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लाइव रिपोर्टिंग

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  1. Post update

    बीबीसी हिंदी पर कोरोना वायरस का ये लाइव पेज हम यहीं समाप्त कर रहे हैं.

    लेकिन बीबीसी हिंदी पर कोरोना को लेकर लाइव ख़बरों का सिलसिला जारी है.

    शनिवार की लाइव अपडेट्स के लिए आप इस लिंक पर क्लिक करें.

  2. कैलिफोर्निया में 24 घंटों में 95 की मौत

    कैलिफोर्निया में बीते 24 घंटे में कोरोना वायरस के कारण 95 लोगों की मौत हो गई है. अब तक राज्य में एक दिन में होने वाली मौतों का ये सबसे बड़ा आंकड़ा है.

    गुरुवार तक यहां कोरोना के कारण कुल 890 मौतें हुई थीं.

    कैलिफोर्निया के गवर्नर गेविन न्यूज़ोम ने कहा है कि आसपास के कुछ हॉटस्पॉट की वजह से मौतों के आंकड़े में अचानक ये उछाल आया है. उन्होंने कहा कि इसमें फ्रेस्नो के दक्षिण-पूर्व में तुलारे काउंटी में एक नर्सिंग होम भी शामिल है.

    स्थानीय मीडिया के अनुसार अनुमान लगाया जा रहा था कि शुक्रवार दिन के ख़त्म होने तक राज्य में कुल मौत का आंकड़ा एक हज़ार के पार जा सकता है.

    गवर्नर गेविन न्यूज़ोम के अनुसार गुरुवार तक राज्य में कोरोना के कुल 26,182 मामले थे जो शुक्रवार को बढ़ कर 27,528 हो गए हैं.

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  3. वन्यजीवों के मांस के व्यापार पर कड़े प्रतिबंध लगाएं देश - WHO

    विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रमुख डॉक्टर टेड्रॉस एडहनॉम गीब्रियेसिस ने सभी देशों की सरकरों से अपील की है कि वो कोरोनो वायरस महामारी के मद्देनज़र खाने के लिए वन्यजीवों के मांस के व्यापार पर प्रतिबंध को सख्ती से लागू करें.

    माना जा रहा है कि कोरोना वायरस महामारी की शुरूआत चीन के वुहान में मौजूद सीफूड मार्केट से हुई थी.

    डॉक्टर टेड्रॉस ने कहा कि जिन बाज़ारों में जीवित जानवरों की बिक्री होती है यानी वेट मार्केट को फिर से खोलने की अनुमति तभी दी जानी चाहिए जब भोजन और स्वच्छता सभी मानकों का कड़ाई से पालन हो.

    डॉक्टर टेड्रॉस ने माना कि ये बाज़ार लाखों लोगों के लिए भोजन का एक महत्वपूर्ण स्रोत हैं, लेकिन वो कहते हैं कि अधिकांश जगहों में स्वच्छता का अभाव होता है.

    साथ ही उन्होंने कहा कि एक आकलन के अनुसार सभी नए वायरस का सत्तर फीसदी जानवरों से आए हैं और अभी हम जानवरों से इंसान में वायरस के संक्रमण को और बेहतर तरीके से समझने और रोकने की कोशिश कर रहे हैं.

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  4. राष्ट्रपति ट्रंप और न्यूयॉर्क के गवर्नर में क्यों बढ़ा तनाव?

    गुरुवार को ट्रंप ने कहा था कि कोरोना वायरस के कारण जो पाबंदियां लगाई गई हैं उन्हें हटाने के बारे में फ़ैसला राज्य के गवर्नर का होना चाहिए और संघीय सरकार इस मामले में केवल दिशानिर्देश जारी कर सकती है.

    लेकिन इसके बाद शुक्रवार को न्यूयॉर्क के गवर्नर एंड्रू कूमो के ख़िलाफ़ ट्रंप ने एक के बाद एक कई ट्वीट किए और कहा कि गवर्नर कूमो को शिकायत करने में कम समय लगाना चाहिए जबकि अपने काम को अधिक समय देना चाहिए.

