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लाइव रिपोर्टिंग

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  1. Post update

    बीबीसी के इस लाइव पेज से जुड़ने के लिए आपका शुक्रिया. यह लाइव पेज अब यहीं बंद हो रहा है. रविवार, 23 मई के अपडेट्स के लिए आप यहाँ क्लिक कर सकते हैं.

  2. 'भारतीय वेरिएंट' से जुड़ी कंटेन्ट हटाएं सोशल मीडिया कंपनियां, भारत सरकार का आदेश

    कोरोना

    भारतीय सरकार ने सोशल मीडिया कंपनियों से कहा है कि वो अपने प्लेटफॉर्म पर पोस्ट की गई उन सभी पोस्ट को हटाएं जिनमें कोविड-19 के 'भारतीय वेरिएंट' की बात की गई है.

    भारत सरकार के सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने कहा है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कोरोना वायरस के B.1.617 वेरिएंट को 'भारतीय वेरिएंट' नहीं कहा है, ऐसे में इसे 'भारतीय वेरिएंट' कहना ग़लत है.

    हालांकि कोरोना वायरस के वेरिएंट को उन स्थानों के नाम से जोड़ कर देखा जाता रहा है जहां वो सबसे पहले पाए गए, जैसे कि ब्रितानी वेरिएंट और ब्राज़ील में मिला वेरिएंट.

    बीते महीने भारत सरकार ने सोशल मीडिया कंपनियों से कोरोना महामारी से निपटने को लेकर सरकार की आलोचना वाले पोस्ट हटाने के बारे में कहा था जिसके बाद सरकार की कड़ी आलोचना हुई थी.

    मशहूर मेडिकल जर्नल द लैंसेट ने अपने आठ मई के अंक के संपादकीय में पीएम मोदी की आलोचना करते हुए लिखा है कि उनका ध्यान ट्विटर पर अपनी आलोचना को दबाने पर ज़्यादा और कोविड - 19 महामारी पर काबू पाने पर कम है.

    Video content

    Video caption: कोरोना पर द लैंसेट में पीएम मोदी की तीखी आलोचना

    शुक्रवार को सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने एक सरकारी आदेश जारी कर सोशल मीडिया कंपनियों को निर्देश दिया था.

    समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार आदेश में कहा गया है कि कंपनियां "अपने प्लेटफॉर्म से उन सभी कंटेन्ट को तुरंत हटाएं, जो उनके प्लेटफॉर्म से जिनमें कोरोना वायरस के 'भारतीय वेरिएंट' के नाम का इस्तेमाल किया गया है या फिर इस तरफ इशारा किया गया है."

    बयान में कहा गया है कि, "ये हमारे संज्ञान में आया है कि इस तरह के पोस्ट ऑनलाइन शेयर किए जा रहे हैं जिनमें दावा किया गया है कि वायरस का 'भारतीय वेरिएंट' कई देशों में फैल रहा है.

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    Video caption: COVER STORY: क्यों निशाने पर विदेशी सहायता एजेंसियां?

    जॉन्स हॉप्किन्स के कोरोना डैशबोर्ड के अनुसार कोरोना संक्रमितों की संख्या के हिसाब से दुनिया में भारत अमेरिका के बाद दूसरे नंबर पर है.

    भारत में अब तक 2.62 करोड़ लोग कोरोना संक्रमित हो चुके हैं जबकि मौतों का आंकड़ा 295,525 पहुंच चुका है.

  3. ब्रेकिंग न्यूज़यूपी में कोरोना कर्फ़्यू को 31 मई तक के लिए बढ़ाया गया

    कर्फ़्यू

    उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य में जारी आंशिक कोरोना कर्फ़्यू को 31 मई सुबह 7 बजे तक लागू करने की घोषणा की है.

    यह कर्फ़्यू 30 अप्रैल से जारी है और ऐसा समझा जा रहा था कि 24 मई सोमवार को इसे हटा दिया जाएगा.

    मई के पहले और दूसरे सप्ताह में इन प्रतिबंधों को बढ़ाया गया था लेकिन इस बार इसमें नई पाबंदियां नहीं जोड़ी गई हैं.

    इस दौरान मेडिकल, ज़रूरी सामान, ई-कॉमर्स और आपातकालीन सेवाओं पर कोई रोक नहीं होगी.

    इसके साथ ही सरकार ने बताया है कि इस दौरान टीकाकरण भी जारी रहेगा.

  4. जर्मनी ने कोरोना वायरस को लेकर सख़्त किये नियम

    कोरोना

    जर्मनी ने कोरोना वायरस के बढ़ते संकट के कारण अपने यहां कई तरह के नए प्रतिबंध लागू किये हैं.

    भारत में पाए गए वायरस के वेरिएंट के बढ़ते प्रकोप के कारण जर्मनी ने ब्रिटेन से यात्रा करने वाले लोगों पर प्रतिबंध लगा दिया है.

    ब्रिटेन की ओर से, जर्मनी अभी भी ब्रिटेन की उस सूची में बना हुआ जहां यात्रा को लेकर प्रतिबंध हैं. ब्रिटिश सरकार का कहना है कि लोगों को केवल असाधारण परिस्थितियों में ही वहां की यात्रा करनी चाहिए.

    जर्मनी में कोरोना संक्रमण की स्थिति?

    शनिवार को जर्मनी में कोरोना संक्रमण के सात हज़ार से अधिक नए मामले सामने आए हैं और 170 लोगों की मौत हो गई. यहां देश की कुल आबादी के क़रीब 39 फ़ीसदी लोगों को कोरोना वैक्सीन की पहली डोज़ मिल चुकी है.

    जर्मनी के पब्लिक हेल्थ इंस्टीट्यूट ने ब्रिटेन को एक ऐसी जगह के रूप में चिन्हित किया है जहां वायरस के नए वेरिएंट को लेकर चिंता है.

