Fan शब्द की उत्पत्ति कैसे हुई?

  • 28 जून 2009
क्रिकेट फ़ैन
Image caption क्रिकेट मैच के दौरान हर उम्र के फ़ैन नज़र आते हैं

आप ने अक्सर लोगों को यह कहते सुना होगा कि वे अमिताभ के फ़ैन हैं या सचिन तेंदुलकर के फ़ैन हैं या रेखा के फ़ैन हैं इत्यादि. लेकिन क्या आप को पता है कि फ़ैन शब्द कहाँ से आया है?

आज हम जिस शब्द की चर्चा कर रहे हैं वह शब्द है: फ़ैन (Fan) आप मतलब समझ ही गए होंगे कि ‘फ़ैन’ का अर्थ उत्साही समर्थक या बहुत बड़ा प्रशंसक होता है, जिंन्हें हम प्रायः दीवाना या रसिया भी कहते हैं. इस शब्द के कई अर्थ हैं लेकिन जिस अर्थ के बारे में हम यहाँ बात कर रहें हैं उसका जन्म अमरीका में हुआ और पहली बार प्रयोग में लाने का श्रेय टेड सुलीवॉन को जाता है जो कि सेंट लुईस ब्राउन्ज़ बेसबॉल टीम के मैनेजर थे. वर्ष1887 में फिलाडल्फ़िया की एक खेल पत्रिका ‘स्पोर्टिंग लाइफ़’ में इस शब्द के गढ़ने को इस प्रकार बयान किया गया है: "It was Ted who gave the nick-name of 'fans' to baseball cranks. You never hear a man called a 'fiend' out in the Western League cities. 'Fan' is the word that is invariably used. It is a quick way of saying 'fanatic.'"

यानी, ‘वह टेड थे जिन्होंने बेसबॉल के दीवानों के लिए फ़ैन का उप-नाम दिया. आप ने वेस्टर्न लीग के शहरों में कभी किसी को ‘फ़िएन्ड’ शब्द का प्रयोग करते नहीं सुना होगा. आम तौर पर ‘फ़ैन’ शब्द का ही प्रयोग किया जाता है. यह ‘फ़ैनेटिक’ को जल्दी में कहने का तरीका है.’

आप समझ ही गए होंगे की फ़ैन शब्द ‘फ़ैनेटिक’ का छोटा रूप है. हमरा मक़सद यहां फ़ैनेटिक का अर्थ जानना नहीं है इस लिए उसे किसी और समय के लिए रख देते हैं पहले हम टेड सुलिवॉन की कहानी सुन लें कि किस प्रकार बात चीत के दौरान यह शब्द बन गया और तुरंत ही पसंद भी किया गया. 1896 में टेड सुलिवॉन ने इस के बारे में इन शब्दों में कहा: "The first season I was with [Chris] Von der Ahe [the team owner], Chris had a board of directors made up of cranks who had baseball on the brain, and they were always interfering with me and telling Chris how the team ought to be run. I told Chris that I didn't propose to be advised by a lot of fanatics. 'What that you call it? Fans, eh?' said Chris. 'Yes, fans for short. They're a lot of fans, Chris,' I said. The expression was a hit with me. Comiskey and the players took it up, and then the newspapers."

Image caption भारत पाकिस्तान के क्रिकेट मैचों के दौरान ऐसे बच्चे भी नज़र आते हैं

“मैं पहले सीज़न में (क्रिस) वॉन दर अहे (टीम के मालिक) के साथ था. क्रिस के निदेशक मंडल में बेसबॉल के दीवाने शामिल थे जो मेरे कामों में हमेशा दख़ल देते रहते और क्रिस को यह बताते रहते कि टीम को कैसे चलना चाहिए. मैंने क्रिस से कहा कि मुझे इतने सारे फ़ैनेटिक्स यानी कट्टरपंथियों की सलाह की ज़रूरत नहीं है. ‘तुम ने उन्हें क्या कहा? ‘फ़ैन्ज़’, क्रिस ने कहा’. हाँ संक्षेप में ‘फ़ैन्ज़’, मैं ने कहा कि क्रिस यहां बहुत सारे फ़ैन्ज़ हैं. यह शब्द मुझे काफ़ी सटीक लगा और कॉमिस्की और दूसरे खिलाड़ी इसे ले उड़े और फिर सामाचार पत्रों में भी यह चल निकला.” उत्साही और उत्तेजित समर्थकों के लिए प्रयोग होने वाला शब्द ‘फ़िएन्ड’ (Fiend 1865) और ‘क्रैंक’ (Crank 1882) की जगह फ़ैन ने ले ली और 1901 के एक शब्द कोष में यह लिखा गया कि संवाददाताओं में यह शब्द बड़ा प्रचलित है. इसकी वजह शायाद इस शब्द का आसान उच्चारण और इस में छिपा एक लहराता हल्का व्यंग्य है. पहले पहल यह शब्द अमरीकी खेल प्रेमियों के लिए ही प्रयोग होता रहा लेकिन क्रिकेट जैसे खेल बेसबॉल ने दूसरों के लिए मानों एक ‘फ़ैनडम’ (Fandom) की स्थापना कर दी हो और जल्द ही यह शब्द इतना लोकप्रिय हुआ कि देखते देखते फ़ैन मेल (Fan mail-1924) फ़ैन लेटर (Fan letter- 1932) और फ़ैन क्लब (Fan club- 1941) तक की स्थापना हो गई. यहां तक कि साइंस फ़िक्शन भी 20वीं शताब्दी के तीसरे दशक के बाद 1940 से फ़ैनज़ाइन्स (Fanzines) कहलाने लगीं. इतना जानने के बाद शायद आप किसी का फ़ैन कहलाना पसंद नहीं करें लेकिन क्या करें भारत-पाकिस्तान क्रिकेट श्रृंखला अभी चल रही है और अपने अपने पसंदीदा खिलाड़ी और टीम का समर्थन भी ज़रूरी है.

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