    मामला तब और भी बढ़ गया जब कूमो ने आरोप लगाया कि लॉकडाउन हटाने और आम जनजीवन फिर से शुरु करने के लिए जो ज़रूरी आर्थिक मदद चाहिए वो संघीय सरकार नहीं दे रही है. ऐसे में ट्रंप को ये उम्मीद नहीं करनी चाहिए कि बिना ज़रूरी आर्थिक मदद के राज्य सरकारें इस मामले में आगे कदम बढ़ा सकेंगी.

    पूरी रिपोर्ट पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें.

    राष्ट्रपति ट्रंप
  5. जल्द टीका बनाने के लिए ब्रितानी सरकार ने बनाया टास्कफोर्स

    आलोक शर्मा

    ब्रिटेन के व्यापार सचिव आलोक शर्मा ने शुक्रवार को संवाददाता सम्मेलन में बताया कि कोरोना को फैलने से रोकने के लिए सरकार सही दिशा में सही कदम उठा रही है.

    उन्होंने कहा कि सरकार कोरोना से निपटने के लिए एक तरफ लोगों से सोशल डिस्टेंसिंग के नियम लागू करने के लिए कह रही है और दूसरी तरफ इसके लिए जल्द से जल्द टीका बनाने की कोशिश में लगी है. सरकार ने इसके लिए एक ख़ास टास्कफोर्स का गठन भी किया है.

    कोरोना पर होने वाली रोज़ाना के संवाददाता सम्मेलन में उन्होंने कोरोना के कारण देश में 14,576 मौतें होने की पुष्टि की और मृतकों के लिए प्रार्थना की.

    उन्होंने कहा कि "देश की स्वास्थ्य एजेंसी एनएचएस को बचाने के लिए ये ज़रूरी है कि अभी तीन सप्ताह के लिए लॉकडाउन का कड़ाई से पालन किया जाए."

    उन्होंने कहा कि "संक्रमण रोकने के लिए सरकार को लगातार कोशिशें करनी होंगी" और "सबसे बुरा तब होगा जब हम लॉकडाउन को समय से पहले ही खोल देंगे. इससे वायरस के दोबारा पैर पासारने की संभावना बनेगी और ये न तो ब्रितानी नागरिकों के लिए अच्छा होगा न ही एनएचएस के लिए."

    पूरी रिपोर्ट पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें.

  6. 81 निजी प्रयोगशालाओं में टेस्ट को मंज़ूरी

    भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) ने देश में कोविड-19 टेस्ट करने वाली प्रयोगशालाओं की नई लिस्ट जारी की है. उसने 81 निजी लैब्स को टेस्ट करने की मंज़ूरी दी है.

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  7. ट्यूनीशियाः पुलिसवालों को संक्रमित करने की कथित साज़िश, दो गिरफ़्तार

    ट्यूनीशिया के गृह मंत्रालय का कहना है कि दो लोगों को सुरक्षाबलों को कोरोना संक्रमित करने की कथित साज़िश के मामले में गिरफ़्तार किया गया है जिनमें एक संदिग्ध जिहादी शामिल है.

    गृह मंत्रालय ने कहा कि इस संदिग्ध जिहादी को हाल ही में रिहा किया गया था और उसने कोरोना संक्रमित लोगों को पुलिस और सुरक्षाकर्मियों पर खांसने के लिए कहा.

    दूसरे व्यक्ति ने कहा कि उसे जान-बूझकर हर ओर खांसने के लिए कहा गया जब वो निगरानी में था और उसे लोकल थाने में रिपोर्ट करना था.

    फ़िलहाल उसके कोरोना संक्रमित होने की जाँच की जा रही है.

  8. केरलः केवल 1 नया संक्रमण

    केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने कोरोना पर राज्य की ताज़ा स्थिति बताई है जिसके मुताबिक संक्रमण का केवल एक नया मामला सामने आया है. 10 पुराने मामलों का पता लगाया गया है.

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  9. जर्मनीः स्थिति नियंत्रण में, स्वास्थ्य मंत्री का दावा

    जर्मनी के विदेश मंत्री ने कहा है कि देश में कोरोना महामारी नियंत्रण में है और संक्रमण के मामले घट रहे हैं.

    उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस में कहा, महामारी आज की तारीख़ में काबू करने योग्य और व्यवस्थित करने योग्य हो चुकी है.

