ढाका हमला: 'बंधक को हमलावर समझ लिया था'

  • 6 जुलाई 2016
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बांग्लादेश पुलिस ने माना है कि ढाका में शुक्रवार को कैफ़े में हुए हमले में ग़लती से एक बंधक को हमलावर समझ लिया गया था.

बांग्लादेश के सुरक्षा अधिकारियों ने पहले कहा था कि ढाका की होली आर्टिसन बेकरी में हमले की जवाबी कार्रवाई में छह हमलावरों को मार गिराया गया था.

अब पुलिस का कहना है कि एक व्यक्ति जिसकी पहचान हमलावर के तौर पर की गई थी वो दरअसल बंधक था. अभी ये साफ़ नहीं है कि उसकी मौत कैसे हुई और किसने उसकी हत्या की.

बांग्लादेश पुलिस ने बीबीसी को बताया कि कैफ़े में पीज़ा शेफ़ सैफ़ुल इस्लाम की तस्वीर दूसरे हमलावरों के साथ जारी की गई थी, बाद में बताया गया कि वो हमले में शामिल नहीं था.

हालांकि पुलिस ने पहले आई रिपोर्टों की पुष्टि नहीं की कि पुलिस ने ग़लती से उसे गोली मार दी.

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हमलावरों की तस्वीर के साथ जारी सैफ़ुल इस्लाम की तस्वीर से परिवार वालों को इसकी जानकारी मिली.

सैफ़ुल इस्लाम के भाई सुलेमान ने समाचार एजेंसी एएफ़पी को बताया, " हमने विरोध किया. हमने कहा कि वो कभी भी चरमपंथी नहीं था. वो काफ़ी मेहनती था और बांग्लादेश में बेहतरीन पीज़ा और पास्ता बनाने वालों में एक था.

पुलिस ने पांच बंदूकधारियों की पहचान निबरास इस्लाम, रोहान इम्तीयाज़, मीर सामेह मुबाशीर, ख़ैरुल इस्लाम और शफ़ीकुल इस्लाम के तौर पर की है.

शुक्रवार को इस हमले में 22 लोगों की मौत हो गई थी, इनमें कई विदेशी लोग भी थे.

चरमपंथी संगठन इस्लामिक स्टेट ने हमले की ज़िम्मेदारी ली थी लेकिन बांग्लादेश के आंतरिक मंत्री अस्सदुज़मान ख़ान ने कहा कि हमलावर स्थानीय 'जमीतुल मुजाहिद्दीन बांग्लादेश' के थे.

प्रधानमंत्री शेख़ हसीना के राजनीतिक सलाहकार एच टी इमाम ने कहा कि पुलिस को विदेशी दूतावासों या बड़े होटल और रेस्त्रां में हमले की आशंका थी.

उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया वेबसाइट ट्विटर पर बांग्लादेशी अधिकारियों ने शुक्रवार को कई संदेश देखे जिसमें कहा गया था कि 'हमला होगा'.

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