मोहम्मद अली का अफ़्रीका से रिश्ता

  • 9 जून 2016
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Image caption पहली बार 1964 में अफ़्रीका के दौरे पर गए मोहम्मद अली ने कहा था, ''मैं अफ़्रीका देखना चाहता हूं और अपने भाइयों और बहनों से मिलना चाहता हूं .''

मशहूर मुक्केबाज़ मोहम्मद अली अमरीका में ही नहीं बल्कि अफ़्रीका में भी काफ़ी लोकप्रिय थे.

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Image caption मुहम्मद अली ने कहा था, ''मुझे ये बताते हुए खुशी हो रही है कि अफ्रीका में शेरों और हाथियों के अलावा भी देखने के लिए और चीज़ें हैं. हमें कभी यहां के सुंदर फूलों, विशाल होटलों, ख़ूबसूरत घरों, समुद्र तटों, बड़े अस्पतालों, स्कूलों और विश्वविद्यालयों के बारे में नहीं बताया गया.''

बॉक्सिंग रिंग में उनकी धमक और काले लोगों के अधिकारों की लड़ाई में मुखर आवाज़ बनकर उभरे अली का अफ़्रीका के साथ बहुत गाढ़ा रिश्ता था.

अफ़्रीका में घाना पहला देश था जहां मुहम्मद अली गए थे. घाना यूरोपीय देशों की ग़ुलामी से आज़ादी पाने वाला पहला सब-सहारा अफ़्रीकी देश था.

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Image caption इसके बाद वो अफ्रीका में सबसे ज़्यादा जनसंख्या वाले देश नाइजीरिया भी गए थे. लोगों ने यहां उनको देख कर नारे लगाए- "दुनिया का राजा."
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Image caption अली उसी साल अफ्रीका के दौरे पर गए थे जब अली ऐतिहासिक मुक़ाबले में सोनी लिस्टन को हराकर वर्ल्ड चैम्पियन बने थे. इसी साल उन्होंने अपना 'ग़ुलामों वाला नाम कैशियस क्ले' छोड़कर इस्लाम धर्म स्वीकार किया था.
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Image caption वो मिस्र भी गए थे, काहिरा में पिरामिड के पास उन्होंने कहा था, 'अल्लाह महान है' . उन्हें राजनीति और धर्म को जोड़कर, अश्वेत शक्ति को सलाम करने के लिए याद किया जाता है.
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Image caption अली 1986 में फिर से मिस्र की यात्रा पर गए थे. उन्होंने कहा था कि एक मुक्केबाज़ को विशाल और मुस्लिम होना चाहिए नहीं तो इंडोनेशिया, लेबनान, ईरान, सउदी अरब, पाकिस्तान, सीरिया, मिस्र और तुर्की तक नहीं पहुंच पाएगा क्योंकि इन देशों में मुक्केबाज़ी प्रचलित नहीं है.
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Image caption ज़ायरे के शासक मोबुतू सेसे सेको ने अली के लिए 'रंबल इन द जंगल' मुकाबले का आयोजन किया था जिसमें अली ने जॉर्ज फ़ोरमैन को हराया था.

ज़ायरे (अब डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ़ कांगो) की राजधानी किनशासा में 1974 में ऐतिहासिक 'रंबल इन द जंगल' मुक़ाबले को जीतकर मुहम्मद अली दोबारा विश्व चैम्पियन बने थे.

मोबुतू इसके लिए दोनों मुक्केबाज़ों को करीब 50 लाख डॉलर देने के लिए राज़ी हुए थे. इसी के बाद अली दोबारा शोहरत के नए मुक़ाम पर पहुंचे थे.

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Image caption टीवी पर प्रसारित इस मुकाबले को लाखों दर्शकों ने देखा और मुक़ाबला देखने के लिए स्टेडियम में मौजूद करीब 60 हज़ार लोग चिल्ला रहे थे, 'अली, बोमा ये' जिसका अर्थ है 'अली, उसे गिरा दो'
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Image caption दक्षिण अफ्रीका के पहले अश्वेत राष्ट्रपति नेलसन मंडेला ने एक बार कहा था, ''मुहम्मद अली सिर्फ मेरे हीरो नहीं है बल्कि लाखों दक्षिण अफ्रीकी काले युवाओं के भी हीरो हैं, क्योंकि उन्होंने मुक्केबाज़ी को इज्ज़त दिलाई है.''

नेलसन मंडेला खुद भी एक मुक्केबाज़ रहे थे. 2005 में मंडेला और अली की मुलाक़ात हुई थी.

शुक्रवार को मोहम्मद अली का अंतिम संस्कार अमरीका के केंटकी में उनके गृहनगर लुईविले में किया जाएगा.

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