'अपने जिस्म को लेकर कैसी शर्म'

प्लेबैक आपके उपकरण पर नहीं हो पा रहा

पाकिस्तान में महिलाएं अपने परिवार और दोस्तों के बीच अपने शरीर को लेकर बातचीत तो कर सकती है. लेकिन सार्वजनिक तौर पर इस पर बात करना आसान बात नहीं है.

ज़ैनब चुगताई एक वकील और सामाजिक कार्यकर्ता है. उन्होंने चार अन्य लड़कियों के साथ मिलकर एक वीडियो बनाया है. इसमें लड़कियों के जिस्म को लेकर की जाने वाली टिप्पणियों को लेकर उन्होंने अपने अनुभव साझा किए हैं.

लाहौर निवासी ज़ैनब, ज़ारा, सीरत और उरूज़ बाहर जाने को लेकर आत्मविश्वास से भरी ऩजर आती हैं. वो कला, थियेटर, कविता और संगीत पर खुलकर बात करती हैं. इनमें से कुछ ने बताया कि पहले वो भी खुलकर जीना चाहती थीं. लेकिन अपने लुक को लेकर वो चिंतित थीं.

जैनब बताती है कि यह वीडियो दो साल पहले 2014 में शुरू किए गए 'बुली प्रूफ़' नामक अभियान की नई कड़ी है.

वो कहती हैं, '' जितनी लड़कियों से मैंने बात की उनमें से बहुत सी मेरे जैसे अनुभव से ही होकर गुजरी थीं. मुझे बहुत कम उम्र से ही अपने शरीर को लेकर टिप्पणियां सुनने को मिली थीं.''

वो बताती हैं कि उन्हें अपने दोस्तों और परिवार के सदस्यों से भी जिस्म को लेकर टिप्पणियां सुनने को मिलीं.

वीडियो बनाने के सवाल पर ज़ारा कहती हैं, ''मैं थियेटर करना चाहती थी. लेकिन नहीं कर पाई, कराटे सीखना चाहती थी. लेकिन नहीं सीख पाई. डिबेट में भाग लेना चाहती थी. लेकिन नहीं ले पाई, क्योंकि मुझे हमेशा डर लगा रहता था कि मेरे शरीर को लेकर लोग क्या सोचेगे.''

वहीं उरूज़ कहती हैं कि दो कारणों से उन्होंने यह वीडियो किया, पहला यह कि मैं ख़ुद को आज़ाद करना चाहती थी. इस पर बात करने का मतलब था कि इससे आप ऊर्जा ले सकते थे और कह सकते हैं कि आपका इस पर नियंत्रण है. और दूसरा कारण यह कि मुझे लगता है कि प्रतिनिधित्व बहुत महत्तवपूर्ण है. हमें यह पता था कि यह वीडियो सोशल मीडिया पर जाएगा.

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जिस्म को लेकर की जाने वाली टिप्पणियां किस तरह का प्रभाव डालती हैं. इस सवाल पर ज़ैनब कहती हैं, '' मुझे अपने ही शरीर पर शर्म आती थी. इसने मेरे लोगों के साथ रिश्ते पर प्रभाव डाला, मैं लोगों पर किस तरह विश्वास करती हूं, उस पर प्रभाव डाला. इसने मेरे आत्मसम्मान पर भी प्रभाव डाला.''

सीरत कहती हैं, '' लोग आपको कई तरीकों से देखते हैं. उनके लिए आप मज़ाक बनकर रह जाते हैं. वो मुझे देखकर बेतहाशा हंसते थे. इसके बाद मैं जितना संभव हो सके ख़ुद को ही छिपाने लगी.''

सोशल मीडिया पर आने के बाद यह वीडियो वायरल हो गया. इसने बहुत से लोगों को सामने आकर अपना अनुभव साझा करने के लिए प्रेरित किया.

लेकिन जैनब कहती हैं कि सभी प्रतिक्रियाएं सकारात्मक नहीं थीं. वो बताती हैं कि बहुत से लोगों ने कहा कि आप लोग अपने शरीर और मानसिक स्वास्थ्य को लेकर कैमरे के सामने बात क्यों कर रही हैं. लोगों ने कहा कि अगर आप लोगों ने इसी तरह बात की तो आपकी शादी नहीं हो पाएगी.

अपने जिस्म की बनावट को लेकर हीनभावना और टिप्पणियों के प्रति युवाओं को जागरूक करने के लिए ज़ैनब अपने अभियान को लेकर स्कूली बच्चों तक भी पहुँच रही हैं.

वो बताती है कि नई पीढ़ी के पास जाना काफी महत्तपूर्ण है, क्योंकि जो गाइडेंस हमें नहीं मिली, वह उन्हें दी जा सकती है.

ज़ैनब को लगता है कि उनका अभियान महिलाओं के अपने जिस्म और जीवन पर अपना अधिकार जताने का रास्ता आसान बनाएगा.

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