स्विट्ज़रलैंड: बेरोज़गारी भत्ते पर जनमत संग्रह

  • 5 जून 2016
बुनियादी आय के समर्थक ज्यूरिख़ में रैली निकालते हुए. इमेज कॉपीरइट Reuters

स्विट्ज़रलैंड में हर नागरिक की बुनियादी आय सुनिश्तित करने के लिए रविवार को जनमत संग्रह कराया जाएगा.

इस जनमत संग्रह के जरिए इस बात का फ़ैसला होगा कि हर वयस्क को हर महीने बिना किसी शर्त के कम से कम 2500 स्विस फ्रैंक यानी लगभग एक लाख 71 हज़ार रुपए दिया जाएं या नहीं.

इस विचार को मानने वालों का कहना है कि आज 21वीं सदी में काम का मशीनीकरण हो रहा है, ऐसे में कामगारों के लिए बहुत थोड़ी सी ही नौकरियां बची हैं.

सर्वेक्षणों में यह बात उभर कर सामने आई है कि केवल एक चौथाई स्विस नागरिक ही इस विचार के समर्थन में हैं.

बुनियादी आय के इस विचार में वो लोग शामिल नहीं होंगे जो पहले से ही कहीं काम कर रहे हैं और उनकी आय 2500 स्विस फ्रैंक से अधिक है.

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इस विचार के समर्थन में कुछ नेता तो हैं. लेकिन अब तक कोई भी संसदीय पार्टी इसके समर्थन में आगे नहीं आई है.

उनका कहना है कि इसकी वजह से काम करके पैसे कमाने के बीच की कड़ी टूट जाएगी. यह समाज के लिए ठीक नहीं होगा.

लेकिन बेसिक इनकम ग्रुप स्विट्ज़रलैंड अभियान से जुड़े ची वागनर कहते हैं कि इसका मतलब बिना कुछ किए पैसे देना नहीं है. वो कहते हैं, ''स्विट्ज़रलैंड में जो काम होता है, उसमें से 50 फ़ीसद के लिए कोई भुगतान नहीं किया जाता है. यह देखभाल का काम है, यह घर पर होता है, यह विभिन्न समुदायों में होता है. ऐसे में बुनियादी आय सुनिश्चित करने से काम की क़ीमत बढ़ेगी.''

दक्षिणपंथी स्विस पीपुल्स पार्टी की सांसद लूज़ी स्टैम इस विचार की विरोधी हैं.

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वो कहती हैं, ''सैद्धांतिक रूप से, स्विट्ज़रलैंज अगर एक द्वीप होता तो, इसका जवाब हां है. लेकिन खुली सीमाओं के साथ इस तरह की योजना का लागू किया जाना असंभव है, ख़ासकर स्विट्ज़रलैंड जैसे उच्च जीवनस्तर वाले देश में.''

वो कहती हैं कि यदि आप हर व्यक्ति को पैसे की पेशकश करेंगे तो लाखों लोग सीमा पार कर स्विट्ज़रलैंड में दाख़िल होना चाहेंगे.

इस तरह की योजना पर कई अन्य जगह भी विचार हो रहा है. फिनलैंड सरकार प्रायोग के तौर पर कम आय वाले आठ हज़ार लोगों को ऐसी सुविधा देना चाहती है.

वहीं डच शहर यूट्रक्ट भी इस तरह की एक परियोजना पर काम रहा है. यह जनवरी 2017 में शुरू होगी.

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