    रविवार 23 मई तक लोग इंग्लैंड, वेल्स, स्कॉटलैंड और उत्तरी आयरलैंड से जर्मनी की यात्रा कर सकते हैं. लेकिन उन्हें देश में प्रवेश की अनुमति तभी होगी जबकि या तो वे जर्मनी के नागरिक हों या फिर वो वहां रहते हों.

    पति या पत्नी और 18 साल से कम उम्र के बच्चे जो कि जर्मनी के नागरिक हों उन्हें भी देश में प्रवेश की अनुमति है.

    लेकिन ब्रिटेन से जर्मनी आने वाले सभी लोगों को कम से कम दो सप्ताह के क्वारंटीन में रहना होगा.

  5. विजदान मोहम्मद कावूसा

    बीबीसी मॉनिटरिंग

    भारत में कोरोना महामारी

    पिछले हफ़्ते के डेटा के मुताबिक़ नए मामलों की संख्या कम हो ही रही है, सात दिनों का औसत (मूविंग एवरेज) भी कम हुआ है.

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  6. बीबीसी इंडिया बोल: कोरोना का सबक लाएगा स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार?

    22 मई 2021 का बीबीसी इंडिया बोल

    भारत में कोरोना वायरस की दूसरी लहर के दौरान ऑक्सीजन, दवाइयों और बेड की कमी बड़े स्तर पर सामने आई और बड़ी संख्या में लोगों को अपनी जान भी गंवानी पड़ी.

    फिलहाल कोरोना के मामले कम हो रहे हैं लेकिन तीसरी लहर की बात भी की जा रही है. ऐसे में क्या पिछली बार स्वास्थ्य सुविधाओं में दिखी कमियों में कोई सुधार हो पाएगा?

    इसी मुद्दे पर इंडिया बोल में चर्चा करेंगे मोहनलाल शर्मा.

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  7. मैरी कॉम समेत दुबई जा रही भारतीय बॉक्सिंग टीम के विमान की इमर्जेंसी लैंडिंग को लेकर विवाद

    मैरी कॉम

    एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप में भाग लेने शनिवार को दुबई गई भारतीय बॉक्सिंग टीम के विमान को काफ़ी समय तक लैंड करने की अनुमति नहीं दी गई.

    समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक़, विमान में एमसी मैरी कॉम और अमित पनघल जैसे मुक्केबाज़ थे और आख़िरकार स्पाइसजेट के विमान ने जब ईंधन ख़त्म होने की चेतावनी दी तब विमान की आपातकालीन लैंडिंग कराई गई.

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    समाचार एजेंसी पीटीआई का कहना है कि काग़ज़ी कार्रवाई के कारण बॉक्सिंग टीम को दो घंटे विमान में ही इंतज़ार करना पड़ा इसमें से एक घंटा हवा में ही उन्होंने इंतज़ार किया था.

    पीटीआई को सूत्रों ने बताया है कि शुरुआत में इस दौरे के अनुमति पत्र को लेकर भ्रम पैदा हुआ था लेकिन यूएई में भारतीय दूतावास के दख़ल देने के बाद विमान को उतरने दिया गया और अब मुक्केबाज़ अपने होटल भी पहुंच चुके हैं.

    वहीं, एएनआई ने बताया है कि डीजीसीए ने इस मामले में जांच के आदेश दे दिए हैं.

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  8. ब्रेकिंग न्यूज़कोरोना महामारी के बीच अमेरिका में मुर्गियों से दूर रहने की हिदायत

    मुर्गी

    अमेरिका के रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र (सीडीसी) ने लोगों से अपील की है कि वे साल्मोनेला के बढ़ते प्रकोप के बीच मुर्गियों को चूमने से बचें.

    अमेरिका के 43 राज्यों में 163 लोगों के बीमार होने की सूचना के बाद सीडीसी और सार्वजनिक स्वास्थ्य अधिकारी साल्मोनेला प्रकोप की जांच कर रहे हैं.

    स्वास्थ्य एजेंसी का कहना है कि “लोग मुर्गियों को चूमने से परहेज़ करें और उनके आस-पास लेटने से भी बचें. ऐसा नहीं करने से इसके रोगाणु आपके मुंह से शरीर में पहुंच कर संक्रमण फैला सकते हैं और आपको बीमार कर सकते हैं.”

    चेतावनी दी गई है कि मुर्गी, बत्तख भले ही स्वस्थ और साफ़ दिख रहे हों फिर भी वे इस रोगाणु के वाहक हो सकते हैं और इसके रोगाणु उन जगहों पर आसानी से फैल सकते हैं जहां या तो मुर्गियां या फिर बत्तख हों.

    साल्मोनेला एक तरह का बैक्टीरियल संक्रमण है जिसके कारण बुख़ार, दस्त, पेटदर्द और उल्टी हो सकती है. अधिकांश लोग बिना इलाज के ठीक हो जाते हैं लेकिन अधिक गंभीर मामलों में मौत भी हो सकती है.

    इस संक्रमण को मुर्गियों से जोड़कर देख जा रहा है.

  9. कोरोना वैक्सीन के लिए बांग्लादेश ने ब्रिटेन और अमेरिका से लगाई गुहार

    वैक्सीन

    स्थानीय समाचार पत्रों की रिपोर्ट के अनुसार, बांग्लादेश ने ब्रिटेन और अमेरिका से एस्ट्राज़ेनेका कोरोना वायरस वैक्सीन के ख़त्म होने से पहले उसकी ख़ुराक उपलब्ध कराने का आग्रह किया है.

    बांग्लादेश के विदेश मंत्री एके अब्दुल मोमेन ने कहा है कि देश को वैक्सीन की 16 लाख ख़ुराक की ज़रूरत है ताकि लोगों को वैक्सीन की दूसरी डोज़ मिल सके.

