''ये ऑटो नहीं, ज़िंदगी है मेरी''
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'ये ऑटो नहीं, ज़िंदगी है मेरी'

  • 4 मई 2018

रोज़ी-रोटी कमाने के लिए हर तबके की महिलाएं घर से बाहर निकल रही हैं.

बिहार की राजधानी पटना में महिलाएं ऑटो चला रही हैं.

इन महिलाओं को इसके लिए ट्रेनिंग दी गई है और सरकारी सहायता भी.

वीडियो रिपोर्ट/शूट-एडिट: शारिक़ अहमद

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