सीरियल किलर जो इंसानों को नहीं मारता

  • 2 नवंबर 2017
बिल्ली

ब्रिटेन के लोग साल 2015 से एक सीरियल किलर के ख़ौफ़ में जी रहे हैं. वो ना जाने कब दबे पांव आता है, मौत की नींद सुलाता है और चला जाता है. वो कौन है, क्यों ऐसा करता है ये अभी तक किसी को पता नहीं.

आपको जानकर हैरानी होगी कि ये सीरियल किलर बिल्लियों को अपना शिकार बनाता है. जी हां, ब्रिटेन में 2015 से अब तक करीब 370 पालतू जानवर इसका शिकार बन चुके हैं. हालांकि, इनमें कुछ खरगोश, लोमड़ी और उल्लू के बच्चे भी शामिल हैं लेकिन पालतू बिल्लियां सबसे ज़्यादा हैं.

सबसे पहला केस दक्षिण लंदन के इलाक़े क्रॉयडन में सामने आया था. इसीलिए मीडिया ने इसे क्रॉयडन कैट सीरियल किलर का नाम दिया. इसे एम-25 के नाम से भी लोग जानने लगे. धीरे-धीरे लगभग पूरे लंदन से ऐसी वारदातों की ख़बर आने लगी. देखते ही देखते केंट, बर्मिंघम, आइल ऑफ वाइट, विरल और शेफील्ड में भी कैट सीरियल किलर की दहशत फैलने लगी.

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शोक सभा का आयोजन

लंदन में अब तक जितनी पालतू बिल्लियां मारी गई हैं उनकी याद में क्रॉयडन के क्वार्क मीटिंग हॉल में एक सभा का आयोजन किया गया. ये सभा इसी साल जून महीने में आयोजित की गई थीं. जिन्होंने भी अपनी अज़ीज़ बिल्लियों को खोया था वो सभी यहां जमा हुए थे और उनकी याद में मोमबत्तियां जलाई थीं.

पिछले दो सालों से एक महिला बोडिका राइज़िंग अपने शौहर टोनी जेनकिन्स के साथ मिलकर कैट किलर को पकड़ने की कोशिश कर रहे हैं. राइज़िंग मूल रूप से दक्षिण अफ़्रीक़ा की रहने वाली हैं.1994 में वो लंदन आकर बस गई थीं. तभी से वो यहां जानवरों के लिए काम कर रही हैं. उन्होंने जानवरों के लिए एक ख़ैराती संस्था खोली है. इसका नाम है 'साऊथ नॉरवुड एनिमल रेस्क्यू एंड लिबर्टी' . इसे 'स्नार्ल' के नाम से भी जाना जाता है.

Image caption बोडिका राइज़िंग

सीरियल किलर को पकड़ने के लिए ऑपरेशन

बोडिका कहती हैं 2015 में जब ये मामला सामने आया, तो उन्हें लगा था कि ये किसी गैंग का काम है. लेकिन बाद में पता चला कि ये कोई सीरियल किलर है. वो कहती हैं कि उन्होंने ऐसे बहुत से वीडियो पर काम किया है जो जानवरों के मारे जाने से संबंधित हैं.

कैट सीरियल किलर को पकड़ने के लिए बाक़ायदा एक ऑपरेशन चलाया जा रहा है जिसका नाम है 'ताकाहे'. इस ऑपरेशन में टोनी और बोडिका पुलिस की मदद कर रहे हैं. किसी भी पालतू बिल्ली की मौत के बाद सबसे पहले पुलिस उन्हीं से जानती है कि मौत एक्सिडेंट में हुई है या फिर उसे मारा गया है. पोस्टमार्टम के बाद वो ये भी बता देते हैं कि पालतू को किसी एक ही आदमी ने मारा है या फिर अलग-अलग लोगों ने.

'स्नार्ल' संस्था की मदद से ही पुलिस कैट किलर के तरीक़ो को समझ पाई है. ये सीरियल किलर अक्सर दूर-दराज़ के रिहाइशी इलाक़ों में रात के वक़्त अपना शिकार तलाशता है. वो उन्हें खाने की चीज़ का लालच देकर पास बुलाता है और तुरंत ही तेज़ वार से ज़ख़्मी कर देता है. इसके बाद क़रीब आधे घंटे तक उसका सारा ख़ून निकलने का इंतज़ार करता है. फिर वो अपने शिकार को किसी दूसरी जगह ले जाता है. उसके जिस्म के हिस्सों को अलग-अलग काटता है और उन्हें सार्वजनिक स्थानों जैसे खेल के मैदान या सड़क आदि पर फेंक देता है.