    बांग्लादेश को हाल के महीनों में भारत से लगभग एक करोड़ एस्ट्राज़ेनेका वैक्सीन मिले हैं. लेकिन कोरोना संक्रमण के मामले तेज़ी से बढ़ने के बाद भारत ने वैक्सीन के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया जिसका असर बांग्लादेश के टीकाकरण कार्यक्रम पर पड़ रहा है.

    महामारी की शुरुआत के बाद से, बांग्लादेश में अब तक संक्रमण के कुल 787,726 मामले आ चुके हैं और कोरोना संक्रमण के कारण यहां 12,348 मौतें हो चुकी हैं.

    देश में 21 मई तक 16.6 करोड़ लोगों में से केवल 3.54 फीसदी को कोविड-19 वैक्सीन की कम से कम एक ख़ुराक मिल सकी है.

    बांग्लादेश के अलावा, नेपाल और श्रीलंका भी वैक्सीन की कमी से जूझ रहे हैं. भारत के कोरोना वैक्सीन के निर्यात पर प्रतिबंध लगाने का असर इन देशों में वैक्सीनेशन कार्यक्रम पर पड़ा है.

  10. राघवेंद्र राव

    बीबीसी संवाददाता, दिल्ली

    कर्मचारी

    चक्रवात तूफ़ान तौक्ते के दौरान मौत से मुठभेड़ की टाइटैनिक जैसी कहानी बार्ज पी-305 से ज़िंदा लौटे दो कर्मचारियों ने सुनाई.

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  11. स्वस्थ हैं आंग सान सू ची, जल्द होंगी अदालत में पेश- ऑन्ग लाइंग

    मिन ऑन्ग लाइंग

    म्यांमार की सैन्य सत्ता के प्रमुख मिन ऑन्ग लाइंग ने कहा है कि आंग सान सूची की सेहत ठीक है और जल्द ही उन्हें अदालत के सामने पेश किया जाएगा.

    हॉन्ग कॉन्ग स्थित चीनी भाषा के फ़िनिक्स टेलीविज़न को शनिवार को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि "आंग सान सू ची स्वस्थ हैं और वो अपने घर पर हैं. जल्द ही उनके ख़िलाफ़ चल रहे मुक़दमे में उन्हें कोर्ट में पेश किया जाएगा."

    उन्होंने कहा, "वो जो कुछ कर सकती थीं सब कर चुकी हैं."

    म्यांमार में एक फरवरी को तख़्तापलट होने ने बाद ये उनका पहला इंटरव्यू है. तख्तापलट के बाद से ही आंग सान सू ची सार्वजनिक तौर पर नज़र नहीं आई हैं. हालांकि इसी मार्च में वो वीडियो लिंक के ज़रिए अदालत में पेश हुई थीं.

    इधर समाचार एजेंसी एएफ़पी के अनुसार बीते साल नवंबर में हुए चुनाव के नतीजों में कथित धांधली की जांच कर रहे केंद्रीय चुनाव आयोग के प्रमुख थीन सो ने शुक्रवार को कहा था कि जांच लगभग पूरी हो चुकी है.

    समाचार एजेंसी एएफ़पी के अनुसार, स्थानीय मीडिया के सोशल मीडिया अकाउंट पर उनका एक वीडियो पोस्ट किया गया है जिसमें वो आंग सान सूची की पार्टी नेशनल लीग फ़ॉर डेमोक्रेसी की तरफ इशारा करते हुए कहते हैं, "जिस पार्टी ने ग़ैर-क़ानूनी तरीके से काम किया है हमें उसके साथ क्या करना चाहिए? क्या हमें ऐसी पार्टी को भंग नहीं कर देना चाहिए या फिर हमें उस पर देश को धोखा देने का आरोप नहीं लगाना चाहिए? हम विचार करेंगे और कार्यवाई करेंगे."

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    इससे पहले चुनाव आयोग ने शुक्रवार को सभी पार्टियों के प्रतिनिधियों के साथ मुलाक़ात की थी लेकिन नेशनल लीग फ़ॉर डेमोक्रेसी की तरफ से कोई प्रतिनिधि इस बैठक में शामिल नहीं हुआ था.

    साक्षात्कार के दौरान जब ऑन्ग लाइंग पूछा गया कि वह देश में आंग सान सू ची की लोकप्रियता और गणतांत्रीक सुधरों के बारे में वो क्या सोचते हैं, तो इस पर उन्होंने कहा कि "उन्होंने हर संभव कोशिश की."

    अदालत में सू ची की अगली पेशी सोमवार को होने वाली है. यह सुनवाई राजधानी नेपीडाव में होगी.

    अभी तक उन्हें अपने वकीलों से सीधे बात करने की अनुमति नहीं दी गई है. सैन्य शासन का कहना है कि सुरक्षा कारणों से ये फ़ैसला लिया गया है.

  12. ब्रेकिंग न्यूज़चीन ने मंगल ग्रह की सतह पर उतारा रोवर, अमेरिका पर की टिप्पणी

    रोवर

    चीन ने मंगल ग्रह की सतह पर रोबोटिक रोवर उतारने में सफलता पाई है.

    चीन के सरकारी अख़बार द ग्लोबल टाइम्स ने ट्वीट करके इसकी जानकारी देते हुए कहा है कि चीन दुनिया में ऐसा दूसरा देश है जिसने मंगल ग्रह की सतह पर ऐसा करने में सफलता पाई है.

    ज़ूरॉन्ग नामक इस रोवर के विशेषज्ञों ने ग्लोबल टाइम्स को जानकारी देते हुए अमेरिका पर तंज़ भी कसा है. उन्होंने कहा है कि इसके साथ ही चीन ने अमेरिका के एकाधिकार को भी समाप्त कर दिया है.

