ब्रितानी कारतूस से भड़की भारतीय क्रांति की ज्वाला
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मंगल पांडे की गोली से कैसे भड़की क्रांति की ज्वाला

  • 8 जनवरी 2018

मंगल पांडे को फांसी दिए जाने के 160 साल भी भारत के स्कूलों में उन्हें याद किया जाता है.

इतिहासकारों के मुताबिक़, 1857 की क्रांति की प्रमुख वजहों में से एक वजह ये थी कि मंगल पांडे और उनके साथियों को कारतूसों को मुंह से दबाकर निकालना पड़ता था.

1857 की क्रांति में मंगल पांडेय ने किसे मारी आखिरी गोली?

इन कारतूसों पर गाय और सुअर की चर्बी चढ़ी होती थी. ऐसे कारतूसों को चलाने के लिए मुंह से दबाकर निकलना पड़ता था जो हिंदू-मुस्लिम सिपाहियों की धार्मिक भावनाओं के ख़िलाफ़ था.

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