काबुल में भारतीय महिला का अपहरण

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गुरुवार को काबुल में एक ग़ैर-सरकारी संस्था में काम करने वाली एक महिला का अपहरण हो गया.

भारतीय अधिकारियों ने कहा है कि महिला को छुड़ाने के लिए अफ़ग़ानिस्तान के अधिकारियों से बात हो रही है.

30 देशों में शिक्षा और स्वास्थ्य पर काम करने वाली संस्था आगा ख़ान फ़ाउंडेशन में ये 40 साल की महिला कार्यरत थी.

इस महिला की बहन एग्नेस डिसूज़ा ने ट्विटर पर कई टिप्पणियां कर भारतीय विदेश मंत्री से मदद की गुहार लगाई थी.

एक ट्वीट में कहा गया था, "मेरी बहन जूडिथ डिसूज़ा का काबुल में अपहरण हो गया है. उसकी जल्द से जल्द रिहाई के लिए मैं आपसे अपील करती हूं. मेरे बूढ़े मां बाप बहुत चिंतित हैं."

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विदेशी मंत्री सुषमा स्वराज ने इस ट्वीट के जवाब में लिखा, "वो आपकी बहन हैं और भारत की बेटी हैं. हम उन्हें छुड़ाने के लिए हर चंद कोशिश कर रहे हैं."

आगा ख़ान फ़ाउंडेशन ने एक बयान जारी कर अपहरण की पुष्टि की है.

बयान में कहा गया है, "प्रशासन की ओर से जांच शुरू कर दी गई है. कर्मचारी की सुरक्षित रिहाई के लिए हर संभव कोशिश की जा रही है."

डिसूज़ा के मुताबिक़ उनकी बहन पिछले एक साल से काबुल में रह रही हैं.

उन्होंने ट्वीट किया है, "हम सभी चिंतित हैं और उनकी सुरक्षा के लिए प्रार्थना कर रहे हैं. हमने भारत सरकार से तलाश करने और स्वदेश वापस लाने की अपील की है."

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डिसूज़ा का परिवार पिछले 30 सालों से कोलकाता में रह रहा है.

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, एक अज्ञात सरकारी सूत्र ने बताया कि महिला को शहर के ताइमानी इलाक़े से अपहृत किया गया है.

आगा ख़ान फ़ाउंडेशन के अधिकारी ने बताया कि इस कर्मचारी को काबुल में ही नौकरी दी गई थी.

फ़ाउंडेशन सन् 2002 से ही अफ़ग़ानिस्तान में ग्रामीण विकास, स्वास्थ्य, शिक्षा, स्वच्छता और सांस्कृतिक संरक्षण के लिए काम कर रहा है.

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