क्या यह दुनिया का सबसे ताज़ा समुद्री खाना है?

  • 10 नवंबर 2019
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दक्षिण कोरिया के दक्षिणी तट से दूर प्रशांत महासागर के बीच में है जेजू द्वीप.

सफ़ेद रेत और काली ज्वालामुखीय चट्टानों वाले तट के करीब नारंगी रंग की छत वाला एक रेस्तरां है- प्योंगडाई सनगाई गुक्सु.

अंदर जाने पर जो चीज़ सबसे पहले नोटिस होती है वह है समुद्र से निकलती हुई महिला गोताखोरों की तस्वीरों की सीरीज़, जिनको एक दीवार पर चिपकाया गया है.

ये महिला गोताखोर एक समुदाय की सदस्य हैं जिनको पूरे देश में हेन्यो (समुद्री महिलाएं) के नाम से जाना जाता है.

वे जलपरी की तरह हैं. बिना ऑक्सीजन मास्क के वे 10 मीटर की गहराई तक गोते लगा सकती हैं और सीप, एबालोन और अन्य जीवों को पकड़कर ला सकती हैं.

हेन्यो अपने काम को "मुजिल" (पानी का काम) कहती हैं और साल के 90 दिन रोजाना 7 घंटे यह काम करती हैं.

वे मोलस्क (घोंघा, सीप, ऑक्टोपस वगैरह) और अन्य जलीय जीवों को हाथ से ही पकड़ती हैं या कभी-कभी मछली पकड़ने वाले कांटे का इस्तेमाल करती हैं.

गोता लगाने से पहले ये महिलाएं समुद्र की देवी से सुरक्षा और प्रचुरता की प्रार्थना करती हैं. पानी के नीचे कई मिनट बिताने के बाद जब वे बाहर आती हैं तो सीटी बजाकर साथी गोताखोरों तक संदेश भेजती हैं.

सदियों पुरानी परंपरा

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जेजू द्वीप पर महिला गोताखोरों की यह परंपरा 17वीं सदी से चली आ रही है. यहां खेती करने लायक जमीन कम है और तूफानी हवाएं बहती हैं. मज़बूरी में लोगों को समुद्र का सहारा है.

1910 से 1945 के बीच जब कोरिया जापान के कब्ज़े में था तब इन हेन्यो का काम बहुत अहम हो गया था.

1950 के दशक में कोरिया का युद्ध शुरू हुआ तब महिलाओं को अपना घर चलाने के लिए ये काम करना पड़ा.

एक जमाने में 7 साल की लड़कियों को भी हेन्यो बनने का प्रशिक्षण दिया जाता था.

जेजू हेन्यो म्यूजियम के मुताबिक "1965 में जेजू द्वीप पर 23,000 महिला गोताखोर थीं."

"यह तादाद 15 साल से अधिक उम्र की महिलाओं की कुल आबादी का करीब 21 फीसदी थी और मछली उद्योग में लगी महिलाओं का 80 फीसदी."

हाल के दशकों में कई महिलाएं द्वीप छोड़कर चली गई हैं और आधुनिक काम अपना लिया है. इससे जेजू की हेन्यो कम और उम्रदराज हो गई हैं.

स्थानीय सरकारी आंकड़ों के मुताबिक अब 4,000 से कुछ कम हेन्यो बची हुई हैं. इनमें से 84 फीसदी 60 साल या उससे ज़्यादा उम्र की हैं.

मुश्किल काम, पैसे कम

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हेन्यो को अब अपनी मेहनत की अच्छी कीमत मिलती है फिर भी उनके काम को निचले दर्जे का और ख़तरनाक माना जाता है.

काम के दौरान कई गोताखोरों की मौत हो चुकी है और उनको डीकम्प्रेशन की बीमारी भी हो जाती है.

वे जिन जलीय जीवों को पकड़ती हैं वे पूरे कोरिया में डिनर टेबल तक पहुंचते हैं, लेकिन कुछ ही हेन्यो पढ़ी-लिखी हैं या अपने कारोबार पर नियंत्रण रखती हैं.

हाल में सामाजिक धारणाएं बदलने और 2016 में हेन्यो की प्रथा को यूनेस्को से सांस्कृतिक विरासत की मान्यता मिलने के बाद अब जाकर हालात बदलते दिख रहे हैं.

