नीस के हमलावर की पहचान हुई

  • 15 जुलाई 2016
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फ्रांस के दक्षिणी शहर नीस में हुए चरमपंथी हमले के पीछे जिस व्यक्ति का हाथ था, पुलिस ने उसकी पहचान मोहम्मद लावेइज़ बूहलल के रूप में की है.

पुलिस को ट्रक के अंदर ऐसे कागज़ात मिले हैं जिनसे पता चला है कि 31 साल के बूहलल फ्रांसीसी ट्यूनीशियाई नागरिक था और नीस में रह रहा था.

पहले छोटे मोटे अपराधों के चक्कर में उसका साबका पुलिस से पड़ चुका था, लेकिन उसका नाम निगारानी के दायरे में रखे जाने वालों की सूची में नहीं था.

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फ्रांसीसी क्रांति की याद में जारी जश्न के बीच यह हमला हुआ जिसमें अब तक 84 लोगों की मौत हो चुकी है. पुलिस की कार्रवाई के दौरान बूहलल की भी मौत हो गई.

पुलिस को उसके बारे में पता था, लेकिन उसका किसी जिहादी ग्रुप से कोई संबंध नहीं था.

नाम न जाहिर न करने की शर्त पर बीबीसी अरबी सेवा से ट्यूनीशिया के एक सुरक्षा स्रोत ने कहा कि मोहम्मद बूहलल का संबंध सूस शहर के पास मस्किन में रह रहे एक परिवार से है.

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बूहलल के मां बाप के बीच तलाक़ हो चुका है और वो फ्रांस में रहते हैं.

सूत्रों के मुताबिक़, वो ट्यूनीशिया अक्सर आता था और पिछली बार क़रीब आठ महीने पहले यहां आया था.

कहा जा रहा है कि बूहलल शादीशुदा था और उसके तीन बच्चे हैं.

ट्यूनीशिया के अधिकारियों को ये पता नहीं है कि क्या वो ट्यूनीशिया में किसी चरमपंथी गतिविधि में शामिल रहा है या नहीं.

हालांकि ड्रग्स और शराब से संबंधित अपराधों को लेकर उसके बारे में अधिकारियों को जानकारी थी.

इससे पहले ट्यूनीशिया की सरकार ने एक बयान जारी कर इस हमले की कड़ी निंदा की थी.

हमले के समय, हालांकि प्रत्यक्षदर्शियों ने शुरुआत में सोचा कि ड्राइवर का ट्रक पर नियंत्रण नहीं रहा, लेकिन जल्द ही साफ हो गया कि वो ऐसा जानबूझकर कर रहा है.

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एक आदमी ने बताया, "मैंने ड्राइवर का चेहरा देखा था. उसने दाढ़ी रख रखी थी और ऐसा लग रहा था जैसे उसे मज़ा आ रहा हो."

एक अन्य ख़बर के अनुसार, हमलावर ने हाल ही में इस ट्रक को किराए पर लिया था और ये भी माना जा रहा है कि गाड़ी में जो दस्तावेज मिले हैं वो भी किराए से जुड़े हों.

एक अन्य रिपोर्ट में कहा गया है कि ड्राइवर का लाइसेंस, क्रेडिट कार्ड और मोबाइल फ़ोन ट्रक के अंदर से मिले हैं.

हालांकि हमलावर के पास एक पिस्टल मिली है, लेकिन ट्रक के अंदर मौजूद सभी हथियार नक़ली मिले.

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इससे इस बात पर सवाल खड़ा हो रहा है कि जिहादी ग्रुपों का उसे समर्थन हासिल था.

कई लोग इस हमले को इस्लामिक स्टेट के प्रवक्ता मोहम्मद अल अदनानी के 2014 में आए उस ऑडियो संदेश से जोड़ रहे हैं, जिसमें कहा गया था कि 'अगर आप बम नहीं फोड़ सकते या गोली नहीं चाल सकते तो उन पर अपनी कार चढ़ा दो.'

ऐसा लगता है कि नीस हमलावर ने भी यही रास्ता अपनाया.

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