    जर्मनी में संक्रमण की दर 0.7 हो गई है, यानी प्रत्येक संक्रमित व्यक्ति एक से भी कम व्यक्ति को संक्रमित कर रहा है.

    हालाँकि मरने वालों और स्वास्थ्यकर्मियों के संक्रमित होने की संख्या अभी भी बढ़ रही है.

    जर्मनी में लगभग 138,000 लोगों को पॉज़िटिव पाया गया है.

    वहाँ कोरोना से 3,868 लोगों की मौत हो चुकी है.

    जर्मनी
  10. कोरोना वायरस पर बीबीसी हिंदी का विशेष डिजिटल बुलेटिन 'कोरोना दिनभर'

    सुनिए सारिका सिंह के साथ

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  11. ब्रिटेनः मौत का आँकड़ा 15,000 के पास

    ब्रिटेन में पिछले 24 घंटे में और 847 लोगों की मौत की पुष्टि की गई है जिसके बाद कोरोना संक्रमण से मरने वालों की संख्या बढ़कर 14,576 हो गई है.

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  12. स्पेनः मौत का आँकड़ा 20 हज़ार के पास

    स्पेन

    स्पेन में शुक्रवार को कोरोना से और 551 लोगों की मौत हो गई. गुरुवार को ये संख्या 585 थी.

    देश में मरने वालों की कुल संख्या बढ़कर 19,478 हो गई है.

    मृतकों की संख्या के हिसाब से स्पेन का स्थान अमरीका और इटली के बाद तीसरा है.

    संक्रमित रोगियों की संख्या के मामले में स्पेन का नंबर दूसरा है.

    स्पेन में कोरोना संक्रमण के कुल मामले बढ़कर 188,068 हो गए हैं.

  13. ओडिशा: COVID-19 लॉकडाउन के दौरान घरेलू हिंसा रोकने के लिए "फ़ोन-अप प्रोग्राम"

    स्थानीय संवाददाता सुब्रत पति ने बताया है कि COVID-19 लॉकडाउन के दौरान घरों में महिलाओं के प्रति होने वाली घरेलू हिंसा की समस्याओं को देखते हुए और ऐसी महिलाओं को बचाने के लिए, ओडिशा पुलिस एक "फ़ोन-अप प्रोग्राम" शुरू कर रही है.

    यह फ़ोन-अप प्रोग्राम राज्य स्तरीय कॉल सेंटर के माध्यम से कार्यान्वित किया जाएगा.

    कॉल सेंटर से उन महिलाओं को फ़ोन किया जाएगा जो अतीत में घरेलू हिंसा की शिकार थीं.

    किसी मामले में हिंसा की सूचना मिलने पर पीड़ित महिला की स्थिति का पता लगाने के लिए ज़िला पुलिस पहुँच जाएगी.

    राज्य पुलिस मुख्यालय का कहना है की यह क़दम COVID-19 लॉकडाउन के दौरान महिलाओं के प्रति हो रही घरेलू हिंसा की श्रृंखला को तोड़ देगा.

  14. असमः कोरोना आरोग्य निधि और तब्लीग़ी जमात मामले में मामला दर्ज

    तब्लीग़ी सदस्य

    बीबीसी हिंदी के लिए, गुवाहाटी से दिलीप कुमार शर्मा की रिपोर्टः

    कोरोना वायरस से निपटने के लिए असम आरोग्य निधि में डोनेशन देने वाले बाक्सा फॉरेनर्स ट्रिब्यूनल (एफटी) के मेंबर-जज कमलेश कुमार गुप्ता के खिलाफ मुसलपुर थाने में एक मामला दर्ज किया गया है.

    दरअसल बाक्सा फॉरेनर्स ट्रिब्यूनल के मेंबर कमलेश कुमार गुप्ता ने 12 एफ़टी मेंबर और कुछ कर्मचारियों की तरफ से स्वास्थ्य मंत्री हिमंत बिस्वा सरमा को कोरोना वायरस महामारी के लिए मदद स्वरूप दान देने को लेकर 7 अप्रेल को एक पत्र लिखा था.

