'भारत में अंग्रेज़ी को ज़रूरत से ज़्यादा अहमियत'

'भारत में अंग्रेज़ी को ज़रूरत से ज़्यादा अहमियत'

लिट्रो पत्रिका के मुख्य संपादक एरिक अकोटो का मानना है कि भारत में अंग्रेज़ी को ज़रूरत से ज़्यादा अहमियत मिली हुई है.

उन्होंने कहा, "भारत में अँग्रेज़ी को ज़रूरत से ज़्यादा अहमियत दी जाती है. इसे मुट्ठीभर लोग लाए थे और वो अरसा पहले हिंदुस्तान छोड़कर चले गए. जबकि भारत की भाषाएँ पिछले दो हज़ार बरसों से मौजूद हैं."