    ग्लोबल टाइम्स ने बताया है कि चीन के समयानुसार शनिवार को सुबह 10:40 बजे मंगल अंतरिक्ष अभियान के लैंडर से ज़ूरॉन्ग रोवर निकला और अब इसने रोविंग मिशन भी शुरू कर दिया है.

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    पहली बार में ही मिली सफलता

    समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने बताया है कि चीन ऐसा पहला देश बन गया है जो लाल ग्रह (मंगल ग्रह) पर पहली ही बार में अपने मंगल अभियान के दौरान उसकी कक्षा में गया और अंतरिक्ष यान को सफलतापूर्वक उतारने के बाद वहां काम में भी लग गया.

    ज़ूरॉन्ग नाम एक पौराणिक कथा से लिया गया है जिसमें यह आग के भगवान का नाम होता है.

    चीन इस महीने अमेरिका के बाद ऐसा दूसरा देश बन गया था जिसने मंगल पर सफलतापूर्वक अपना अंतरिक्षयान उतारा था. हालांकि, सोवियन यूनियन ने 1971 में एक यान वहां उतारा था लेकिन कुछ ही सेकंड बाद उससे संपर्क टूट गया था.

    चीन का मंगल ग्रह अभियान क्या है?

    ज़ूरॉन्ग 240 किलोग्राम वज़न का रोवर है जिसमें छह वैज्ञानिक उपकरण लगे हैं. इसमें हाई-रिज़ोल्यूशन टोपोग्राफ़ी कैमरा भी शामिल है. यह रोवर मंगल ग्रह की ज़मीन और वातावरण का अध्ययन करेगा.

    सौर ऊर्जा से चलने वाला ज़ूरॉन्ग मंगल पर जीवन के चिन्ह भी ढूंढेगा जिसमें पानी और बर्फ़ की तलाश भी शामिल है. इसका अभियान 90 दिनों का होगा.

    चीन के मानवरहित तियानवेन-1 अंतरिक्ष यान पिछले साल जुलाई में दक्षिणी चीन द्वीप के हैनाम में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था लेकिन फिर इसको शुरू किया गया और छह महीने बाद फ़रवरी में तियानवेन-1 लाल ग्रह की कक्षा में पहुंचा.

    15 मई को तियानवेन-1 से लैंडिंग यान लाल ग्रह की सतह पर उतरा और बुधवार को रोवर ने मंगल के सहत की पहली तस्वीर भेजी थी.

  13. कोरोना की दूसरी लहर में 420 डॉक्टरों की मौत

    कोरोना

    इंडिन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) ने कहा है कि कोरोना महामारी की दूसरी लहर में देशभर में 420 डॉक्टरों की मौत हुई है. मेडिकल एसोसिएशन की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक़, दूसरी लहर में सबसे अधिक 100 डॉक्टरों की मौत राजधानी दिल्ली में हुई है.

    अप्रैल महीने में महामारी से मची तबाही के बाद दिल्ली में बीते कुछ दिनों से कोरोना संक्रमण के नए मामलों में कमी आयी है.

    न्यूज़ एजेंसी एएनआई ने एसोसिएशन के हवाले से लिखा है कि दूसरी लहर में बिहार में कम से कम 96 और उत्तर प्रदेश में इस दौरान 41 डॉक्टरों की मौत हुई है.

    इस सप्ताह की शुरुआत में एसोसिएशन ने कहा था कि कोरोना वायरस के कारण 270 डॉक्टरों की मौत हुई है. मरने वाले डॉक्टरों में आईएमए के पूर्व अध्यक्ष डॉ. केके अग्रवाल का नाम भी शामिल है, जिनकी बीते सोमवार को कोरोना वायरस संक्रमण के कारण मौत हो गई. वे 65 साल के थे.

    कोरोना

    आईएमए की कोविड-19 रजिस्ट्री के अनुसार, महामारी की पहली लहर में कोविड-19 के कारण 748 डॉक्टरों की मौत हो गई थी.

    आईएमए के अध्यक्ष डॉ. जेए जयलाल ने सप्ताह के शुरुआत में कहा था कि "महामारी की दूसरी लहर सभी के लिए और विशेष रूप से फ्रंटलाइन हेल्थवर्कर्स के लिए बेहद घातक साबित हो रही है."

    आईएमए के पास सिर्फ़ 3.5 लाख मेंबर्स का ही रिकॉर्ड उपलब्ध है, जबकि भारत में 12 लाख से भी अधिक डॉक्टर हैं.

    केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बीते चौबीस घंटे में कोरोना महामारी की स्थिति से जुड़े आंकड़े साझा किये. मंत्रालय के अनुसार, पिछले 24 घंटे में कोरोना संक्रमण के 2 लाख 57 हज़ार 299 नये मामलों की पुष्टि हुई है.

    इस दौरान 3 लाख 57 हज़ार 630 लोग पूरी तरह ठीक होकर अस्पताल से घर लौट गये, जबकि 4194 लोगों की कोविड-19 के कारण मौत हो गई.

    कोरोना

    भारत में अब कोरोना के मामलों की कुल संख्या लगभग दो करोड़ 63 लाख हो गई है, जिनमें से क़रीब दो करोड़ 30 लाख लोग इस बीमारी से ठीक हो चुके हैं. स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, भारत में फ़िलहाल कोरोना के क़रीब 30 लाख सक्रिय मामले हैं.

    भारत में कोविड-19 से मरने वालों की संख्या अब दो लाख 95 हज़ार 525 हो गई है. अमेरिका के बाद यह दुनिया में सबसे अधिक है.