    एफ़टी मेंबर गुप्ता के हस्ताक्षर वाले इस पत्र में नीचे की तरफ लिखा गया था, "हमारी आपसे एकमात्र प्रार्थना है कि तब्लीग़ी जमात के उल्लंघनकर्ता सदस्यों, जिहादी और जाहिल को इस डोनेशन का फ़ायदा न दिया जाए."

    एफ़टी मेंबर द्वारा लिखा गया यह पत्र जैसे ही मीडिया में लीक हुआ इसको लेकर विवाद खड़ा हो गया.

    एफ़टी कोर्ट की पूरी व्यवस्था भले ही अर्द्धन्यायिक है लेकिन इसमें नियुक्त मेंबर-जज किसी व्यक्ति की नागरिकता का फैसला करते हैं.

    इसलिए यह मामला काफी संवेदनशील बन गया.

    इस विवाद के उठने के बाद ऑल असम अल्पसंख्यक छात्र संघ ने 13 अप्रैल को बाक्सा जिले के मुसलपुर थाने मे एक शिकायत दर्ज की जिसके आधार पर पुलिस ने मामला पंजीकृत कर लिया.

    मुसलपुर हेडक्वार्टर के डीएसपी प्रणब कलिता ने मामले की पुष्टि करते हुए बीबीसी से कहा,"तीन दिन पहले एफ़टी मेंबर कमलेश कुमार गुप्ता के नाम पर एक मामला दर्ज किया गया है. फिलहाल वही मुख्य आरोपी है. हमने आईपीसी की धारा 154 ए और 295 ए के तहत यह मामला दर्ज किया है. पुलिस आगे की कार्रवाई करेगी."

    पुलिस में शिकायत करने वाले अल्पसंख्यक छात्र संघ मुख्य सलाहकार अजीजुर रहमान कहते है,"इतने ज़िम्मेदार पद पर बैठा एक व्यक्ति इस तरह की सांप्रदायिक बातें लिखित में कर रहा है जो उनके प्रोटोकॉल का भी उल्लंघन है. ऐसे लोग गरीब, मजबूर और पिछड़े लोगों की दलील को सुने बगैर उन्हें विदेशी बना देंगे. हमने गुवाहाटी हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस और केंद्र गृह सचिव को पत्र लिखकर इस मामले में कार्रवाई करने का आग्रह किया है."

    एफ़टी मेंबर गुप्ता ने उस लेटर को वापस ले लिया था और माफी मांग ली थी, फिर उनपर मामला क्यों किया गया? इस सवाल का जवाब देते हुए रहमान ने कहा,"असम में इस तरह के लोगों के लिए एफटी के कामकाज पर लगातार सवाल उठ रहें है. जब एफटी मेंबर के लेटर से यह मामला पब्लिक हो गया है तो सरकार को भी कार्रवाई करनी होगी."

    इस बीच असम विधानसभा में विपक्ष के नेता देवब्रत सैकिया ने गुवाहाटी हाई कोर्ट के मुख्य न्यायधीश और असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल को एक पत्र लिखकर इस मामले में कार्रवाई करने की मांग की है.

    कांग्रेस पार्टी के नेता सैकिया ने बीबीसी को बताया,"यह काफी गंभीर मामला है.उन लोगों को मेंबर जज कहा जाता है. इसलिए उनको देश के कानून के बारे में जानकारी होनी चाहिए. यही लोग कानून की गलत व्याख्या कर रहें है. एफटी में बैठे लोगों की ऐसी मानसिकता होनी ही नही चाहिए. हमने सरकार से तत्काल कार्रवाई करने को कहा है."

    पुलिस ने जो धारा लगाई है उसके अनुसार यह मामला किसी वर्ग के धर्म का अपमान करने और उनकी उपासना को ठेस पहुचाने से जुड़ा हुआ है.

    अगर यह मामला कोर्ट में साबित होता है तो आरोपी को दो साल का कारवास या आर्थिक दण्ड जैसी सजा दी जाती है. यह एक गैर-जमानती, संज्ञेय अपराध है.

    पढ़िए क्या है यह पूरा मामला - कोरोना आरोग्य निधि और तब्लीग़ी जमात को लेकर असम में क्यों उठा विवाद?

  15. भारत में कोविड-19 मरीज़ों की संख्या 13,835 हुई

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    केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया है कि भारत में कोरोना वायरस संक्रमण के कुल मामलों की संख्या 13,835 हो गई है.