प्योंगडाई सनगाई गुक्सु रेस्तरां की 65 वर्षीय मालकिन पार्क सुक-ही कहती हैं, "जब मैंने यूनेस्को की मान्यता के बारे में सुना तब पहली बार मुझे हेन्यो होने पर गर्व महसूस हुआ."

पार्क सुक-ही की बेटी को राउ-जिन (34) रेस्तरां चलाने में उनका साथ देती हैं. वह भी हेन्यो हैं.

पार्क और को का नूडल-ज्वाइंट जेजू का इकलौता लाइसेंस वाला रेस्तरां है जो हेन्यो का है और वे ही इसे चलाती हैं. यहां उन्हीं के पकड़े हुए समुद्री जीवों से तैयार खाना मिलता है.

पार्क और को ने 2015 में अपने घर में यह रेस्तरां खोला था. घर और रेस्तरां के बीच एक आंगन है.

रेस्तरां की दीवार पर तस्वीरों के कोलाज, अखबारों की कतरनें और ग्राहकों के थैंक्यू-कार्ड चिपके हुए हैं.

वहां राष्ट्रपति मून जे-इन के दस्तखत वाला एक पत्र भी है जिनमें उनके काम की तारीफ है. वहां एक टीवी शो की भी तस्वीरें हैं जिसमें मां-बेटी शामिल हुई थीं.

2018 के प्योंगचांग विंटर गेम्स की ओलंपिक मशाल के साथ तैरती हुई को की एक तस्वीर भी है.

वहां 4 टेबल हैं जिनपर 4-4 लोग बैठ सकते हैं. मैं दोपहर 3 बजे वहां पहुंची थी, फिर भी सारी सीटें भरी हुई थीं.

पार्क और को ग्राहकों के ऑर्डर पूरी कर रही थीं, साथ ही को की 6 साल की बेटी पर भी नज़र रख रही थीं.

ताज़ा समुद्री खाना

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खिड़की पर समुद्री साही (सी अर्चिन) के खाली खोल गिरे हुए थे. कैश रजिस्टर के नीचे लिखा था- "हमारे 100 फीसदी सी-फ़ूड प्योंगडाई-री हेन्यो ने प्योंगडाई-री के समुद्र से पकड़े हैं. हमारी 100 फीसदी सब्जियां जेजू द्वीप की हैं और किमची (सलाद) कोरियाई है."

को कहती हैं, "जेजू के लोग स्थानीय और आयातित मछली का फर्क बता सकते हैं. यहां की मछलियों में तेज़ गंध होती है और स्वाद मीठा होता है."

उनके रेस्तरां का नाम उनके एक ख़ास डिश सनगाई गुक्सु (समुद्री साही नूडल्स) के नाम पर रखा गया है.

यह जेजू द्वीप का पारंपरिक खाना है जिसमें आटा नूडल्स के ऊपर सब्जियां और समुद्री साही का गोश्त रखा जाता है और गर्म शोरबे के साथ परोसा जाता है.

पारंपरिक रूप से सनगाई गुक्सु को एन्कोवी मछलियों के साथ पकाया जाता है, जो आसानी से मिलता है. 12 साल पहले पार्क ने नूडल्स को समुद्री साही के शोरबे के साथ पकाकर देखा.

"इसका कोई नुस्खा नहीं है. शोरबे को समुद्री साही के साथ उबालते हैं, नूडल्स को पकाते हैं, उसके ऊपर समुद्री साही, गाजर, हरा प्याज और तिल के बीज डालते हैं. बस हो गया."

उनके रेस्तरां को सिर्फ़ 4 साल हुए हैं, लेकिन उनके अनूठे डिश का जायका चखने के लिए पूरे कोरिया से लोग आते हैं.

समुद्री साही को मार्च से जून के बीच ही पकड़ा जा सकता है. पार्क और को पूरे साल दूसरे समुद्री जीवों को पकड़ने के लिए गहरे समुद्र में उतरती हैं. लेकिन इन चार महीनों में वे 6 अन्य गोताखोरों के साथ सिर्फ़ समुद्री साही पकड़ती हैं.

कांटों से भरे, काले रंग के समुद्री साही काली ज्वालामुखीय चट्टानों के बीच में छिपे होते हैं.

को कहती हैं, "यदि मौसम अच्छा हो तो हम समुद्री साही के कांटों को दूर से ही देख सकते हैं. लेकिन मौसम ठीक न हो तो हमें चट्टानों के बीच उनको ढूंढ़ना पड़ता है."

