धंधा-पानी
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तेल के बढ़ते दाम से संकट में आम लोग

  • 5 मई 2018

कच्चे तेल के दाम एक बार फिर उछलने लगे हैं और इसके साथ ही बढ़ने लगी है सरकार की और आम जनता की चिंता. वजह ये है कि भारत में लगभग अस्सी फ़ीसदी तेल का आयात होता है. दक्षिण एशियाई देशों में पेट्रोल और डीज़ल के सबसे ज़्यादा रीटेल दाम भारत में हैं.

अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में कच्चे तेल के भाव लंबे समय तक स्थिर रहे और अब इसमें उबाल का दौर है. फरवरी 2016 में कच्चा तेल (ब्रेंट क्रूड) जहां 27 डॉलर प्रति बैरल के भाव पर था, वहीं अप्रैल 2018 में ये भाव 70 डॉलर के पार पहुंच गया है. एक बैरल में तकरीबन 162 लीटर कच्चा तेल होता है. नतीजा ये हुआ कि भारत में भी पेट्रोल, डीज़ल के दाम चार साल के उच्चतम स्तर पर पहुँच गए हैं.

धंधा-पानी में बात तेल के बढ़ते दाम की और क्या हो सकता है इसका भविष्य .

स्क्रिप्ट- दिनेश उप्रेती

प्रोड्यूसर - सुमिरन प्रीत कौर

एडिट- निमित वत्स , ऐनिमेशन - निकिता

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