जब लेस्बियन सहेली को अलमारी में छिपाया..

  • 18 जून 2016
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अमरीका में एक समलैंगिक नाइट क्लब में हमले के बाद दुनिया भर में इन लोगों की सुरक्षा पर नए सिरे से बहस शुरू हो गई है.

पढ़िए ईरान में रहने वाली 23 साल की सारा की कहानी, जो चार साल से अपनी समलैंगिक दोस्त के साथ रह रही हैं.

ईरान में समलैंगिक संबंधों के लिए मौत तक की सज़ा हो सकती है.

ऐसे में, सारा जैसे लोगों का जीवन कितना चुनौती भरा है, सुनिए सारा की ज़ुबानी...

सारा की कहानी

मैं ग्यारह-बारह साल की थी, जब मुझे पहली किसी महिला से प्यार हुआ था. मैंने अपनी चचेरी बहन को बताया तो उसने चौंकते हुए कहा...समलैंगिक. मुझे पता नहीं चला कि ये कोई अपमानजनक बात है, लेकिन मुझे लगा कि अगर मैं इस बारे में किसी और को बताउंगी तो वो मुझ पर हंसेंगे.

एक बार मैंने अपनी निजी ट्रेनर से कहा था कि मुझे आप अच्छी लगती हैं तो उन्होंने मुझे क़ुरान पढ़ने को कहा था.

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जब चार पहले मैं अपनी पार्टनर मरियम से मिली तो मुझे पक्का पता था कि मैं एक समलैंगिक हूं. हम ऑनलाइन चैट करते थे और जब हम पहली बार डेट पर गए तो मैंने देखा कि वो एक छोटी सी नाज़ुक स्कूली लड़की है. मैं उसकी ख़ूबसूरती के बारे में सोचती रही कि क्या वो सच में मेरी गर्लफ़्रेंड बनेगी?

मेरी माँ फ़ोन पर हमारी अंतरंग बातें सुनती है. कभी-कभी वो सुबह के समय हमारे बेडरूम में आकर देखती है और कहती है कि तुम लोग रात को इतने पास पास क्यों सोती हो. या फिर वो कहती है कि ये बिस्तर बहुत छोटा है और दोनों में से किसी एक को दूसरी जगह सोना चाहिए.

वो हमारे कमरे में बिना बताए आ जाती है, वो चाहती है कि हमारा कमरा हमेशा खुला रहे.

मैं उससे कहना चाहती हूं कि ये सब करना बंद करे और इससे उसे कोई मतलब नहीं होना चाहिए.

मेरी माँ मुझसे डरी हुई है. मैं काफ़ी हिंसक हो सकती हूं. मैं किसी को चोट नहीं पहुँचाना चाहती. लेकिन अगर मुझ पर ज़्यादा दबाव डाला तो मेरा संयम जबाव दे सकता है. ऐसे पहले भी हुआ है जब मैंने दो बार घर छोड़ा. लेकिन मेरे पास दूसरा कोई ठिकाना नहीं था, इसलिए कुछ दिनों बाद घर लौट आई.

रात को मैं अपनी माँ के रोने की आवाज सुनती हूं. वो भगवान से दुआ करती है कि मैं ठीक हो जाऊं. यह मेरे लिए बहुत ही मुश्किल घड़ी है.

मैं भोली थी जो सोचती थी कि मेरे चचेरे भाई-बहन अपने पार्टनर को परिवारिक समारोहों में लाते हैं, तो मैं भी ऐसा कर सकती हूँ.

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Image caption दुनियाभर में समलैंगिक अपने लिए समान अधिकारों की मांग करते हैं. फ़ाईल फ़ोटो

लेकिन एक बार एक रिश्तेदार की जन्मदिन पार्टी में परिवार के लोग मरियम को देखकर भड़क गए, उन सबने मरियम को अनदेखा किया. यह मुझे बहुत बुरा लगा और हम वहाँ से निकल गए.

वो मुझे प्यार करते हैं लेकिन उससे नफ़रत करते हैं - ये मुझसे बर्दाश्त नहीं होता.

एक बार तो बड़ी हास्यास्पद घटना हुई. एक दिन कुछ घंटों के लिए मेरे चाचा घर पर आ गए तो मुझे उसे मरियम को एक आलमारी में छुपाना पड़ा. एक बार मेरी चारी बिना बताए मेरे आ गई तो फिर कहा गया कि मरियम को फिर से छुपा दो ताकि वो उसे न देख सके.

