जापान की बूढ़ी हथिनी हनाको की मौत

जापान चिड़ियाघर इमेज कॉपीरइट AP

बहुत बुरी स्थिति में रहने के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आई जापान के चिड़ियाघर की हथिनी की मौत हो गई है.

हनाको नाम की 69 साल की इस हथिनी को जापान की सबसे बूढ़ी हथिनियों में शुमार किया जाता था.

जब वह दो साल की थी तभी थाइलैंड ने उसे जापान को उपहार में दे दिया था.

इसके रख रखाव में सुधार के लिए पिछले साल एक याचिका दायर की गई थी. लेकिन हनाको तब तक इतनी बूढ़ी हो चुकी थी कि उसे वापस थाइलैंड नहीं भेजा जा सकता था.

टोक्यो के इनोकाशिरा पार्क ज़ू के प्रवक्ता ने बताया कि गुरुवार की सुबह हनाको जमीन पर पाई गई. जब उसे उठाने की कोशिश की गई तो वह उठ नहीं पाई. दोपहर में उसकी मौत हो गई.

इमेज कॉपीरइट AP

हनाको चिड़ियाघर में सबके आकर्षण का केंद्र थी. पर जंगल में पैदा होने वाली इस हथिनी की ज़िंदगी पिंजड़े और मामूली हरियाली में बीती.

पिछले साल एक कनाडाई ब्लॉगर ने हथिनी के स्थिति पर एक लेख लिखा था जिसमें इसे एक कंक्रीट की जेल बताया गया था.

बाद में इस लेख के आधार पर याचिका लगाई गई और चिड़ियाघर को कई बदलाव करने पड़े.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए यहां क्लिक करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)

संबंधित समाचार