तार-तार हुए कपड़ों में वकील, चीन में हंगामा

  • 8 जून 2016
चीनी वकील इमेज कॉपीरइट WU LIANGSHU

कहते है कि एक तस्वीर हज़ारों शब्दों पर भारी पड़ती है.

इसीलिए जब चीन में एक वकील की ये तस्वीर सामने आई तो सबका ध्यान चीन में वकीलों के साथ होने वाले बर्ताव की तरफ गया.

चीन में वकीलों को प्रताड़ित करने, उन्हें हिरासत में लेने और यहां तक कि जेल में रखे जाने की ख़बरें अकसर आती रहती हैं, ऐसे में तार-तार हुए कपड़ों में वकील की तस्वीर मामले की गंभीरता अच्छी तरह बयान करती है.

ये तस्वीर छिंगशियू ज़िला अदालत परिसर की है और बताया जाता है कि वकील के कपड़े पुलिस ने फाड़े हैं.

वकील वू और अन्य वकील अदालत के अधिकारियों को बता रहे थे कि दो जजों के सामने तीन पुलिस अधिकारियों ने उन पर हमला बोला था.

बात तब की है जब क्वांगशी प्रांत में नानिंग की ज़िला अदालत के जजों ने एक मुक़दमा दर्ज करने की वु की याचिका को ख़ारिज कर दिया था.

वू को नए कपड़ों की पेशकश की गई लेकिन उन्होंने लेने से इनकार कर दिया. उन्हें पता था कि फटे कपड़ों में उनकी तस्वीर कितनी ताक़तवर होगी.

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Image caption कोर्ट में जोर जबरदस्ती के बीच वकील का मोबाइल भी क्षतिग्रस्त हुआ.

इसके बाद वो कोर्ट परिसर के मुख्य दरवाज़े से बाहर आए. यहीं उनकी तस्वीर खींची गई.

अगर उनका उद्देश्य लोगों का ध्यान अपने साथ हुई घटना और चीनी वकीलों की परेशानियों की ओर आकर्षित करना था, तो वो इसमें सफल रहे.

वू लियांगशू ने बीबीसी को बताया, "मुझे कोई हैरानी नहीं हुई. मैंने बहुत सारी अजीब और हिंसक कहानियां सुन रखी थी कि चीन में वकीलों के साथ क्या क्या होता है. लेकिन ऐसा नहीं सोचा था कि मेरे साथ ये होगा."

उधर अधिकारियों ने कहा कि वू कोर्ट के अधिकारियों की गैरक़ानूनी रिकॉर्डिंग कर रहे थे. उनके मुताबिक़ जब वकील से उनका मोबाइल मांगा गया तो उन्होंने देने से इनकार कर दिया था.

शुरुआती आधिकारिक जांच के अनुसार, कोर्ट पुलिस ने वकील को पीटा नहीं था बल्कि फ़ोन लेने के लिए उनसे ज़ोर ज़बरदस्ती हुई थी.

हज़ारों चीनी वकीलों ने एक बयान पर हस्ताक्षर कर इस घटना की निंदा की और कोर्ट रूम के अंदर के सीसीटीवी फ़ुटेज जारी करने की मांग की है ताकि सच्चाई की पता चल सके.

ऑल चाइना लॉयर्स एसोसिएशन ने इस घटना को 'चिंताजनक' बताया है.

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Image caption चीनी सोशल मीडिया वीबो की इस टिप्पणी में वकील वू पर तंज कसा गया है, "एक्टिंग के लिए फ़ुल मार्क्स."

इस बीच चीनी सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रियाएं आने ले लगी हैं. लेकिन ऐसा लगता है कि चीनी सोशल मीडिया वेबसाइट वीबो को सेंसर किया जा रहा है क्योंकि यहां वू के प्रति नकारात्मक टिप्पणियां ही दिखाई दे रही हैं.

घटना से संबंधित पोस्टों को ब्लॉक करने से पहले यूज़र्स ने चीनी प्रशासन की ख़ूब आलोचना की.

एक पोस्ट में लिखा गया कि चीन में वकील अपने ही अधिकारों के लिए नहीं लड़ सकते, वो अपने मुवक्किलों को कैसे बचाएंगे.

एक अन्य पोस्ट में कहा गया था कि इस तस्वीर को देखकर ही बता सकते हैं कि चीन में मानव अधिकार की क्या हालत है.

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