...विनोद लेक्चरर बनना चाहते थे

...विनोद लेक्चरर बनना चाहते थे

विनोद कुमार यादव की उम्र 35 साल है और वो बेरोज़गार हैं.

विनोद लेक्चरर बनना चाहते थे, इसलिए उन्होंने पीएचडी भी कर ली. मगर उनके पास कोई नौकरी नहीं है.

पीएचडी के बाद उन्हें किसी कॉलेज में दो या तीन महीनों तक बतौर गेस्ट लेक्चरर पढ़ाने का मौक़ा मिला. इसके बावजूद उन्हें पक्की नौकरी कहीं नहीं मिली. उन्हीं से सुनिए क्यों?

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