कभी कभी अपनी मां के बारे में सोचती हूं, वो लगभग 70 साल की है और बहुत धार्मिक है. मैं उससे तर्क नहीं कर सकती और मुझे डर है कि वो ये सब बर्दाश्त नहीं कर पाएगी.

मैं भी भगवान में यक़ीन रखती हूं और हर दिन प्रार्थना करती हूँ. मैं क़ुरान में कुछ ऐसा ढूंढना चाहती हूँ, जो बताए कि समलैंगिक होना इस्लाम के ख़िलाफ़ नहीं है. मुझे ऐसा कहीं नहीं मिल पाया है, लेकिन ये बात मैं किसी इमाम से नहीं पूछ सकती.

एक बार मैं एक काउंसलर से मिली तो वो मेरे ऊपर बरसने लगी. बोली, "नॉर्मल सेक्स कैसे किया जाता है, यह गायों को भी पता होता है, तो तुम इस बात को क्यों नहीं समझती हो?"

Image caption समलैंगिक लोग अपनी मांगो को लेकर दुनियाभर में रैलियाँ निकालते हैं. फ़ाईल फ़ोटो

उसने मुझसे कहा कि तुम क़ुदरत के नियमों को तोड़ रही हो.

एक बार तो मैंने सोचा कि अपना लिंग परिवर्तन करा लूं. ईरान में ट्रांससैक्सुअल होने को एक बीमारी की तरह देखा जाता है जिसका इलाज हो सकता है. लेकिन यहाँ समलैंगिक होना ग़ैरक़ानूनी है.

लोग कई बार सर्जरी की सलाह देते हैं, ताकि आपसे कोई गुनाह भी न हो और आप समलैंगिक की तरह रह सकें.

यहाँ डॉक्टर आपको ईमानदारी से नहीं बताते कि आप ट्रांससैक्सुअल हैं, जिसके लिए ऑपरेशन की ज़रूरत है. इसलिए लोग अकसर भ्रमित रह जाते हैं.

मैंने 10 बार अपने काउंसलर से बातचीत की है. उसने मेरा जायज़ा लिया और मुझे सर्जरी वाली लिस्ट में शामिल कर लिया. लेकिन मुझे नहीं लगता है कि मैं यह करा पाउंगी. हो सकता है कि बाद में मुझे इस पर पछताना पड़े. हो सकता है मेरी पार्टनर को इससे नफ़रत हो. हो सकता है वो मुझे छोड़ दे.

फिर अगर आपने एक बार ऐसा करा लिया तो आपके पास वापस जाने का कोई रास्ता नहीं होता. मैं ऐसे ट्रांसजेंडर लोगों को जानती हूँ जो ऑपरेशन के बाद डिप्रेशन और मानसिक रोगों से घिर गए.

मैंने क्लिनिक में एक महिला को देखा जिन्होंने मर्द बनने के लिए सर्जरी कराई थी- वो फिर से महिला बनने के लिए रो रही थी, गिड़गिड़ा रही थी. वो कह रही थी कि वो एक मर्द के शरीर में नहीं रह सकती... मैं यह सब देखकर काफ़ी डर गई.

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वैसे, मैं बिल्कुल मर्दों की तरह रहती हूँ. मैं छोटे-छोटे बाल रखती हूँ, ढीली-ढाली जींस और मर्दों वाली घड़ी पहनती हूँ. मैं मर्दों की तरह ताक़तवर होना पसंद करती हूँ और मेरा व्यवहार मर्दों की तरह होता है.

एक बार हमें एक साथ देखकर मॉरल पुलिस (आचरण पर नज़र रखने वाले) ने रोका और हमसे पूछताछ करने लगे.

एक बार हम एक पार्क में थे. मैंने अपने सिर पर बंधा स्कार्फ हटा लिया तो एक आदमी मेरे पास आया और मुझसे पूछा कि क्या मैं एक महिला हूँ? मैंने कहा कि हाँ, तो फिर उस आदमी ने मुझसे अपने साथ चलने को कहा.

फिर मैंने ट्रांससैक्सुअल काउंसलिंग सेंटर का अपना आई-कार्ड दिखाया तो वो भाग गया.

इस कार्ड का मतलब है कि मैं सार्वजनिक जगहों पर बिना हिजाब जा सकती हूँ. इसके पीछे मक़सद यह है कि ऑपरेशन से पहले आप एक मर्द की तरह रहने की कोशिश करें.

