीन सिर्फ इसके बारे में अंदाज़ा ही लगा सकता है."

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