उन्होंने मेरे नाखून निकाल दिए: शाहबाज़ तासीर

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करीब पांच साल तक उज़्बेक चरमपंथियों के बंधक रहे शाहबाज़ तासीर ने अपने साथ हुई ज़्यादतियों के बारे में बीबीसी से बात की है.

शाहबाज़ तासीर पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के पूर्व गवर्नर सलमान तासीर के बेटे हैं.

पाकिस्तान के ईशनिंदा कानून का विरोध करने वाले सलमान तासीर की 2011 में हत्या कर दी गई थी और कुछ महीने बाद लाहौर से शाहबाज़ तासीर को अगवा कर लिया गया था.

रिहा होने के बाद शाहबाज़ ने बीबीसी को बताया कि उन्हें बुरी तरह यातनाएँ दी गईं, लेकिन रेडियो पर मैन्चेस्टर युनाइटेड के मैचों की कमेंट्री सुनकर वो अपना मानसिक संतुलन कायम रख पाए.

शाहबाज़ मार्च महीने में रिहा हो कर अपने परिवार से मिले थे लेकिन अब तक उन्होंने अपनी रिहाई के बारे में कुछ नहीं कहा था.

ये सवाल अब भी बने हुए थे कि वो कैसे रिहा हुए और क्या कोई फ़िरौती दी गई.

उन्होंने बताया कि उन्हें उज़्बेक लड़ाकों ने बंधक बनाया था फिर अफ़ग़ान तालिबान को सौंप दिया था.

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बीबीसी से बातचीत में उन्होंने कहा, "मुझे पांच लोगों ने बंधक बना लिया था. मुझे पहले लगा कि वो मुझे मार डालेंगे. उन्होंने मुझे पांच मिनट में बेहोश कर दिया. उन्होंने मुझे बुरी तरह पीटा था क्योंकि मैं नशे की हालत में भी चिल्ला रहा था और तड़फ रहा था."

उनके मुताबिक उज़्बेक लड़ाकों के कब्ज़े में उन्हें बुरी तरह प्रताड़ित किया गया.

उन्होंने बताया, "मैं हर शनिवार और रविवार को बीबीसी रेडियो पर मैन्चेस्टर युनाइटेड के मैचों को सुनता था. मेरा सुरक्षा गार्ड भी मैनचेस्टर युनाइडेट का फ़ैन था लेकिन उसके लिए कमेंट्री सुनना पाप था."

शाहबाज़ ने बताया कि वो गुप्त तरीके से मैच सुनते थे और गोल होने पर चुपचाप ही खुशी जताते थे.

उन्होंने बीबीसी को बताया, ''इस्मालिक मूवमेन्ट ऑफ़ उज़्बेकिस्तान के चरमपंथियों ने उनके नाखून निकाल लिए थे और उनकी पीठ से मांस निकाल दिया था. वो मेरे साथ दुश्मनों जैसा बर्ताव करते थे.''

शाहबाज़ ने कहा कि जब अफ़ग़ान तालिबान ने उन्हें अपने कब्ज़े में लिया उसके बाद उनकी तकलीफ़ें कम हो गईं.

उन्होंने बताया, "अफ़ग़ान तालिबान के एक बड़े नेता ने जैसे कोई जादू किया. उन्होंने मेरे लिए ऐसे मोटरसाइकिल सवार ढूंढे जो मेरे बारे में कुछ नहीं जानते थे. मैं उनके पीछे बैठ गया और पाकिस्तान पहुंच गया."

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