    शुक्रवार को, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने एक संबोधन में उन लोगों का ज़िक्र करते हुए भावुक भी हो गए थे जिन्होंने महामारी में अपनी जान गंवा दी. उन्होंने कहा, "कोरोना की दूसरी लहर में हम एक साथ कई मोर्चों पर लड़ रहे हैं. संक्रमण की दर भी काफ़ी ज़्यादा है और मरीज़ भी ज़्यादा समय से अस्पतालों में हैं."

    अप्रैल के अंतिम सप्ताह और मई के शुरुआती सप्ताह में महामारी के मामले चरम पर पहुंच गए थे और हर रोज़ आने वाले संक्रमण के मामले तीन लाख से चार लाख हो गए थे लेकिन बीते दो सप्ताह से कोरोना के मामलों में कमी आयी है.

    हालांकि विशेषज्ञों ने तीसरी लहर को लेकर चेतावनी दी है. ऐसा माना जा रहा है कि तीसरी लहर बच्चों के लिए अधिक ख़तरनाक साबित हो सकती है.

  14. एयर इंडिया साइबर अटैक, लाखों ग्राहकों की जानकारी लीक

    एयर इंडिया

    भारत की सरकारी एयरलाइन कंपनी एयर इंडिया ने कहा है कि उसके डेटा-सर्वर पर साइबर हमला हुआ है. कंपनी का कहना है कि इस साइबर हमले से दुनियाभर में क़रीब 45 लाख ग्राहकों का डेटा प्रभावित हुआ है.

    कंपनी को फ़रवरी महीने में सबसे पहले इस तरह के हमले के बारे में पता चला था.

    इसके कारण उपभोक्ताओं के पासपोर्ट, टिकट से जुड़ी जानकारी और यहाँ तक कि क्रेडिट कार्ड और डेटा कार्ड से जुड़ी जानकारी भी प्रभावित हुई है.

    हालांकि कंपनी ने कहा है कि उनके पास क्रेडिट कार्ड के सीवीवी/सीवीसी नंबर नहीं होते हैं, इसलिए ख़तरा कम है.

    अभी तक यह स्पष्ट तौर पर पता नहीं चल सका है कि इस हमले के पीछे कौन था.

    स्टार एलायंस नेटवर्क की सदस्य एयरलाइन ने कहा कि इस साइबर हमले में 26 अगस्त 2011 से लेकर 20 फ़रवरी 2021 के बीच पंजीकृत सारी जानकारी शामिल हैं.

    कंपनी ने अपने सभी ग्राहकों को अपनी वेबसाइट पर अपने खातों के पासवर्ड बदलने को कहा है.

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    पिछले साल, ब्रिटिश एयरवेज़ पर डेटा उल्लंघन के लिए बीस मिलियन पाउंड का जुर्माना लगाया गया था. उस समय (साल 2018 में) चार लाख से अधिक ग्राहकों के व्यक्तिगत और क्रेडिट कार्ड से जुड़ी जानकारी प्रभावित हुई थी.

    इसके अलावा पिछले साल, ईज़ीजेट ने स्वीकार किया था कि एक साइबर हमले में लगभग नब्बे लाख ग्राहकों के ईमेल अड्रेस और यात्रा विवरण चोरी हो गए थे.

  15. चीन की यूरोपीय संघ को दो टूक: 'डील के लिए नहीं हटाएंगे पाबंदियाँ'

    चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता चाओ लिज़िआन
    Image caption: चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता चाओ लिज़िआन

    चीन ने यूरोपीय संसद के उस प्रस्ताव को ख़ारिज़ कर दिया है जिसके तहत उससे दोनों पक्षों के बीच एक निवेश समझौते को आगे ले जाने के लिए यूरोपीय संघ के सांसदो पर लगाई गई पाबंदी हटाने की माँग की गई थी.

    यूरोपीय संसद की इस माँग के बारे में पूछे जाने पर चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता चाओ लिजिआन ने कहा कि यूरोपीय संघ के सांसदों पर चीन की लगाई पाबंदी ‘बिल्कुल न्यायसंगत’ है.

    उन्होंने कहा कि यूरोपीय पक्ष को “चीन के आंतरिक मामलों में दख़लअंदाज़ी तुरंत बंद कर देनी चाहिए और अपना आक्रामक रवैया छोड़ देना चाहिए.”

    चाओ लिजिआन ने ये बातें शुक्रवार को मीडिया के साथ होने वाली विदेश मंत्रालय की दैनिक ब्रीफ़िंग में कहीं.

    उन्होंने कहा,“चीन के गंभीरता और मज़बूती से किए गए विरोध के बावजूद ईयू ने ज़िद करके, तथ्यों को तोड़-मरोड़कर, झूठ और ग़लत जानकारियों के आधार पर एकतरफ़ा और ग़लत फ़ैसला लिया है.”

    चीनी प्रवक्ता के मुताबिक़,“यूरोपीय संघ ने जो किया है वो चीन के आंतरिक मामलों में सीधी दख़लअंदाज़ी है. इतना ही नहीं यह अंतरराष्ट्रीय क़ानूनों और अंतरराष्ट्रीय सम्बन्धों के बुनियादी नियमों के ख़िलाफ़ है. इसने ईयू और चीन के रिश्तों को बुरी तरह नुक़सान पहुँचाया है.”

    चीन-यूरोपीय संघ

    'ज़रूरी और उचित थीं चीन की पाबंदियाँ'

    चाओ ने कहा, “चीन ने यूरोपीय संघ के जिन सांसदों और संस्थाओं पर पाबंदी लगाई, उसकी वजह यह थी कि वो लोग शिनज़ियांग प्रांत के बारे में दुर्भावनापूर्ण रूप से ग़लत और झूठी ख़बरें फैला रहे थे. इससे चीन की संप्रभुता और राष्ट्रीय हितों को बुरी तरह नुक़सान पहुँचा. चीन ने ये पाबंदियाँ अपने हितों की रक्षा के लिए लगाई हैं.”

