'पोकेमॉन गो' के बारे में पांच बड़े सवाल

  • 14 जुलाई 2016
पोकेमॉन गो इमेज कॉपीरइट AFP

मैंने पोकेमॉन के बारे में सुना है. क्या कुछ नया हुआ है?

हां. पोकेमॉन गो, नाम का एक रिएलिटी गेम आया है जो स्मार्टफ़ोन पर खेला जा सकता है.

ये गेम आपके फ़ोन के जीपीएस का इस्तेमाल करता है. आप असल दुनिया में चलते-फिरते इसे खेल सकते हैं और छोटे-छोटे वर्चुअल मॉन्सटर्स पकड़ सकते हैं.

'पिकाचू' और 'जिग्लीपफ़' जैसे इन मॉनस्टर्स को आप एक दूसरे के साथ लड़ने की ट्रेनिंग दे सकते हैं.

1- कैसे शुरू हुआ पोकेमॉन?

मॉनस्टर्स पर आधारित ये गेम पहली बार 1990 के दशक में लोकप्रिय हुआ जब इन्हें पहली बार निनटेंडो गेम बॉय पर शुरू किया गया.

माइनक्राफ्ट से पहले, लेकिन योयोज़ और मार्बल के बाद स्कूलों में ये गेम कार्ड्स के रूप में बेहद लोकप्रिय हुआ. इन कार्ड्स को आपस में बदल कर खेला जाता था.

इमेज कॉपीरइट Reuters

गेम बॉय और डीएस पर पोकेमॉन उपलब्ध है. टीवी पर कार्टून कार्यक्रम के रूप में भी ये प्रसारित किया जाता है. और यह कम तक़नीक़ वाले गेम कार्ड्स के रूप में भी खेला जाता है.

लेकिन ये पहला मौक़ा है जब पोकेमॉन्स को स्मार्टफ़ोन गेम के रूप में बाज़ार में उतारा गया है.

2 - स्मार्टफोन में कैसे मिलेगा ये गेम?

आईफ़ोन पर एप स्टोर से या एंड्राइएड फ़ोन पर गूगल प्ले सेटोर से इसे डाउनलोड किया जा सकता है. ये गेम मुफ़्त है, लेकिन कुछ अन्य गेम एप्स की तरह कुछ चीज़ों को पैसों से ख़रीदना होगा.

ये गेम फ़िलहाल ऑस्ट्रेलिया, न्यूज़ीलैंड और अमरीका में उपलब्ध है और जापान में ये जल्द रिलीज़ होगा. लेकिन ब्रिटेन में अभी इसे आने में कुछ वक्त लगेगा.

इस गेम को इतने लोगों ने खेलना शुरू कर दिया है कि अब इसके सवर्स क्रैश कर रहे हैं.

इमेज कॉपीरइट AP

यही कारण है कि गूगल की मूल कंपनी 'अल्फाबेट इंक' का हिस्सा 'निएंटिक इंक', फिलहाल इसे दुनियाभर में रिलीज़ नहीं कर रही है.

3 - इसे खेलने वाले के साथ अब तक सबसे अजीब घटना क्या घटी?

जब एक अमरीकी महिला अपने घर के नज़दीक एक नदी में पोकेमॉन ढूंढने गई तो वहां उन्हें एक शव मिला. पुलिस के मुताबिक़ पिछले 24 घंटों में उस व्यक्ति की मौत हुई थी और इसमें किसी साज़िश का संदेह नहीं है.

इस गेम के ज़रिए लोगों को लुभाकर दूरदराज़ के इलाक़े में ले जाकर बंदूक की नोक पर उन्हें लूटने की कोशिश करने के आरोप में पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार किया है.

इस घटना के जवाब में पोकेमॉन गो गेम बनाने वालों ने सलाह दी है कि लोग इसे अपने दोस्तों के साथ खेलें, ख़ास कर तब जब वो किसी नए या अनजान जगह पर हों. कंपनी ने लोगों को 'सुरक्षित और सतर्क' रहने के लिए कहा है.

इमेज कॉपीरइट EPA

ऐसी भी कई रिपोर्टें आई हैं कि इसे खेलते वक़्त लोग ठोकर खा कर गिर रहे हैं या उन्हें खरोंच और चोट लग रही हैं. ऐसा इसलिए क्योंकि खेल के दौरान वो इसमें इतने मग्न हो कर सामने तक नहीं देख रहे हैं.

4 - क्या मुझे अपनी प्राइवेसी की चिंता होनी चाहिए?

कुछ लोगों का कहना है ये रियल टाइम में चलता है तो अगर आप गेम के किसी दूसरे खिलाड़ी के क़रीब हैं तो हो सकता है कि हो सकता है कि आप इन्हें अपनी ज़िंदगी में देख सकें.

ऐसा करने के लिए इस गेम में निएंटिक लैब्स आपके सही लोकेशन का इस्तेमाल करती है और एप के ज़रिए उसे साझा करती है. गेम खेलने से पहले आपको इसके लिए इजाज़त देनी होती है.

ऐसा सभी सोशल नेटवर्किंग एप्स करते हैं. लेकिन जहां आप फ़ेसबुक और ट्विटर पर अपनी लोकेशन की जानकारी देने से इंकार कर सकते हैं, पोकेमॉन गो में अपनी लोकेशन न शेयर करने देने पर आपको गेम खेलने में परेशानी आएगी.

इमेज कॉपीरइट AP

5 - क्या ये गेम अब तक सफ़ल रहा है?

रिलीज़ होने के बाद से इस गेम से निंनटेंडो के शेयर्स में 700 करोड़ डॉलर का फ़ायदा हुआ है.

अमरीका के गेम चार्ट्स में ये गेम सबसे लोकप्रिय हो गया है. इस गेम का बाज़ारों पर कब्ज़ा हो रहा है - युवा, जो पहली बार इसे खेल रहे हैं; और 25 से 35 साल के बीच की उम्र के लोग जो अपने बचपन की यादें इस गेम के साथ ताज़ा कर रहे हैं.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

बीबीसी न्यूज़ मेकर्स

चर्चा में रहे लोगों से बातचीत पर आधारित साप्ताहिक कार्यक्रम

सुनिए

संबंधित समाचार