खाने की तैयारी

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पार्क और को दूसरी हेन्यो से उनके समुद्री साही खरीद लेती हैं और खोल को हटाकर उनका गोश्त निकालने में उनकी मदद लेती हैं. किस्मत अच्छी हो तो एक दिन में उनको 1,000 समुद्री साही मिल जाते हैं.

ज़्यादातर हेन्यो अपने साथ छुरी रखती हैं जिससे कांटों से भरे खोल को हटाना आसान होता है, लेकिन पार्क और उनकी टीम यह काम हाथ से ही करती हैं. "गोश्त निकालने के लिए हमें सिर्फ़ चम्मच की ज़रूरत होती है."

जो गोश्त रेस्तरां में उसी दिन नहीं परोसा जाता, उसे तारीख डालकर आगे के लिए फ्रीजर में रख लिया जाता है.

को कहती हैं, "यदि आप सीजन में इसे खाएं तो यह थोड़ा अधिक मीठा लगता है, लेकिन हम इसे एकदम ताज़ा फ्रीज करते हैं."

"ज़्यादातर रेस्तरां जब उनको फ्रीजर में रखते हैं तो उनको पता नहीं होता कि किस मछली को कहां पकड़ा गया था और उनको कब स्टोर किया गया."

रसोई में पार्क शोरबे को चखकर देखती हैं और अन्य सामग्रियां तैयार करती हैं. को रजिस्टर संभालती हैं.

मेन्यू के अन्य व्यंजनों में एक तरह का ठंडा नूडल भी है जिसके ऊपर मसालेदार सॉस बिबिम-गुक्सु डाला जाता है. धीमी आंच पर पकाया गया पैनकेक भी है जिसे सी-फ़ूड जियोन कहा जाता है.

मौसम के मुताबिक बिबिम-गुक्सु और जियोन को 10 मीटर गहरे समुद्र से निकाले गए ऑक्टोपस या शंख के गोश्त से तैयार किया जा सकता है.

गर्मियों के अंत में और सर्दियों की शुरुआत में अगर आप जेजू द्वीप गए हों तो ऑक्टोपस का ऑर्डर दें.

गरीब तबका

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हेन्यो मछलियों के लिए गोते लगाने में वर्षों गुजार देती हैं, लेकिन उन्हें शायद ही ख़ुद कभी इनको खाने का मौका मिला हो.

पार्क का जन्म कोरियाई युद्ध के आख़िरी दौर में हुआ था. उनकी मां भी हेन्यो थी. वह 90 साल की उम्र में रिटायर हुई थी.

पार्क कहती हैं, "मेरे बचपन में समुद्री साही हमारे लिए बहुत महंगे थे. इसलिए हम सब मियुक-गुक (समुद्री शैवाल का सूप) और चावल खाते थे."

को के पिता को जीवन भर की एक बीमारी थी, इसलिए 5 बच्चों की जिम्मेदारी पूरी तरह पार्क के कंधों पर थी.

को कहती हैं, "हेन्यो का जीवन कठिन होता है, लेकिन मेरी मां बहुत तकलीफ से गुजरी हैं." 34 साल की को समुदाय की सबसे युवा लाइसेंसधारी हेन्यो हैं.

इस परंपरा को ज़िंदा रखने की सरकार की कोशिशों के बावजूद सैकड़ों हेन्यो हर साल रिटायर हो रही हैं और बहुत कम युवा महिलाएं इस पेशे के शारीरिक और मानसिक दबाव को झेल पाती हैं.

2008 के बाद हेन्यो का प्रशिक्षण देने वाले कुछ स्कूल खोले गए हैं, लेकिन वहां से साल में सिर्फ़ कुछ दर्जन हेन्यो ही निकल पाती हैं. उनमें से भी गिनी-चुनी हेन्यो ही इस क्षेत्र में करियर बनाती हैं.

दिलचस्प है कि पार्क ने को के 25 साल की होने तक उनको कभी पानी के पास भी नहीं जाने दिया था. को के हेन्यो बनने का सुझाव उन्होंने सिर्फ़ 6 साल पहले दिया था.

दूसरी बेटी को जन्म देने के बाद को बुरी तरह अवसाद की शिकार हो गई थीं.