    चीनी प्रवक्ता के अनुसार यूरोपीय संघ के आक्रामक रवैये के जवाब में चीन का यह क़दम 'ज़रूरी' और 'उचित' था.

    उन्होंने कहा, “यूरोपीय संघ ने हम पर बेतुके प्रतिबंध लगा दिए थे और इसकी वजह से चीन-ईयू सम्बन्ध बी बिगड़ रहे थे. चीन ऐसा नहीं होने देना चाहता लेकिन इसकी ज़िम्मेदारी चीन की नहीं है.”

    इससे पहले गुरुवार को यूरोपीय संसद ने चीन को चेतावनी देते हुए कहा था कि अगर ईयू सांसदों पर चीनी पाबंदियाँ जारी रहीं तो बहुप्रतीक्षित निवेश समझौते को मंज़ूरी नहीं देगा.

    चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता चाओ लिज़िआन
    Image caption: चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता चाओ लिज़िआन

    क्या है प्रतिबंध का मामला?

    इस साल मार्च में चीन की ओर से 10 यूरोपीय लोगों और चार संस्थाओं पर प्रतिबंध लगा दिया गया था.

    चीन ने यह क़दम यूरोपीय संघ के उस फ़ैसले के बाद उठाया थाजिसमें ईयू ने शिन्ज़ियांग प्रांत में वीगर मुसलमानों पर हो रहे कथित मानवाधिकार हनन को लेकर चीन पर प्रतिबंध लगाए हैं.

    चीन की ओर से प्रतिबंधित लोगों और उनके परिवारों को देश में घुसने की इजाज़त नहीं है. इसके अलावा वो हॉन्गकॉन्ग और मकाऊ में भी प्रवेश नहीं कर सकते हैं.

    जिन पर प्रतिबंध लगाए गए हैं, उनमें यूरोपीय संसद के लोग, शोधकर्ता और यूरोपीय संसद मानवाधिकार की सब कमेटी के लोग शामिल हैं.

  16. चीन ने कहा- पाकिस्तान से हमारी दोस्ती ज़िंदाबाद

    चीन-पाकिस्तान

    शुक्रवार को चीन और पाकिस्तान के बीच राजनयिक रिश्तों की स्थापना की 70वीं वर्षगांठ थी.

    चीन और पाकिस्तान हमेशा एक-दूसरे के सहयोगी और साझेदार की भूमिका में रहे हैं.

    इस मौक़े पर चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता चाओ लिजिआन ने चीन-पाकिस्तान रिश्तों पर कई सवालों के जवाब दिए.

    शिन्हुआ न्यूज़ ने शु्क्रवार को चीन के विदेश मंत्रालय की प्रेस कॉन्फ़्रेंस में पूछा, “आपने कई सालों तक पाकिस्तान में काम किया. आज जबकि दोनों देश अपने राजनीतिक संबंधों की स्थापना की 70वीं वर्षगांठ मना रहे हैं तो क्या आप दोनों देशों के परस्पर सहयोग और संबंधों के विकास पर कुछ कहना चाहेंगे? चीन-पाकिस्तान के सहयोग पर चीन की क्या सोच है?”

    इस सवाल का जवाब देते हुए चाओ ने कहा, आज चीन-पाकिस्तान के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना की 70वीं वर्षगांठ है. राष्ट्रपति शी जिनपिंग और प्रधानमंत्री ली केचियांग और विदेश मंत्री ने पाकिस्तान में अपने-अपने समकक्षों को बधाई दी है.

    चीन-पाकिस्तान

    दोनों पक्षों की ओर से एक-दूसरे को बधाई दी गई.

    शाम को दोनों देश क्रमश: बीजिंग और इस्लामाबाद में जश्न का आयोजन करेंगे, जिसमें दोनों देशों के नेता भी शामिल होंगे.

    दोनों देशों की सरकारों ने पूरे साल संयुक्त रूप से आयोजित राजनीतिक, राजनयिक, आर्थिक, उप-राष्ट्रीय, वैज्ञानिक, शैक्षिक, सांस्कृतिक और स्वास्थ्य क्षेत्रों से जुड़े 120 से अधिक समारोह आयोजित करने पर सहमति जताई है. इससे दोनों देशों के बीच के सौहार्दपूर्ण रिश्ते को और मज़बूती मिलेगी.

    पिछले 70 सालों में राजनयिक संबंधों की स्थापना के बाद से चीन और पाकिस्तान ने एक-दूसरे पर हर तरह से भरोसा किया है, एक-दूसरे का सम्मान किया है और समर्थन किया है. साथ में, हमने एक बेहद मज़बूत दोस्ती क़ायम की है और ऐसी रणनीतिक साझेदारी क़ायम की है जो हमेशा क़ायम रहती है.

    चीन

    हाल के सालों में दोनों देश सक्रिय रूप से बीआरआई कॉरिडोर का निर्माण कर रहे हैं. इसके अलावा चीन-पाकिस्तान इकॉनोमिक कॉरिडोर के विकास और अपने व्यावहारिक-पारस्परिक लाभ के सहयोग को भी गहरा किया है.

    चीन-पाकिस्तान के इस सहयोग से दो स्तरों पर विशेष तौर पर फ़ायदा हुआ है. इससे क्षेत्रीय शांति और विकास को मज़बूती मिली है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निष्पक्षता-न्याय में भी दोनों देशों का सकारात्मक योगदान बढ़ा है.

    बीते साल से कोरोना महामारी का सामना करते हुए भी दोनों देशों ने एक-दूसरे को मुश्किल समय में मदद की है और वर्षों की दोस्ती को आगे बढ़ाया है.

