'बीजेपी और आरएसस को जेएनयू से समस्या'

बीजेपी और आरएसएस के लिए जेएनयू कोई नई समस्या कोई नहीं है. इनके हाथ में सत्ता आई तो यहां भी हिन्दुवादी कार्यक्रमों को लागू करना शुरू कर दिया. कैंपस के भीतर जो एक लोकतांत्रिक स्पेस थी वह सिमट रही है. प्रतिरोध के स्वरों को राष्ट्रवाद के नाम पर दबाया जा रहा है.''