रवींद्र जैन: 'गीत गाता चल' का फनकार
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रवींद्र जैन: 'गीत गाता चल' का फनकार

रवींद्र जैन जैसे विलक्षण संगीतकार की पूरी देन एक ऐसे प्रबुद्ध कलाकार के योगदान की तरह रेखांकित की जा सकती है, जिन्होंने संगीत-निर्देशन के साथ-साथ गीत और कविता लिखने का भी बहुत ही सफल और सार्थक काम किया है.

वे उन चंद बिरले संगीतकारों में रहे हैं, जिन्होंने कविता, शायरी और गीत की समझ को आत्मसात करते हुए लीक से हटकर कुछ गम्भीर तरह का काम किया है.

रवींद्र जैन इसी मायने में अलग राह के एक ऐसे समावेशी संगीतकार के रूप में देखे जा सकते हैं, जिन्होंने ग्रामीण और शहरी जीवन के मनोभावों को फ़िल्मी धुनों के लिए रचकर अमर बनाया है.

बीबीसी हिंदी की ख़ास सिरीज़ 'संग-संग गुनगुनाओगे' में संगीत समीक्षक यतींद्र मिश्र की इस बार की पेशकश है रवींद्र जैन पर.

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