'इस उम्र में आकर अपने हक़ के लिए लड़ना पड़ रहा है'
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'चीन से लड़ा, अब हक़ के लिए सरकार से'

  • 3 नवंबर 2016

दिल्ली में जंतर मंतर पर 'वन रैंक वन पेंशन' (ओआरओपी) की माँग को लेकर प्रदर्शन कर रहे कुछ पूर्व सैनिकों से इस मसले पर बीबीसी हिन्दी ने उनकी राय जानी.

इन सैनिकों का कहना था कि, 'देशभक्ति की बातें करने वाली सरकार उनकी उपेक्षा कर रही है.'

88 वर्षीय नायब सूबेदार किशनलाल बख़्शी के अनुसार, 'जब चीन से जंग शुरू हुई तो मैं चीनी सेना का सामना करने के लिए सरहद पर था. उसी दौरान मुझे युद्धबंदी बना लिया गया. मैं बारह महीने तक चीन के सिक्यांग प्रांत में युद्धबंदी रहा. चीन ने मुझे प्रताड़ित नहीं किया. मेरे साथ सैकड़ों भारतीय सैनिक युद्धबंदी थे. हम सबके साथ चीन ने बढ़िया सुलूक किया लेकिन उस हार की कसक अब भी है. इस सबके साथ उम्र के इस पढ़ाव में आकर हमें अपने हक़ के लिए सड़क पर आकर प्रदर्शन करना पड़ रहा है.'