    इनमें से 11,616 मरीज़ में अभी कोरोना वायरस एक्टिव हैं जबकि 452 लोगों की मौत हो चुकी है और 1766 लोग इससे ठीक हो चुके हैं.

    भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि पिछले महीने लॉकडाउन लागू होने के बाद से देश में कोविड-19 के मामलों के दोगुना होने की रफ़्तार धीमी हुई है.

    स्वास्थ्य मंत्रालय के ज्वाइंट सेक्रेटरी लव अग्रवाल ने कोरोना संकट पर अपनी दैनिक प्रेस ब्रीफ़िंग में कहा, "लॉकडाउन से पहले #COVID19 मामलों की डबलिंग रेट में लगभग 3 दिन लग रहे थे, पिछले सात दिनों के आँकड़ों के अनुसार मामलों की डबलिंग रेट अब 6.2 दिनों की है."

    उन्होंने बताया कि 19 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में डबलिंग रेट देश की डबलिंग रेट से भी कम है.

    उन्होंने कहा “केरल, उत्तराखंड, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, चंडीगढ़, लद्दाख, पुद्दुचेरी, दिल्ली, बिहार, ओडिशा, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, उत्तर प्रदेश, पंजाब, असम और त्रिपुरा में डबलिंग की दर कम है."

    लव अग्रवाल ने कहा कि नए मामलों के बढ़ने की गति में 40 फ़ीसदी की कमी आई है.

    उन्होंने साथ ही कहा कि संक्रमित लोगों के ठीक होने की दर 80 प्रतिशत है जबकि मृत्यु दर 20 प्रतिशत.

    लव अग्रवाल ने कहा, " कोविड-19 के ठीक होने वाले रोगियों और मारे जाने वाले रोगियों का अनुपात 80:20 है जो कि कई दूसरे देशों से ऊँचा है."

    उन्होंने बताया कि पिछले 24 घंटों में 1007 नए मामलों की पुष्टि हुई है जबकि 23 लोगों की मौत हुई है.

  16. कोलकाता समेत पश्चिम बंगाल के चार ज़िलों में लॉकडाउन पर सख़्ती के आदेश

    कोलकाता में पुलिसकर्मी

    कोलकाता से बीबीसी के सहयोगी पत्रकार प्रभाकर मणि तिवारी ने ख़बर दी है कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने रेड ज़ोन के तहत आने वाले राजधानी कोलकाता समेत राज्य के चार ज़िलों में सख्ती से लॉकडाउन लागू करने का निर्देश दिया है.

    इस बीच 22 नए मामले सामने आने के साथ ही राज्य में कोरोना के मरीज़ों की तादाद बढ़कर 188 हो गई है.

    ममता ने शुक्रवार को राज्य सचिवालय में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में कहा, “हावड़ा की स्थिति बेहद ख़राब है. वहां पूर्ण लॉकडाउन रहेगा. ज़रूरत पड़ने पर प्रशासन घर-घर ज़रूरी सामान पहुंचाएगा.”

    उन्होंने कहा कि अब इलाक़े के बाज़ारों में भी सशस्त्र पुलिसवाले तैनात रहेंगे जो इस बात की निगरानी करेंगे कि सोशल डिस्टेंसिंग और लॉकडाउन के नियमों का ठीक से पालन हो रहा है या नहीं. इसका उल्लंघन करने वालों के ख़िलाफ़ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

    शनिवार से हावड़ा ज़िले के तमाम बाज़ारों को सैनिटाइज़ किया जाएगा.

    मुख्यमंत्री ने राज्य के दूसरे सबसे बड़े शहर सिलीगुड़ी में लॉकडाउन के उल्लंघन पर गहरी चिंता जताते हुए ज़िला प्रशासन को सख़्त रवैया अपनाने का निर्देश दिया है.

    पुलिस ने लॉकडाउन के उल्लंघन के आरोप में बीते 24 घंटे के दौरान कोलकाता से 912 लोगों को गिरफ़्तार किया है और 23 वाहनों को ज़ब्त किया है.