    चाओ ने कहा कि चीन, चीन-पाकिस्तान रिश्तों को बहुत महत्व देता है और इस ख़ास मौक़े पर सामरिक रिश्तों को मज़बूत करने, पारस्परिक सहयोग को बढ़ाने और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को और बढ़ाने के लिए तैयार है.

    उन्होंने कहा कि हम पाकिस्तान के साथ अपनी दोस्ती को आगे बढ़ाने, सहयोग को बढ़ाने के लिए सभी का स्वागत करते हैं.

    चीन-पाकिस्तान की दोस्ती कायम रहे.

    चीन-पाकिस्तान दोस्ती ज़िंदाबाद!

  17. किंग सलमान बोले, फ़लस्तीनियों और उनके संघर्ष के साथ है सऊदी अरब

    किंग सलमान ने फ़लस्तीनियों को भरोसा दिया कि उन्हें उनका समर्थन प्राप्त है.

    सऊदी अरब

    सऊदी अरब के किंग सलमान बिन अब्दुल अज़ीज़ अल-सऊद ने फ़लस्तीनियों के नेता महमूद अब्बास को यह भरोसा दिलाया है कि सऊदी अरब फ़लस्तीनी लोगों और उनके संघर्ष के साथ खड़ा है.

    शुक्रवार को किंग सलमान ने अब्बास से फ़ोन पर बात की जिसकी जानकारी सऊदी अरब की सरकारी समाचार एजेंसी एसपीए ने अपनी रिपोर्ट में दी है.

    रिपोर्ट के अनुसार, किंग सलमान ने सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फ़ैसल बिन फ़हरान को निर्देश दिया है कि वो अंतरराष्ट्रीय मंचों पर फ़लस्तीनियों की स्थिति को मज़बूत करने की तमाम कोशिशें करते रहें.

    सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फ़ैसल बिन फ़हरान
    Image caption: सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फ़ैसल बिन फ़हरान

    सऊदी प्रेस एजेंसी (एसपीए) ने लिखा है कि “किंग सलमान ने फ़लस्तीनियों को यह विश्वास दिलाने की कोशिश की है कि उनकी सरकार इसराइली हमलों को रोकने के लिए हर संभव कोशिश करेगी. साथ ही वे (किंग सलमान) फ़लस्तीनी लोगों की सुरक्षा और क्षेत्र में शांति की कामना करते हैं.”

    किंग सलमान ने इसराइली हवाई हमलों की निंदा की जिसमें सैकड़ों बेगुनाह लोग घायल हुए और कई लोग मारे गये.

    शुक्रवार को सऊदी अरब ने इसराइल और फ़लस्तीनियों के बीच युद्ध-विराम की घोषणा का स्वागत किया था. साथ ही इसमें मिस्र की भूमिका और अंतरराष्ट्रीय दबाव को अहम बताया था.

    सऊदी अरब के विदेश मंत्री ने शुक्रवार को एक बयान में कहा, “हम मिस्र द्वारा किये गये प्रयासों की प्रशंसा करते हैं. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी जो कोशिशें हुईं, उससे ही ग़ज़ा में शांति हो पायी है. हम मानते हैं कि फ़लस्तीनियों को उनका अलग देश मिलना चाहिए.”

  18. ब्रेकिंग न्यूज़नाइजीरियाई सेना प्रमुख की विमान हादसे में मौत

    लेफ़्टिनेंट जनरल इब्राहिम अत्ताहिरू
    Image caption: लेफ़्टिनेंट जनरल इब्राहिम अत्ताहिरू

    नाइजीरियाई सेना प्रमुख लेफ़्टिनेंट जनरल इब्राहिम अत्ताहिरू की एक विमान हादसे में मौत हो गई है.

    अधिकारियों ने बताया कि लेफ़्टिनेंट जनरल इब्राहिम अत्ताहिरू देश के उत्तर-पश्चिम राज्य कडुना में हुए एक विमान हादसे का शिकार हो गए.

    सेना की ओर से बयान जारी कर कहा गया है कि यह घटना तब हुई जब विमान ख़राब मौसम के कारण लैंड करने की कोशिश कर रहा था. विमान के चालक दल समेत दस अन्य अधिकारियों की भी इस हादसे में मौत हो गई है.

    नाइजीरिया के राष्ट्रपति मुहम्मद बुहारी ने इस घटना पर गहरा दुख जताया है. लेफ़्टिनेंट जनरल इब्राहिम अत्ताहिरू 54 साल के थे. उन्होंने जनवरी महीने में ही सेना के शीर्ष पदाधिकारियों में बदलाव करके अपना पद संभाला था.

    एक दशक से भी अधिक समय से चल रहे जिहादी विद्रोह से लड़ने में सेना की ताक़त को बढ़ाने की सरकार की योजना के तहत ही उन्हें सेना प्रमुख बनाया गया था.

    नाइजीरियाई वायु सेना ने कहा है कि यह हादसा तब हुआ जब उनका विमान कडुना अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरने की कोशिश कर रहा था.

    इस हादसे से तीन महीने पहले देश की राजधानी अबुजा में सेना का एक विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था, जिससे उसमें सवार सभी सात लोगों की मौत हो गई थी.

  19. ब्रेकिंग न्यूज़कोरोना अपडेट: पिछले 24 घंटे में 4194 की मौत, दो लाख 57 हज़ार से ज़्यादा नये मामले

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    केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, पिछले 24 घंटे में कोरोना संक्रमण के 2 लाख 57 हज़ार 299 नये मामलों की पुष्टि हुई.

    इस दौरान 3 लाख 57 हज़ार 630 लोग पूरी तरह ठीक होकर अस्पताल से घर लौट गये, जबकि 4194 लोगों की कोविड-19 के कारण मौत हो गई.

