जापान में अमरीकी सेना के ख़िलाफ़ सड़कों पर लोग

  • 19 जून 2016
इमेज कॉपीरइट Reuters

जापान के ओकिनावा द्वीप में अमरीकी सेना की मौजूदगी के ख़िलाफ़ दसियों हज़ारों लोग प्रदर्शन कर रहे हैं.

लोग 20 साल की महिला रीना शिमाबूकुरो के साथ रेप और फिर हत्या से नाराज़ हैं, जिसके आरोप एक पूर्व अमरीकी नौसैनिक पर लगे हैं.

इस घटना के बाद ओकिनावा में अमरीकी सैन्य अड्ड़ों को लेकर लोगों की नाराजगी और बढ़ गई है. वे अमरीकी सैन्य कर्मचारियों को द्वीप से बाहर किए जाने की मांग कर रहे हैं.

लेकिन जापान और अमरीका का कहना है कि वो दोनों देशों के सैन्य गठबंधन के लिए बहुत अहम हैं, वो भी तब जब चीन लगातार आक्रामक हो रहा है.

ओकिनावा में फिलहाल 26,000 अमरीकी सैनिक हैं.

इमेज कॉपीरइट AFP

ये लोग सैन्य अड्डों में रहते हैं और वहीं काम करते हैं. ये अड्डे ओकिनावा द्वीप के 20 प्रतिशत क्षेत्रफल में फैले हैं.

रविवार को प्रदर्शन शुरू होने के पहले रीना शिमाबूकुरो के लिए मौन रखा गया और फिर उनके पिता की ओर से संदेश पढ़ा गया.

प्रदर्शनकारियों ने जो तख़्तियां उठा रखी थीं, उन पर लिखा था, "हमारा आक्रोश सीमाएं पार कर चुका है", "इन नौसैनिकों को बाहर निकालो".

इमेज कॉपीरइट AP

71 साल की चिहिरो उचिमूरा ने समाचार एजेंसी एएफ़पी को बताया, "मैं बहुत दुखी हूं और अब मैं नहीं चाहती कि कोई और शिकार बने."

वे कहती हैं, "जब तक यहां अमरीकी सेना का ठिकाने रहेंगे, इस तरह की घटनाएं घटती रहेंगी."

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए यहां क्लिक करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)

बीबीसी न्यूज़ मेकर्स

चर्चा में रहे लोगों से बातचीत पर आधारित साप्ताहिक कार्यक्रम

सुनिए

संबंधित समाचार