सीरिया में तबाही मिलेगी, बचपन नहीं

सीरिया में जारी संघर्ष के बीच बचपन खो सा गया है.

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सीरिया में जारी संघर्ष के बीच वहां के बच्चे किस माहौल में बड़े हो रहे हैं, यह सवाल ग़ौर करने लायक है. तस्वीर में एक घायल लड़की अपनी तकलीफ़ बयान करती हुई.

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ये तस्वीरें दमिश्क शहर से 10 किलोमीटर दूर डुमा शहर की हैं, जहां बच्चों की ज़िंदगी का अंदाज़ा लगाया जा सकता है. यहां बच्चे एक क़ब्र की खुदाई देख रहे हैं.

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संघर्ष प्रभावित इलाक़ों में सबसे ज़्यादा ख़ामियाज़ा बच्चों को ही भुगतना पड़ता है. जो कुछ उनके आस-पास घटता है, वो उनका बचपन छीन लेता है.

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डुमा पर बाग़ियों का नियंत्रण है. तस्वीर में एक टूटी-फूटी इमारत के साये में खेलते बच्चे.

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डुमा का पूरा प्रशासनिक ढांचा, नागरिक सुविधाएं अस्त-व्यस्त हैं. पानी के नल के पास इंतज़ार करते बच्चे.

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शहर में इस तरह के गड्ढे हवाई हमलों की दास्तां कहते हैं. ऐसे ही एक गड्ढे का म्आयना करते बच्चे. पास ही खेलने का एक मैदान भी है.

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सीरिया के अशांत इलाक़ों में मदद पहुंचाने की अंतरराष्ट्रीय कोशिशें जारी हैं. हालांकि, इसके ठोस नतीजे नहीं दिखते. डुमा की गलियों में खेलते बच्चे.

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पूरा शहर ही टूटी इमारतों के मलबे में तब्दील हो गया लगता है. इमारतें रहने लायक़ नहीं रह गईं हैं. इसी तबाही के बीच दौड़ता एक बच्चा.