'गोरे लोगों को मारना चाहता हूं '

  • 8 जुलाई 2016
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अमरीका के डैलस में पुलिस प्रमुख ने बताया है कि पुलिस पर गोलीबारी में मारे गए संदिग्ध ने मरने से पहले कहा था कि वो गोरे लोगों को मारना चाहता था और उसके निशाने पर ख़ास तौर पर गोरे पुलिस अधिकारी थे.

हमलावर की पहचान 25 वर्षीय मिकाह ज़ेवियर जॉनसन के रूप में हुई है.

जॉनसन अमरीकी सेना में सेवाएं दे चुके हैं और उन्होंने अफ़ग़ानिस्तान युद्ध में हिस्सा लिया था.

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डैलस के पुलिस प्रमुख डेविड ब्राउन ने कहा कि हाल ही में पुलिस फ़ायरिंग में काले लोगों की मौत को लेकर वो नाराज़ था.

अधिकारियों के मुताबिक बंदूकधारियों ने काले लोगों की पुलिस की गोली से मौत के विरोध में निकाले गए मार्च के अंत में गोलियां चलाईं जिसमें पांच पुलिस अधिकारियों की मौत हो गई.

पुलिस ने तीन लोगों को हिरासत में लिया है. हालांकि अभी ये स्पष्ट नहीं है कि हमलावर एक ही था या संख्या इससे ज़्यादा थी.

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डेविड ब्राउन ने बताया कि उस इमारत में पुलिस ने एक रोबोट के ज़रिए विस्फोटक रखे थे जहां संदिग्ध छुपा हुआ था, और मुठभेड़ में उसकी मौत हो गई थी. इससे पहले संदिग्ध के साथ पुलिस के प्रतिनिधियों की बातचीत में उसने कहा कि वो गोरे लोगों से गुस्सा है.

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अमरीकी मीडिया में आ रही रिपोर्टों के मुताबिक़ संदिग्ध की पहचान 25 वर्षीय मिकाह जॉनसन के तौर पर हुई है, वो डैलेस के मेसक्वायट का रहने वाला था.

इसके अलावा संदिग्ध ने कहा कि वो किसी गुट से जुड़ा हुआ नहीं है और अकेले ही ये हमला कर रहा है. हालांकि पुलिस का मानना है कि हमले में एक से ज़्यादा बंदूकधारी शामिल थे.

पुलिस का कहना है कि हमला काफ़ी सोच समझकर और योजनाबद्ध तरीके से किया गया.

मिनेसोटा में फिलांडो कैस्टिल और लुइज़ियाना के बैटन रूज़ में आल्टन स्टर्लिंग की मौत पुलिस की गोली लगने से हुई थी. ये मौतें इस प्रदर्शन का कारण बनी.

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इससे पहले डेविड ब्राउन ने कहा था कि संदिग्धों ने मिलकर राइफ़ल से हमला किया.

उन्होंने कहा कि दो बंदूकधारियों ने ऊंचाई से हमला किया था जिससे पुलिस अधिकारियों को पीठ में गोली लगी.

राष्ट्रपति बराक ओबामा ने हमले को क्रूरतापूर्ण बताया है.

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