लकड़ी के घरों में वक़्त आराम से रहता है...

लकड़ियों से बने ये घर महज़ इमारतें नहीं हैं, इनसे बीते कल की सदा आती है. मानो वक़्त यहां ठहर सा गया हो.

रूस के पुराने घर
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रूस में लकड़ियों से बने ये पुराने घर उम्दा नक़्क़ाशी और बेमिसाल कलाकारी की झलक पेश करते हैं. लेकिन अब वक़्त की दीमक इन्हें आहिस्ता-आहिस्ता कमज़ोर बना रही है.

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इसकी कई वजह हैं. गांवों से शहरों की तरफ पलायन, पैसे की तंगी और कुछ हद तक इन्हें नज़रअंदाज़ करने की वजह से ये इमारतें कमज़ोर हो रही हैं.

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जानकार बताते हैं कि पुराने वक़्त में रूस की स्थापत्य कला में लकड़ियों की बड़ी भूमिका हुआ करती थी.

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ये इमारतें पुराने रूस की धरोहर हैं. तब छोटे-बड़े चर्च भी लकड़ी से बनते थे और आम लोगों के मकान भी.

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केवल रईस लोग ही ईंट की बुनियाद पर घर बनाया करते थे. इतना ही नहीं, कहते हैं कि इन इमारतों में कीलों का इस्तेमाल भी नहीं किया जाता था.

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ये घर इस तरह से बनाए जाते थे कि इन्हें खोलकर कहीं और फिर से जोड़ा जा सकता था. इनमें से कई घरों की उम्र 100 बरस से भी ज़्यादा है.

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इनमें से कई घर अब जर्जर अवस्था में हैं. लोगों के शहरों में जाकर बसने के अलावा इन घरों के सुनसान होने की एक वजह यहां लगातार कम होती जन्म-दर भी है.