कैट किलर ऐसा इसलिए करता है, ताकि किसी को ये पता ही ना चले कि असल में ये घिनौना काम हुआ कहां पर है. वैसे तो ये हैवान एक इलाक़े में शिकार के बाद दूसरे इलाक़े में निकल जाता है. लेकिन कई बार एक ही इलाक़े में दो बार हमला करता है.

Image caption अपराधी को पकड़ने के लिए ईनाम की भी घोषणा

जानवरों के बाद इंसानों पर हमले का डर

बोडिका कहती हैं कि लोगों को इस बात का यक़ीन ही नहीं है कि ये किसी सीरियल किलर का काम है. वो तो यही मानते हैं कि कोई लोमड़ी या दूसरा जानवर बिल्लियों को मार रहा है. ऐसे लोग समस्या की गंभीरता को नहीं समझ पा रहे हैं. बल्कि कुछ लोग तो बोडिका की संस्था पर ही आरोप लगाते हैं कि वो ऐसे मामलों को मिर्च मसाला लगाकर पेश कर रही है.

वहीं कुछ लोगों को ये डर भी सता रहा है कि कहीं ये सीरियल किलर जानवरों के बाद उन पर हमला ना शुरू कर दे.

जासूस एंडी कॉलिन का कहना है कि लोगों का डर वाजिब है. नेशनल क्राइम एजेंसी ने सीरियल किलर का ख़ाका तैयार किया है. इससे इशारा मिलता है कि सीरियल किलर को महिलाओं से दिक़्क़त है. चूंकि बिल्लियां मादा हैं इसीलिए वो इन्हें अपना शिकार बनाता है. डर इस बात का है कि अगर इस सीरियल किलर का हौसला बढ़ गया तो ये किसी भी महिला को निशाना बना सकता है. कॉलिन का कहना है कि इस सीरियल किलर की कुंठा यही है कि वो अपने उस शिकार को नहीं पकड़ पा रहा है, जिसे वो असल में मारना चाहता है.

अगस्त महीने में क्राइम सीन पर एक शख़्स को देखा गया था. इसके बाद उसका स्केच जारी किया गया. अब मसला ये है कि ये सीरियल किलर शांत जगहों पर ही अपना शिकार तलाशता है. ऐसी जगहों पर सीसीटीवी भी पूरी तरह से नहीं हैं. ना ही कोई फोरेंसिक सबूत मिलता है, जिसकी बुनियाद पर उसकी तलाश की जा सके.

कॉलिन कहते हैं कि यक़ीनन ये किलर दस्ताने पहनकर जुर्म को अंजाम देता है ताकि उसकी स्किन का ज़र्रा भी बिल्ली के पंजे में रह जाए. ये किलर बहुत शातिर मालूम देता है.

सितंबर महीने में ब्रिटेन की फोरेंसिक लेबोरेट्री ने ये एलान किया कि वो सीरियल किलर की शिकार बिल्लियों के शरीर को एक बार फिर से जांचेंगे. इस काम के लिए नाओमी नाम कि एक महिला सबसे पहले आगे आईं. उन्होंने सीरियल किलर का शिकार अपनी पालतू बिल्ली का शरीर 15 महीने तक फ़्रीज़र में रखने की इजाज़त दी.

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Image caption 2016 से पुलिस ऐसे मामलों की जांच कर रही है

नाओमी कहती हैं कि उनकी बिल्ली इवी के मौत के बाद वो कई हफ़्ते काम पर भी नहीं जा पाई थीं. इवी की मौत उनके लिए बहुत बड़ा सदमा थी. अब वो अपनी दूसरी बिल्लियों को लेकर बहुत सावधान रहती हैं. सभी को घर में बंद करके काम पर जाती हैं. कभी भी उन्हें अकेला नहीं छोड़तीं. नाओमी चाहती हैं कि उनकी प्यारी बिल्ली इवी को इंसाफ़ मिले.

बोडिका का कहना है कि नाओमी जैसे लोगों की कहानी सुनकर ही लोगों को एहसास होगा कि ये सीरियल किलर किस स्तर पर लोगों को जज़्बाती नुक़सान पहुंचा रहा है. आज इस सीरियल किलर के निशाने पर बेज़ुबान हैं. हो सकता है कल ये इंसानों को अपना शिकार बनाना शुरू कर दे. इससे पहले कि बहुत देर हो जाए लंदन के लोगों को इस मसले की गंभीरता को समझना होगा.

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