'यूसीएलए में प्रोफ़ेसर की हत्या करने वाला शख़्स भारतीय'

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अमरीका में यूनिवर्सिटी ऑफ़ कैलिफ़ोर्निया लॉस एंजिलिस में एक प्रोफ़ेसर की गोली मारकर हत्या करने वाले व्यक्ति की पहचान भारतीय-अमरीकी पूर्व शोधछात्र मैनक सरकार के तौर पर की गई है.

पुलिस के मुताबिक बीते बुधवार को 39 वर्षीय प्रॉफ़ेसर विलियम क्लग की गोली मारकर हत्या करने के बाद मैनक ने खुद को गोली मार ली थी.

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, आईआईटी खड़गपुर के छात्र रहे 38 वर्षीय मैनक सरकार ने प्रोफ़ेसर क्लग पर उसके बौद्धिक संपदा अधिकार चुराकर किसी और छात्र को देने का आरोप लगाया था.

उसके लिंक्डइन पेज के मुताबिक यूसीएलए आने से पहले मैनक ने स्टेनफ़र्ड यूनिवर्सिटी से स्नातकोत्तर डिग्री हासिल की थी.

वो ओहायो में एंडुरिका एलएलसी नाम की कंपनी में भी काम कर चुका है.

समाचार एजेंसी एपी के मुताबिक इस घटनाक्रम में मारे गए प्रॉफ़ेसर को एक 'बीमार शख्स' बताया गया है.

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पुलिस का कहना है कि मैनक के पास एक सूची थी जिसमें उन लोगों के नाम लिखे थे जिन्हें वो मारना चाहता था, इस सूची की मदद से उन्हें मिनेसोटा में एक महिला का शव भी मिला है.

बताया जा रहा है कि इस सूची में यूसीएलए के एक अन्य प्रॉफ़ेसर का नाम भी था, हालांकि वो सुरक्षित हैं.

पुलिस ने कहा है कि मैनक सरकार प्रॉफ़ेसर विलियम क्लग के शोध समूह में शामिल रहा था और मिनेसोटा से गाड़ी चलाकर लॉस एंजिलिस उन्हें मारने के लिए आया था.

पुलिस ने घटनास्थल से एक बंदूक भी बरामद की है और माना जा रहा है कि एक सुसाइड नोट भी पुलिस को मिला है.

मैनक सरकार के नाम से मार्च में लिखे गए ब्लॉग में कहा गया है कि उसके और यूसीएलए के प्रोफ़ेसर बिल क्लग के बीच निजी मतभेद हैं.

लॉस एंजिलिस टाइम्स अख़बार के मुताबिक मैनक कंप्यूटर जनित वर्चुअल हृदय विकसित करने की कोशिश कर रहा था.

अख़बार के मुताबिक मैनक ने पिछले कुछ महीनों से क्लग के खिलाफ़ सोशल मीडिया पर भी अभियान चला रखा था.

ब्लॉग में प्रोफ़ेसर क्लग पर आरोप है, ''उन्होंने मुझे बहुत परेशान कर दिया है.''

ब्लॉग का अंत में लिखा है, ''दुश्मन तो दुश्मन होता है. लेकिन आपका दोस्त ज़्यादा नुकसान करता है. किसका भरोसा करना है इस पर सतर्क रहना चाहिए.''

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लॉस एंजिलिस के पुलिस अध्यक्ष चार्ली बेक ने केटीएलए-टीवी को बुधवार को बताया कि यूसीएलए गोलीबारी के पीछे कारण ये हो सकता है कि मैनक सरकार को लगता था कि क्लग ने उनकी बैद्धिक संपदा को चुरा लिया था.

बेक के मुताबिक, यूसीएलए ने कहा कि ये सब मैनक सरकार की कल्पना ही है.

यूसीएलए में लगभग 43,000 छात्र पढ़ते हैं. यूनिवर्सिटी ने कक्षाओं को एक दिन के लिए रद्द कर दिया गया था.

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