हिरोशिमा को न भूला जाना चाहिए, बोले ओबामा

  • 27 मई 2016
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अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने हिरोशिमा परमाणु बम पीड़ितों की याद में बनाए गए पीस मेमोरियल पार्क में फूल अपर्ण किया और कहा कि 6 अगस्त 1945 को कभी नहीं भूला जाना चाहिए.

दूसरे विश्व युद्ध के बाद - जब अमरीका ने जापान के दो शहरों पर एक के बाद एक परमाणु बम गिराये थे; ओबामा हिरोशिमा पहुंचने वाले पहले अमरीकी राष्ट्रपति हैं.

हालांकि उन्होंने हमलों के लिए माफ़ी नहीं मांगी.

हमले में बच गए एक शख़्स की बेटी ने कहा कि 'लोग इस दर्द को पीढ़ी-दर-पीढ़ी झेलते रहे हैं.'

हिरोशिमा पर हुए दुनिया के पहले परमाणु हमले में कम से कम 1,40,000 लोगों की मौत हो गई थी.

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फिर दो ही दिन बाद दूसरा परमाणु बम नागासाकी पर गिराया गया था. इसमें और 74,000 लोग मारे गए थे.

ओबामा ने जापानी मीडिया से कहा कि उनकी यह यात्रा इस बात को साबित करेगी कि कभी धुर विरोधी रहे दो राष्ट्र आज मजबूत साझेदार हैं.

ओबामा ने जापानी अखबार असाई को बताया, "हीरोशिमा हमें याद दिलाता है युद्ध के लिए किसी कारण की जरूरत नहीं. या इसमें कौन देश शामिल है इससे फर्क पड़ता है, फर्क तो पड़ता है निर्दोष नागरिकों के दुख और उनके नुक़सान से."

हिरोशिमा में बीबीसी संवाददाता जॉन सडवर्थ बताते हैं चीन की बढ़ती सैन्य ताकत को देखते हुए ओबामा की यह यात्रा वाशिंगटन और टोक्यो के साथ मजबूत साझेदारी दिखाने की कूटनीति है.

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