  17. कोटा में फंसे छात्रों को लाने के लिए योगी सरकार ने भेजीं 200 बसें

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    Video caption: Lockdown के चलते कोटा में फंसे हज़ारों छात्र

    समीरात्मज मिश्र

    लखनऊ से, बीबीसी हिंदी के लिए

    राजस्थान के कोटा शहर में कोचिंग के लिए गए छात्रों को वापस लाने के लिए राज्य सरकार ने आगरा से क़रीब 200 बसों को रवाना किया है. कोटा में क़रीब साढ़े सात हज़ार छात्र कोरोना संकट की वजह से फँसे हुए हैं.

    छात्रों के अभिभावकों ने सरकार से मांग की थी कि वे बच्चों को वहां से उनके घरों तक पहुंचाने का इंतज़ाम करें क्योंकि लॉकडाउन की वजह से बच्चों को दिक़्क़तों का सामना करना पड़ रहा था. छात्र भी पिछले कई दिनों से इसके लिए कोशिश कर रहे थे.

    शुक्रवार को आगरा के अंतरराज्यीय बस अड्डे से उत्तर प्रदश राज्य परिवहन निगम की क़रीब 200 बसें रवाना हुईं. इस दौरान व्यवस्था के लिए वहां प्रशासन और पुलिस के अधिकारी भी मौजूद रहे.

    राजस्थान सरकार ने अपने यहां फंसे छात्रों को वापस बुलाने के लिए सभी राज्य सरकारों को परमिट देने का भरोसा दिया है. आगरा के अलावा अलीगढ़ और इटावा क्षेत्रों से भी बसें रवाना की जा रही हैं जो शनिवार को बच्चों को लेकर वापस आएंगी.

    आगरा के रीजनल मैनेजर मनोज त्रिवेदी का कहना है, “सभी बसों को सैनिटाइज करके ही भेजा जा रहा है. हर गाड़ी में ड्राइवर, कंडक्टर को मास्क और ग्लव्स भी दिए गए हैं. सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए एक बस में 25 बच्चों को ही बैठाया जाएगा और उन्हें संबंधित जगहों पर छोड़ा जाएगा. रास्ते में बच्चों के खाने-पीने का भी इंतज़ाम किया गया है.”

    उत्तर प्रदेश के तमाम शहरों और गांवों के हज़ारों बच्चे इंजीनियरिंग और मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी के लिए हर साल कोटा जाते हैं और वहीं रहकर कोचिंग करते हैं.

    लॉकडाउन की वजह से कोचिंग सेंटर्स बंद हैं. छात्रों ने #SendUsBackHome हैशटैगसे सोशल मीडिया पर अभियान भी चलाया था.

    छात्रों की समस्या को देखते हुए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला पिछले दो दिनों से केंद्र की एजेंसियों से बात करने की कोशिश कर रहे थे, मगर उन्हें भी निराशा हाथ लग रही थी.

    बसें
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  18. वन्य क्षेत्रों को गृह मंत्रालय के तहत किस प्रकार की छूट?

    गृह मंत्रालय की प्रवक्ता पुण्य सलिला श्रीवास्तव ने बताया कि 16 अप्रैल को आपदा प्रबंधन के अंतर्गत एक आदेश जारी करके अनुसूचित जनजाति और वन्य क्षेत्रों में रहने वाले लोगों द्वारा लघु वन उत्पाद और बिना लकड़ी वाले वन उत्पाद को इकट्ठा करने, कटाई और प्रोसेसिंग से छूट दी है.

    इसके अलावा बांस, नारियल, सुपारी, कोको एवं मसालों की खेती, कटाई, प्रोसेसिंग, पैकेजिंग, बिक्री एवं लेन-देन को भी लॉकडाउन से छूट दी है.

    वित्तीय क्षेत्र के अंतर्गत को-ऑपरेटिव क्रेडिट सोसायटी और ग़ैर-बैंकिंग वित्तीय संस्थानों को भी न्यूनतम स्टाफ़ के साथ ऑपरेट करने की अनुमति दी गई है.

    यह भी स्पष्ट किया गया है कि ग्रामीण क्षेत्रों में निर्माण कार्यों के अंतर्गत जल आपूर्ति, बिजली और दूर संचार से जुड़ी परियोजनाओं और गतिविधियों को भी लॉकडाउन से छूट दी गई है.