"मैं अपने लिए नियमित 9 से 5 की कोई नौकरी नहीं ढूंढ़ पाई तो मेरी मां ने सोचा कि अगर मैं समुद्र में उतरूं तो हो सकता है कि मैं अच्छा महसूस करूं."

सामुदायिक भावना

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गोताखोरी कौशल के साथ-साथ हेन्यो समुदाय की मज़बूत भावना के लिए भी जानी जाती हैं. महिलाएं अपने मुनाफे को बराबर-बराबर बांटती हैं और गर्भावस्था, बीमारी या पारिवारिक संकट में एक-दूसरे की सहायता करती हैं.

सबसे अनुभवी हेन्यो मास्टर (संगुम) अपनी जूनियर्स को प्रशिक्षित करती हैं और उन्हें पानी के अंदर सांस लेने की कला (सुंबिसोरी) और अन्य गुर सिखाती हैं.

जब को ने हेन्यो का प्रशिक्षण लिया तब मां-बेटी ने एक कॉफी शॉप खोलने की सोची.

चार साल पहले जब उन्होंने अपना रेस्तरां खोलने की योजना बनाई तो इस तनाव भरे कारोबार में उतरना आसान नहीं था.

इसमें दोपहर बाद और शाम में बहुत ज़्यादा तनाव होता है और सुबह का समय कच्चे माल की आपूर्ति पर ख़र्च होता है.

अगस्त में मछलियों के प्रजनन का मौसम होता है और हेन्यो के लिए पानी में उतरने की मनाही होती है. उस एक महीने के छोड़कर मां-बेटी रोजाना सुबह 6 बजे काम शुरू कर देती हैं.

वे चार से छह घंटे के लिए गोते लगाती हैं और फिर पूरे दिन के लिए अपने रेस्तरां की ओर चल देती हैं.

को रात में अपनी दोनों बेटियों के साथ ज़्यादा से ज़्यादा वक़्त बिताने की कोशिश करती हैं. उस वक़्त पार्क हेन्यो के लिए ज़रूरी पर्यावरण व्याख्यानों या हेन्यो प्रमुखों की बैठकों में भाग लेती हैं.

बुधवार उनकी छुट्टी का दिन होता है. उस दिन पार्क खेतों में जाती हैं. "मैं सूरज निकलने से पहले जग जाती हूं और गर्मी होने तक गाजर की खेती करती हूं."

हरा प्याज, प्याज, गाजर... जो भी सब्जियां हम लोगों को खिलाते हं, वे असल में हमारे खेतों की ही होती हैं."

लजीज खाना

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जब मैंने पहली बार पार्क के गर्म सनगाई गुक्सु नूडल खाया तो वह इतना ताज़ा और लजीज था कि मैं पांच दिन उस गांव में रही और पांचों दिन वही खाती रही.

हर रोज मैं थोड़ा सा नूडल्स मांगती थी और पार्क और को कटोरे को ऊपर तक भर देती थीं.

जब भी मैं थोड़ा और किमची मांगती थी और खाली बरतन रसोई में लौटाती तो पार्क दादी मां की तरह मुस्कुराती थीं.

एक दिन मैं सुबह के नाश्ते और रात के खाने, दोनों वक़्त पहुंची तो वह बहुत खुश थीं. उन्होंने नाश्ते में मुझे सनगाई गुक्सु और रात में जियोन खिलाया.

मैंने बिल चुकाते समय एक व्यक्ति को बोलते सुना, "क्या एक कटोरे नूडल्स के लिए सिर्फ़ 8,000 वॉन (5.25 पाउंड)!

को ने उनको बताया कि उनकी मां पर्याप्त से ज़्यादा पैसे लेने में विश्वास नहीं रखतीं.

पार्क का कहना है कि हेन्यो होने के कारण वह समुद्र की अहमियत समझती हैं. वह अपने रेस्तरां को समुद्र के उपहारों के बारे में बताने का जरिया समझती हैं.

"ऐसे लोग हैं जो 3 दिनों तक इधर रुकते हैं और तीनों दिन यहीं खाना चाहते हैं. कुछ लोग सीधे एयरपोर्ट से यहां आते हैं ताकि जेजू के पहले सी-फ़ूड को खा सकें."

"मैं समुद्र की शुक्रगुजार हूं कि उसने मुझे इस तरह की ज़िंदगी जीने की इजाज़त दी."

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