हिंदू का शव दफन, मुस्लिम की चिता

हिंदू का शव दफन, मुस्लिम की चिता

ये दो ऐसे हिन्दू-मुस्लिम परिवारों की कहानी है जो राजधानी दिल्ली में 29 अक्टूबर 2005 को सिलसिलेवार बम धमाकों में डबल ट्रेजेडी का शिकार हुए थे जिसकी जानकारी अब सामने आई है.

इन बम धमाकों में 67 लोगों की जानें गई थीं जिनमे से एक सुरेंद्र कुमार के बड़े भाई कुशलेन्द्र कुमार और मुहम्मद शमीम नाम के युवक शामिल थे. बीस साल के ये दोनों युवा सरोजिनी नगर मार्केट में उस दिन हुए बम धमाकों में मारे गए थे.