'भारत में अंग्रेज़ी को ज़रूरत से ज़्यादा अहमियत'
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'भारत में अंग्रेज़ी को ज़रूरत से ज़्यादा अहमियत'

  • 5 फरवरी 2018

लिट्रो पत्रिका के मुख्य संपादक एरिक अकोटो का मानना है कि भारत में अंग्रेज़ी को ज़रूरत से ज़्यादा अहमियत मिली हुई है.

उन्होंने कहा, "भारत में अँग्रेज़ी को ज़रूरत से ज़्यादा अहमियत दी जाती है. इसे मुट्ठीभर लोग लाए थे और वो अरसा पहले हिंदुस्तान छोड़कर चले गए. जबकि भारत की भाषाएँ पिछले दो हज़ार बरसों से मौजूद हैं."

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