    भारत में अब कोरोना के मामलों की कुल संख्या लगभग दो करोड़ 63 लाख हो गई है, जिनमें से क़रीब दो करोड़ 30 लाख लोग इस बीमारी से ठीक हो चुके हैं.

    भारत में कोविड-19 से मरने वालों की संख्या अब दो लाख 95 हज़ार 525 हो गई है. यह अमेरिका के बाद, दुनिया में सबसे अधिक है.

    केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, भारत में फ़िलहाल कोरोना के क़रीब 30 लाख सक्रिय मामले हैं.

  20. बाइडन बोले- इसराइल के अस्तित्व को स्वीकार करना ही होगा

    अमेरिका इसराइल

    अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने स्पष्ट किया है कि “इसराइल को लेकर उनके नज़रिये और उनकी प्रतिबद्धता में कोई भी बदलाव नहीं आया है.”

    उन्होंने कहा कि “अमेरिका की डेमोक्रैटिक पार्टी का समर्थन अब भी इसराइल को ही है.”

    राष्ट्रपति जो बाइडन ने दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति मून जे इन के साथ शुक्रवार को हुई एक प्रेस-वार्ता में यह बात कही.

    उन्होंने कहा कि “इसराइल और फ़लस्तीनियों के संघर्ष में ‘दो-राष्ट्र की नीति’ ही कोई समाधान हो सकती है. डेमोक्रैटिक पार्टी इसका समर्थन करती है.”

    बाइडन ने कहा कि “मध्य-पूर्व में इसराइल के अस्तित्व को स्वीकार करना होगा, मानना होगा कि वो एक स्वतंत्र यहूदी राष्ट्र है, तभी उस क्षेत्र में शांति हो सकती है.”

    प्रेस वार्ता
    Image caption: राष्ट्रपति जो बाइडन प्रेस वार्ता में दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति मून जे इन के साथ

    पिछले कुछ दिन में कई अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक विश्लेषक यह लिख चुके हैं कि ‘मध्य-पूर्व को लेकर अमेरिका (डेमोक्रैटिक पार्टी) के नज़रिये में एक नाटकीय बदलाव आया है. ख़ासकर युवा पीढ़ी में जिनका फ़लस्तीनियों के प्रति रुख़ ज़्यादा सहानुभूति भरा है और डेमोक्रैटिक पार्टी के समर्थकों में उम्र के अंतर की वजह से यह बदलाव साफ़ दिख रहा है.’

    कुछ न्यूज़ रिपोर्ट्स में भी यह दावा किया गया कि ‘बाइडन की पार्टी में इसराइल की नीतियों को फ़लस्तीनियों की परेशानियाँ बढ़ाने वाला माना जा रहा है. अमेरिकी संसद में मध्य-पूर्व के संघर्षों के मामले में अमेरिकी विदेश नीति का झुकाव पारंपरिक तौर पर इसराइल की ओर रहा. लेकिन जैसे-जैसे संसद में विविधता बढ़ती गई है, इसराइल के प्रति अमेरिकी नीति पर इसके अहम प्रभाव दिखने लगे हैं.’

    मगर इस तरह की चर्चाओं के बीच, शुक्रवार को राष्ट्रपति जो बाइडन ने कुछ चीज़ें स्पष्ट कीं.

    उन्होंने कहा, “मैंने राष्ट्रपति महमूद अब्बास (फ़लस्तीनी प्राधिकरण) से बात करते हुए यह स्पष्ट कर दिया था कि हम वेस्ट बैंक में लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे. हमने अपनी सुरक्षा प्रतिबद्धताओं को नवीकृत किया है. साथ ही वेस्ट बैंक के लोगों के लिए हमारी आर्थिक प्रतिबद्धताएं भी हैं.”

    ग़ज़ा शहर
    Image caption: ग़ज़ा शहर

    उन्होंने कहा कि वे ग़ज़ा के पुनर्निर्माण के लिए भी प्रतिबद्ध हैं और इसके लिए वे कुछ अन्य देशों के साथ मिलकर किसी पैकेज के बारे में विचार कर सकते हैं.

    बाइडन ने कहा, “मुझे उम्मीद है कि ये संघर्ष-विराम टिकेगा. मैं इसके लिए प्रार्थना करता हूँ. वैसे भी नेतन्याहू ने कभी भी मुझे दिये अपने शब्द बदले नहीं हैं. हालांकि, मैंने यह साफ़ कहा है कि वेस्ट बैंक में रहने वाले फ़लस्तीनियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए और अब्बास को फ़लस्तीनी लोगों का नेता माना जाना चाहिए जो कि वो हैं भी.”

    इस प्रेस वार्ता में बाइडन ने कहा कि “हमास एक चरमपंथी संगठन है.अमेरिका ऐसा ही मानता है. लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि अमेरिका आम फ़लस्तीनी नागरिकों की ग़ज़ा में मदद नहीं करेगा जिनपर इस संघर्ष की दो-तरफ़ा मार पड़ी है.”

    उन्होंने कहा, “इसराइली नागरिक, चाहे वो अरब हो या यहूदी, सभी को बराबरी का दर्जा मिलना चाहिए और लोगों में आपसी बैर पर रोक लगनी चाहिए.”

    जो बाइडन ने बताया कि उनके प्रशासन के वरिष्ठ सदस्य इसराइली सरकार में अपने समकक्षों समेत मिस्र और मध्य-पूर्व के अन्य देशों से लगातार संपर्क में हैं.

    इस प्रेस वार्ता में दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति मून जे इन ने भी युद्ध विराम पर ख़ुशी ज़ाहिर की और उन्होंने कहा कि “वो राष्ट्रपति बाइडन की मेहनत का सम्मान करते हैं जिन्होंने लगातार इसके लिए प्रयास किया.”