आज आप मेरी तरह की कई महिलाओं को सड़कों पर देख सकते हैं और इससे मुझे बहुत राहत मिलती है. कुछ साल पहले जब मैं तेहरान की सड़कों पर टहलती थी, तो मुझे डर लगा रहता था.

मुझे डर लगा रहता था कि लोग मुझे रोक कर मेरे फ़ोन में तस्वीरों और मेरी पार्टनर को भेजे मैसेज को देखकर मुझे जेल भेज सकते हैं, मेरा पासपोर्ट ज़ब्त हो सकता है, यहाँ तक कि मुझे जान से भी मार सकते हैं.

मैं अपने पार्टनर के शादी करना चाहती हूँ, लेकिन यह शायद उस दिन संभव हो पाएगा, जब हम ईरान को छोड़ देंगे.

सारा की माँ इस रिश्ते के बारे में क्या कहती हैं...

मुझे नहीं पता कि यह बीमारी है या कुछ और. यह इस्लाम में गुनाह है. वो मेरी बात नहीं मानेंगी, लेकिन जो हो रहा है वह ठीक नहीं है.

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Image caption फ़ाईल फ़ोटो

मुझे जल्द ही पता चल गया कि उनका रिश्ता दोस्तों जैसा नहीं है. उसकी बाक़ी महिला दोस्त तो ठीक हैं. मैं उन्हें और उनके परिवार के बारे में जानती हूँ, लेकिन मरियम पूरी तरह अजनबी है. मुझे नहीं पता उन दोनों को किसने मिलाया.

वो दोनों एक साथ बाहर जाती थीं और मेरी बेटी काफ़ी देर से घर लौटती थी. वो कहती थी कि उसकी दोस्त काफ़ी छोटी है और उसे पता नहीं है कि वह कैसे घर जाए, इसलिए मैं उसे स्टेशन तक छोड़ने गई थी.

मैं सोचा कि बेहतर होगा कि दोनों इसी घर में एक साथ रहें. बाहर ख़तरा है. पार्क और होटलों में भटकने से अच्छा है कि वो घर पर ही रहें. इस तरह से मरियम को मेरे घर में घुसने का रास्ता मिल गया.

मुझे पता है उनके बीच क्या चल रहा है, लेकिन मैं ख़ामोश हूँ, मैं उन्हें नज़रअंदाज करने की कोशिश करती हूँ. मैं ज़्यादातर घर से बाहर रहने की कोशिश करती हूँ ताकि मुझे उन लोगों को देखना न पड़े.

मैं मरियम से नफ़रत करती हूँ, लेकिन अपनी बेटी की भलाई के लिए मैंने उसे घर में रहने दिया है.

अगर वो एक साधारण दोस्त होती तो मुझे कोई परेशानी नहीं थी. अगर वो दोनों केवल दोस्त होतीं तो मैं उसे पूरी उम्र इसी घर में रहने देती. मैं नहीं चाहती कि मेरी बेटी अकेली रह जाए.

लेकिन मैं जानती हूँ कि यह लड़की जाहिल और बेशर्म है. वह हर समय नखरे दिखाती है और निर्लज्ज है. वो मेरी बेटी को भ्रष्ट कर रही है. वो दोनों प्रेमियों की तरह रहते हैं और एक दूसरे के लिए सामान ख़रीद कर लाते हैं.

मैंने उसे एक माँ की तरह सलाह दी कि किसी पुरुष से शादी कर ले, तो उसने यह बात मेरी बेटी को बता दी और उसे परेशान कर दिया.

अगर मैं इस लड़की को बाहर निकाल देती हूँ, तो मेरी बेटी कोई ऐसा क़दम उठा सकती है, जिसके लिए मुझे सारी उम्र पछताना पड़े.

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आज अगर सारा का कोई भाई होता या उसके पिता जीवित होते तो यह लड़की कभी मेरी बेटी से चिपकने की हिम्मत नहीं कर पाती.

मैंने उस लड़की से कहा कि अपनी अंगूठी निकाल दो ताकि कोई लड़का तुमसे शादी के लिए संपर्क कर सके. लेकिन उसने जवाब दिया कि जब तक आपकी बेटी शादी नहीं करेगी, मैं भी नहीं करूंगी.

मुझे किसी ऐसे व्यक्ति की ज़रूरत है जो मेरी बेटी को उसके भविष्य के बारे में समझाए. वो बिना बच्चों के ही बूढ़ी हो जाएगी.

मुझे नहीं पता कि मैं क्या करूँ. मुझे कोई रास्ता नहीं दिख रहा है. मैं किस तरह से अपनी बेटी को बचाउँ.

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